आंध्र प्रदेश: IPS अधिकारी विशाल गुन्नी और कांति राणा टाटा का सस्पेंशन रद्द, तुरंत बहाल
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश सरकार ने 3 सितंबर 2026 को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विशाल गुन्नी (2010 बैच) और कांति राणा टाटा (2004 बैच) का निलंबन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (जीएडी) द्वारा जारी आदेशों में दोनों अधिकारियों को सेवा में बहाल करने का निर्देश दिया गया। उल्लेखनीय है कि दोनों का निलंबन 4 सितंबर तक लागू था, जिसे समय से पहले ही वापस ले लिया गया।
निलंबन रद्द करने की प्रक्रिया
सरकार ने ऑल इंडिया सर्विसेज (अनुशासन और अपील) नियमों के अंतर्गत दोनों अधिकारियों को पूर्व में निलंबित किया था। समय-समय पर इस निलंबन की समीक्षा कर इसे बढ़ाया जाता रहा। निलंबन रद्द करने से पहले सरकार ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट की विस्तृत जाँच की। इसके साथ ही कांति राणा टाटा द्वारा 24 अगस्त को दिए गए आवेदन पर भी विचार किया गया। सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद निलंबन वापस लेने का निर्णय लिया गया।
अनुशासनात्मक कार्यवाही जारी रहेगी
सरकार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि निलंबन रद्द होने से दोनों अधिकारियों के विरुद्ध चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही और आपराधिक मामलों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यानी बहाली केवल सेवा में वापसी है — कानूनी और विभागीय प्रक्रियाएँ अपनी गति से चलती रहेंगी। ये आदेश मुख्य सचिव जी. साई प्रसाद के नाम से जारी किए गए।
मामले की पृष्ठभूमि
2024 में आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के सत्ता में आने के बाद कादंबरी जेठवानी ने राज्य सरकार से शिकायत की कि आंध्र प्रदेश पुलिस ने उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा था। इस शिकायत के आधार पर इब्राहिमपटनम पुलिस ने अक्टूबर 2024 में एफआईआर नंबर 469 दर्ज की और कई पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की गई। इस मामले में अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है।
आगे की कार्रवाई
सरकार ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है कि वे दोनों अधिकारियों को आदेश की प्रतियाँ सौंपें और उनसे प्राप्ति की रसीद प्राप्त करें। गौरतलब है कि यह बहाली ऐसे समय में आई है जब मामले में चार्जशीट अभी लंबित है और आपराधिक कार्यवाही जारी है। आने वाले दिनों में दोनों अधिकारियों की नई पोस्टिंग पर सरकार का निर्णय महत्त्वपूर्ण होगा।