महिलाओं के लिए 16 अप्रैल का दिन होगा ऐतिहासिक: अन्नपूर्णा देवी
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण बिल महिलाओं के लिए संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करेगा।
- 16 अप्रैल को महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है।
- केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इसे एक बड़ा दिन बताया है।
- पीएम मोदी के नेतृत्व में कई सशक्तिकरण संबंधी फैसले हुए हैं।
- महिलाओं का विकास भारत के लिए आवश्यक है।
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने महिला आरक्षण बिल के संबंध में कहा कि 16 अप्रैल महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण दिन साबित होने वाला है।
उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के लिए जो महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं, वे पहले संभव नहीं थे और न ही भविष्य में ऐसे फैसले लिए जा सकेंगे। लेकिन प्रधानमंत्री का उद्देश्य महिलाओं को आगे बढ़ाने का है।
उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल महिलाओं के लिए एक अद्भुत अवसर हो सकता है।
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि 2014 के बाद से पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। प्रधानमंत्री का लक्ष्य महिलाओं को आगे बढ़ाना है। 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' जैसे महत्वपूर्ण विधेयक इसी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम हैं। 16 अप्रैल को महिलाओं के लिए एक और बड़ा अवसर मिलने की उम्मीद है, क्योंकि पीएम मोदी का उद्देश्य महिलाओं के नेतृत्व में विकास करना है। विकसित भारत के निर्माण में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। निश्चित रूप से उस दिन हमें और भी बड़ी खुशखबरी मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को कांग्रेस के नेतृत्व में पूरा विपक्ष 30 वर्षों तक पास नहीं कर सका, जबकि पीएम मोदी के नेतृत्व में इसे केवल 2 दिन में पारित किया गया। विपक्ष को हर मुद्दे को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखने के बजाय मानवता और महिला सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से देखना चाहिए। जब संसद में 33 प्रतिशत महिलाएं देश का प्रतिनिधित्व करेंगी, तो यह एक विकसित और सशक्त भारत की पहचान होगी।
भाजपा सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि हम इस विधेयक का स्वागत करते हैं, क्योंकि हम हमेशा महिलाओं के साथ खड़े रहे हैं और मैंने व्यक्तिगत रूप से महिलाओं के कल्याण के लिए काम किया है। सभी पार्टियों की महिलाओं की यह मांग थी, और भले ही इस बिल में थोड़ा विलंब हुआ हो, लेकिन पीएम मोदी ने अब अपना वादा पूरा कर दिया है कि भारत में महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास होगा।
महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि इसके समय को लेकर विभिन्न राय हो सकती हैं, लेकिन महिला आरक्षण बिल पर किसी भी पार्टी को कोई आपत्ति नहीं थी। इसे पारित करने पर सभी पहले ही सहमत थे। हालाँकि, सरकार की रणनीति स्पष्ट है। बंगाल चुनावों के कारण आज के लिए निर्धारित सत्र आयोजित नहीं किया गया और इसे आगे बढ़ा दिया गया।