राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ में 108 विद्यार्थियों को बांटी स्कूल यूनिफॉर्म, नियमित उपस्थिति को मिला प्रोत्साहन
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को लखनऊ के जन भवन स्थित आदर्श माध्यमिक विद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 108 विद्यार्थियों को दो-दो जोड़ी स्कूल यूनिफॉर्म वितरित की। यह पहल नियमित उपस्थिति को प्रोत्साहित करने और स्कूल ड्रॉपआउट की समस्या से निपटने के उद्देश्य से की गई है।
यूनिफॉर्म वितरण का आधार
इस वितरण के लिए उन विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी गई जिनकी विद्यालय में नियमित उपस्थिति रही। राज्यपाल की प्रेरणा से यह यूनिफॉर्म प्रतापगढ़ के सांसद एसपी सिंह पटेल के सहयोग से उपलब्ध कराई गई। विद्यालय प्रशासन ने बताया कि शेष सभी विद्यार्थियों को चरणबद्ध तरीके से यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की योजना है।
राज्यपाल का संदेश
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इस अवसर पर कहा कि आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियाँ किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित विद्यालय आने की आदत ही बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मज़बूत नींव है और शिक्षा से कोई भी बच्चा वंचित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो छात्र प्रतिदिन विद्यालय आएँगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। यह घोषणा अन्य विद्यार्थियों को नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रेरित करने की रणनीति का हिस्सा है।
सर्वांगीण विकास पर ज़ोर
राज्यपाल ने विद्यालय की प्रधानाचार्या को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ड्राइंग, खेलकूद, सांस्कृतिक एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का नियमित आयोजन कराया जाए। उनका मानना है कि इन गतिविधियों से बच्चों की प्रतिभा निखरती है और उनमें आत्मविश्वास का विकास होता है।
समाज और जनप्रतिनिधियों की भूमिका
आनंदीबेन पटेल ने इस अवसर पर समाज, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी को शिक्षा सुधार का अहम स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि इन सबके सामूहिक प्रयास से शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में सरकारी विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर को कम करना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
आगे क्या
विद्यालय प्रशासन के अनुसार, बाकी बचे विद्यार्थियों को भी चरणबद्ध ढंग से यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल राज्य के अन्य सरकारी विद्यालयों के लिए एक मॉडल के रूप में देखी जा रही है, जहाँ उपस्थिति-आधारित प्रोत्साहन से बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में बनाए रखा जा सके।