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कडप्पा एयरपोर्ट रिश्वत कांड: सीबीआई कोर्ट ने पूर्व एजीएम श्रीनिवासन को 3 साल की सजा सुनाई

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कडप्पा एयरपोर्ट रिश्वत कांड: सीबीआई कोर्ट ने पूर्व एजीएम श्रीनिवासन को 3 साल की सजा सुनाई

सारांश

कुर्नूल की सीबीआई अदालत ने कडप्पा एयरपोर्ट के पूर्व कार्यवाहक डायरेक्टर को 2015 के रिश्वत मामले में दोषी ठहराया। ₹25,000 की पहली किश्त लेते रंगे हाथों पकड़े गए श्रीनिवासन को अब 3 साल की कठोर कैद और ₹50,000 जुर्माना भुगतना होगा।

मुख्य बातें

कुर्नूल की सीबीआई कोर्ट ने 3 अगस्त को मुकुंदगिरी रंगाचारी श्रीनिवासन को रिश्वत मामले में दोषी करार दिया।
आरोपी कडप्पा एयरपोर्ट पर एजीएम (एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट) और कार्यवाहक एयरपोर्ट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे।
उन्होंने शिकायतकर्ता से ₹50,000 की रिश्वत मांगी; सीबीआई ने ₹25,000 की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
सीबीआई ने मामला 24 जुलाई 2015 को दर्ज किया और 29 फरवरी 2016 को चार्जशीट दाखिल की।
अदालत ने 3 साल की कठोर कैद और ₹50,000 जुर्माने की सजा सुनाई।

कुर्नूल की सीबीआई विशेष अदालत ने सोमवार, 3 अगस्त को आंध्र प्रदेश के कडप्पा एयरपोर्ट के तत्कालीन असिस्टेंट जनरल मैनेजर (एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट) एवं कार्यवाहक एयरपोर्ट डायरेक्टर मुकुंदगिरी रंगाचारी श्रीनिवासन को रिश्वत मामले में दोषी करार देते हुए तीन साल की कठोर कारावास और ₹50,000 के जुर्माने की सजा सुनाई। यह मामला एक दशक पहले दर्ज हुआ था और लंबे ट्रायल के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया।

मामले का पूरा घटनाक्रम

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 24 जुलाई 2015 को श्रीनिवासन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि उन्होंने कडप्पा एयरपोर्ट पर अपने दोहरे पद — असिस्टेंट जनरल मैनेजर (एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट) और कार्यवाहक एयरपोर्ट डायरेक्टर — का दुरुपयोग करते हुए एक शिकायतकर्ता से ₹50,000 की रिश्वत मांगी। बदले में उन्होंने शिकायतकर्ता के लंबित बिलों को शीघ्र निपटाने और उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया न शुरू करने का वादा किया था।

सीबीआई का जाल और गिरफ्तारी

जांच एजेंसी ने मामले की पुष्टि के लिए जाल बिछाया। श्रीनिवासन को मांगी गई रिश्वत की पहली किश्त के रूप में ₹25,000 लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 29 फरवरी 2016 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की।

अदालत का फैसला

दीर्घकालिक ट्रायल के बाद कुर्नूल की सीबीआई कोर्ट ने श्रीनिवासन को सभी आरोपों में दोषी पाया। अदालत ने तीन साल की कठोर कैद के साथ-साथ ₹50,000 का जुर्माना भी लगाया। यह ऐसे समय में आया है जब भ्रष्टाचार विरोधी मामलों में सीबीआई की सक्रियता पर बहस जारी है।

आम जनता और सरकारी तंत्र पर असर

यह मामला इस बात को रेखांकित करता है कि सरकारी विभागों में पद का दुरुपयोग कर रिश्वत लेना कानूनी परिणामों से नहीं बचता। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) जैसे संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में यह फैसला एक महत्वपूर्ण संदेश देता है।

आगे क्या होगा

दोषसिद्धि के बाद श्रीनिवासन के पास उच्च न्यायालय में अपील का विकल्प उपलब्ध है। इस फैसले से सरकारी सेवाओं में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रहे अभियानों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर देर से। सीबीआई की ट्रैप कार्रवाई सफल रही, लेकिन एक दशक की न्यायिक प्रक्रिया सवाल उठाती है कि क्या इतनी लंबी देरी वास्तव में निवारक का काम करती है। एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील बुनियादी ढाँचे में भ्रष्टाचार की जड़ें तभी कमज़ोर होंगी जब दोषसिद्धि तेज़ और दंड कठोर हो — महज़ ₹50,000 का जुर्माना इस संदर्भ में प्रतीकात्मक ही लगता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुकुंदगिरी रंगाचारी श्रीनिवासन पर क्या आरोप था?
श्रीनिवासन पर आरोप था कि उन्होंने कडप्पा एयरपोर्ट पर एजीएम और कार्यवाहक डायरेक्टर के पद का दुरुपयोग करते हुए एक शिकायतकर्ता से ₹50,000 की रिश्वत मांगी। यह रिश्वत लंबित बिलों को जल्द निपटाने और फर्म को ब्लैकलिस्ट न करने के बदले मांगी गई थी।
सीबीआई ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
सीबीआई ने जाल बिछाकर श्रीनिवासन को मांगी गई रिश्वत की पहली किश्त के रूप में ₹25,000 लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इसके बाद जांच पूरी कर 29 फरवरी 2016 को चार्जशीट दाखिल की गई।
अदालत ने क्या सजा सुनाई?
कुर्नूल की सीबीआई विशेष अदालत ने श्रीनिवासन को 3 साल की कठोर कारावास और ₹50,000 के जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला 3 अगस्त को सुनाया गया।
यह मामला कब दर्ज हुआ था और इसमें इतना समय क्यों लगा?
सीबीआई ने यह मामला 24 जुलाई 2015 को दर्ज किया था और चार्जशीट 29 फरवरी 2016 को दाखिल हुई थी। भारत में भ्रष्टाचार के मामलों में लंबी न्यायिक प्रक्रिया के कारण फैसला आने में करीब एक दशक का समय लगा।
कडप्पा एयरपोर्ट किस राज्य में है और यह मामला किस अदालत में चला?
कडप्पा एयरपोर्ट आंध्र प्रदेश में स्थित है। यह मामला कुर्नूल स्थित सीबीआई विशेष अदालत में चला, जहाँ ट्रायल के बाद दोषसिद्धि हुई।
राष्ट्र प्रेस
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