4 अगस्त 2026
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कडप्पा हवाई अड्डे के पूर्व अधिकारी को सीबीआई अदालत ने सुनाई 3 साल की सजा, ₹50,000 जुर्माना

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कडप्पा हवाई अड्डे के पूर्व अधिकारी को सीबीआई अदालत ने सुनाई 3 साल की सजा, ₹50,000 जुर्माना

सारांश

नौ साल की कानूनी लड़ाई के बाद कुरनूल की विशेष सीबीआई अदालत ने कडप्पा हवाई अड्डे के पूर्व अधिकारी को ₹50,000 रिश्वत लेने पर 3 साल की सजा सुनाई। उसी दिन बीरभूम में ₹28 करोड़ नकद और 15 किलो सोना बरामदगी से जुड़े फरार खदान मालिक के प्रबंधक को भी गिरफ्तार किया गया।

मुख्य बातें

कुरनूल की विशेष सीबीआई अदालत ने 3 अगस्त 2026 को मुकुंदगिरी रंगाचारी श्रीनिवासन को 3 साल कठोर कारावास और ₹50,000 जुर्माने की सजा सुनाई।
आरोपी ने एक ठेकेदार से लंबित बिल निपटाने और फर्म को ब्लैकलिस्ट न करने के बदले ₹50,000 की रिश्वत मांगी थी।
सीबीआई ने 24 जुलाई 2015 को मामला दर्ज कर आरोपी को रंगे हाथों ₹25,000 की पहली किस्त लेते पकड़ा था।
पश्चिम बंगाल के बीरभूम में फरार खदान मालिक तुलु मंडल के प्रबंधक सीतेश प्रमाणिक को गिरफ्तार किया गया।
मिनार मंडल के आवास से ₹28 करोड़ नकद और 15 किलोग्राम सोना (अनुमानित मूल्य ₹22 करोड़ ) बरामद हुआ था।

आंध्र प्रदेश के कुरनूल स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने सोमवार, 3 अगस्त 2026 को कडप्पा हवाई अड्डे के पूर्व सहायक महाप्रबंधक मुकुंदगिरी रंगाचारी श्रीनिवासन को ₹50,000 की रिश्वत मांगने के दोष में तीन साल के कठोर कारावास और ₹50,000 के जुर्माने की सजा सुनाई। यह मामला नौ वर्ष पुराना है और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा 24 जुलाई 2015 को दर्ज किया गया था।

मामले की पृष्ठभूमि

आरोपी मुकुंदगिरी रंगाचारी श्रीनिवासन उस समय कडप्पा हवाई अड्डे के तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक (हवाई यातायात प्रबंधन) और कार्यवाहक हवाईअड्डा निदेशक के पद पर कार्यरत थे। आरोप के अनुसार, उन्होंने अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए एक ठेकेदार से लंबित बिलों के निपटान और उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट न करने के बदले में ₹50,000 की रिश्वत की मांग की।

सीबीआई का जाल और गिरफ्तारी

सीबीआई ने शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाया और आरोपी को मांगी गई रिश्वत की पहली किस्त के रूप में ₹25,000 लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 29 फरवरी 2016 को आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था। अदालत ने नौ वर्षों की कानूनी प्रक्रिया के बाद यह सजा सुनाई।

पश्चिम बंगाल में अलग मामला: बीरभूम में गिरफ्तारी

इसी दिन पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिला पुलिस ने एक अलग मामले में जिले के फरार पत्थर-खदान मालिक तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन के प्रबंधक सीतेश प्रमाणिक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उन्हें पिछले सप्ताह बरामद नकदी और सोने के स्रोत के संबंध में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह बीरभूम पुलिस ने तुलु मंडल के करीबी रिश्तेदार मिनार मंडल को उनके आवास से ₹28 करोड़ की बेहिसाब नकदी और लगभग ₹22 करोड़ के अनुमानित बाजार मूल्य का 15 किलोग्राम सोना बरामद होने के बाद गिरफ्तार किया था। पूछताछ में मिनार ने कबूल किया कि यह धन और सोना तुलु मंडल का था।

आगे की कार्रवाई

बीरभूम पुलिस ने सूरी में तुलु मंडल के आवास को भी जब्त कर लिया है। सीतेश प्रमाणिक की गिरफ्तारी से जांचकर्ताओं को बेहिसाब संपत्ति के स्रोत का पता लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। दोनों मामलों में जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा सकता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कडप्पा हवाई अड्डे के पूर्व अधिकारी को किस मामले में सजा मिली?
मुकुंदगिरी रंगाचारी श्रीनिवासन को एक ठेकेदार से ₹50,000 की रिश्वत मांगने और उसकी पहली किस्त ₹25,000 लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने के मामले में सजा मिली। यह मामला 24 जुलाई 2015 को दर्ज हुआ था।
सीबीआई अदालत ने क्या सजा सुनाई?
कुरनूल की विशेष सीबीआई अदालत ने 3 अगस्त 2026 को आरोपी को तीन साल के कठोर कारावास और ₹50,000 के जुर्माने की सजा सुनाई।
आरोपी अधिकारी ने रिश्वत क्यों मांगी थी?
आरोप के अनुसार, आरोपी ने ठेकेदार के लंबित बिलों का निपटान करने और उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू न करने के बदले ₹50,000 की रिश्वत मांगी थी।
बीरभूम में क्या हुआ और तुलु मंडल कौन हैं?
तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन बीरभूम जिले के एक फरार पत्थर-खदान मालिक हैं। उनके करीबी रिश्तेदार मिनार मंडल के आवास से ₹28 करोड़ नकद और 15 किलोग्राम सोना (लगभग ₹22 करोड़ मूल्य) बरामद हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने तुलु मंडल के प्रबंधक सीतेश प्रमाणिक को भी गिरफ्तार किया।
बीरभूम मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
पुलिस ने मिनार मंडल और सीतेश प्रमाणिक को गिरफ्तार किया है तथा सूरी में तुलु मंडल के आवास को जब्त कर लिया है। मुख्य आरोपी तुलु मंडल अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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