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अन्नपूर्णा देवी का विपक्ष पर हमला: महिलाओं की उम्मीदों को किया गया ठेस

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अन्नपूर्णा देवी का विपक्ष पर हमला: महिलाओं की उम्मीदों को किया गया ठेस

सारांश

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष के रवैये की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि 2014 बाद से महिलाओं के सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और अब उन्हें राजनीतिक शक्ति देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्य बातें

महिलाओं के सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन विधेयक का विरोध किया है।
17 अप्रैल को काला दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है।
महिलाएं अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुकी हैं।
ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा मिला है।

लखनऊ, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों पर सख्त निशाना साधा। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद से महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में अद्वितीय कदम उठाए गए हैं और अब उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास चल रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि 17 अप्रैल को काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा का परिणाम सकारात्मक रहा, लेकिन विपक्षी दलों जैसे कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके ने इस बिल का विरोध कर महिलाओं की आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाया।

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि इन दलों ने हमेशा की तरह इस बार भी नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लटकाने, भटकाने और अटकाने की राजनीति की। इसके लिए 17 अप्रैल को काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक और सशक्त हो चुकी हैं और हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी दर्ज करा रही हैं। महिलाएं अपने अधिकारों के खिलाफ खड़े होने वालों को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी।

केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को उसका अधिकार नहीं दिया। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का कार्य एनडीए सरकार ने किया।

उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव और राहुल गांधी परिवारवाद की राजनीति कर रहे हैं। इन्हें देश की जनता के हितों से कोई लेना-देना नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सामाजिक भी है, और इससे महिलाओं की आकांक्षाओं पर गहरा असर पड़ता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है?
यह अधिनियम महिलाओं के सशक्तीकरण और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है।
अन्नपूर्णा देवी का विपक्ष पर क्या आरोप है?
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं की आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाई है।
काला दिवस क्यों मनाया जाएगा?
17 अप्रैल को काला दिवस मनाने का निर्णय विपक्षी दलों के विरोध के खिलाफ एक प्रतीकात्मक कदम है।
महिलाओं के सशक्तीकरण में सरकार के प्रयास क्या हैं?
सरकार ने विभिन्न योजनाएं लागू की हैं जो महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करती हैं।
ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा किसने दिया?
ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का कार्य एनडीए सरकार ने किया।
राष्ट्र प्रेस
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