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आंध्र प्रदेश: चंद्रबाबू नायडू ने कोचिंग सेंटरों की राजनीतिक गतिविधियों पर कार्रवाई के आदेश दिए

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आंध्र प्रदेश: चंद्रबाबू नायडू ने कोचिंग सेंटरों की राजनीतिक गतिविधियों पर कार्रवाई के आदेश दिए

सारांश

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कोचिंग सेंटरों को राजनीतिक मंच बनाने की कोशिशों पर सख्त रुख अपनाया है। जी.ओ. नंबर 9 के तहत उल्लंघनकर्ता संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश और छात्रों से अपील — यह राज्य के कोचिंग उद्योग पर बड़े नियामक दबाव का संकेत है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 15 सितंबर 2026 को अमरावती में अधिकारियों को कोचिंग सेंटरों में राजनीतिक गतिविधियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
कुछ कोचिंग सेंटर मालिक कथित तौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए उकसा रहे थे।
राज्य सरकार ने 'आंध्र प्रदेश कोचिंग इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशन रूल्स, 2026' के जी.ओ.
नंबर 9 के तहत दिशानिर्देशों का हवाला दिया।
नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सरकार ने उम्मीदवारों से अपील की कि वे दबाव में न आएं और परीक्षाओं पर ध्यान दें; परेशानी की स्थिति में अधिकारियों को सूचित करें।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को अमरावती में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद स्पष्ट किया कि राज्य के प्राइवेट कोचिंग सेंटर किसी भी 'राजनीतिक गतिविधि' या 'राजनीति से प्रेरित साजिश' का माध्यम नहीं बन सकते। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।

मामले की पृष्ठभूमि

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि हाल की कुछ घटनाओं में कुछ प्राइवेट कोचिंग सेंटर प्रबंधन कथित तौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों में शामिल होने के लिए उकसा रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, इन संस्थानों पर कुछ ऐसे तत्वों का दबाव था जो सरकार की छवि खराब करने के इरादे से काम कर रहे थे।

गौरतलब है कि जिन उम्मीदवारों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए था, उन्हें कथित तौर पर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

मुख्यमंत्री के निर्देश

चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि जो कोचिंग सेंटर — जिनका एकमात्र उद्देश्य उम्मीदवारों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है — नियमों का उल्लंघन करते हुए छात्रों को राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए प्रेरित करते हैं, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

सरकार ने दोहराया कि राज्य प्राइवेट कोचिंग सेंटर प्रबंधन द्वारा उम्मीदवारों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल करने या कथित साजिशों के हिस्से के रूप में उनका इस्तेमाल करने को बर्दाश्त नहीं करेगी।

नियामक ढाँचा

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि सभी प्राइवेट कोचिंग सेंटरों को 'आंध्र प्रदेश कोचिंग इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशन रूल्स, 2026' के जी.ओ. नंबर 9 के तहत निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार संचालन करना अनिवार्य है। इन दिशानिर्देशों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

उम्मीदवारों से अपील

सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के दबाव में न आएं और अपने भविष्य तथा करियर पर ध्यान केंद्रित रखें। जो उम्मीदवार इस तरह के दबाव का सामना कर रहे हों, उन्हें संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना देने की सलाह दी गई है।

आगे क्या होगा

राज्य प्रशासन अब जी.ओ. नंबर 9 के तहत उल्लंघनकर्ता कोचिंग सेंटरों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करेगा। यह कदम ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में शिक्षण संस्थानों के नियमन को लेकर सरकार का रुख पहले से सख्त रहा है। मुख्यमंत्री के इन निर्देशों का असर राज्य के कोचिंग उद्योग पर व्यापक रूप से पड़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी परतें उघाड़ने पर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की झलक मिलती है — सरकार स्वयं 'राजनीतिक साजिश' का उल्लेख करती है, जो किसी विशिष्ट विपक्षी ताकत की ओर इशारा करती है, भले ही उसे नाम न दिया जाए। असली सवाल यह है कि क्या 'जी.ओ. नंबर 9' में ऐसे स्पष्ट प्रावधान हैं जो राजनीतिक गतिविधि को परिभाषित करते हों — अन्यथा यह कानून मनमाने प्रयोग का औजार बन सकता है। आंध्र प्रदेश में कोचिंग उद्योग लाखों छात्रों के करियर का केंद्र है; इस पर नकेल कसना ज़रूरी हो सकता है, लेकिन पारदर्शी क्रियान्वयन के बिना यह वैध शिकायतों की आवाज़ दबाने का माध्यम भी बन सकता है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश के कोचिंग सेंटरों में राजनीतिक गतिविधि का मामला क्या है?
कुछ प्राइवेट कोचिंग सेंटर प्रबंधन कथित तौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों में शामिल होने के लिए उकसा रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, इन गतिविधियों का उद्देश्य सरकार की छवि को नुकसान पहुँचाना था।
चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 15 सितंबर 2026 को निर्देश दिया कि 'आंध्र प्रदेश कोचिंग इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशन रूल्स, 2026' के जी.ओ. नंबर 9 का उल्लंघन करने वाले कोचिंग सेंटरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोचिंग सेंटरों को राजनीतिक मंच नहीं बनने दिया जाएगा।
जी.ओ. नंबर 9 क्या है?
जी.ओ. नंबर 9, 'आंध्र प्रदेश कोचिंग इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशन रूल्स, 2026' के तहत जारी एक सरकारी आदेश है, जो राज्य के प्राइवेट कोचिंग सेंटरों के संचालन के लिए दिशानिर्देश निर्धारित करता है। सरकार ने निर्देश दिया है कि इन दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सरकार का क्या संदेश है?
सरकार ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे किसी भी दबाव में न आएं और अपनी परीक्षाओं तथा भविष्य पर ध्यान केंद्रित रखें। जो छात्र इस तरह के दबाव का सामना कर रहे हों, उन्हें संबंधित अधिकारियों को सूचित करने की सलाह दी गई है।
इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे?
राज्य प्रशासन जी.ओ. नंबर 9 के तहत उल्लंघनकर्ता कोचिंग सेंटरों की पहचान और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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