अरियलूर कलेक्टर एम. मृणालिनी का अंडिमडम तालुक में औचक निरीक्षण, 'उंगलई थेडी' योजना की जमीनी हकीकत जाँची
सारांश
मुख्य बातें
अरियलूर जिला कलेक्टर एवं आईएएस अधिकारी एम. मृणालिनी ने 21 अक्टूबर 2026 को तमिलनाडु सरकार की जन-केंद्रित पहल 'उंगलई थेडी, उंगल ओरिल' (अर्थात् 'सरकार आपके द्वार तक') के अंतर्गत अंडिमडम तालुक के विभिन्न सरकारी कार्यालयों और जन सेवा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य यह परखना था कि सरकारी कल्याणकारी योजनाएँ और सेवाएँ वास्तव में आम नागरिकों तक बिना किसी बाधा के पहुँच रही हैं या नहीं।
कूवथुर पंचायत में व्यापक समीक्षा
निरीक्षण की शुरुआत कूवथुर पंचायत से हुई, जहाँ कलेक्टर मृणालिनी ने उचित मूल्य की दुकान (राशन दुकान), पेयजल टंकी, पंचायत यूनियन प्राथमिक विद्यालय, बाल देखभाल केंद्र, पशु चिकित्सा औषधालय, ग्राम प्रशासनिक कार्यालय और स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र का जायज़ा लिया। उन्होंने आवश्यक वस्तुओं की गुणवत्ता एवं उपलब्धता, नियमित पेयजल आपूर्ति, छात्रों की सीखने की क्षमता, बच्चों के पोषण व विकास, पशु चिकित्सा सेवाओं, ऑनलाइन प्रमाण-पत्र आवेदनों और चिकित्सा सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली।
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु सरकार जिला स्तर पर सेवा-वितरण की निगरानी को प्राथमिकता दे रही है। गौरतलब है कि 'उंगलई थेडी' पहल का मूल उद्देश्य जिला प्रशासन को प्रतिक्रियाशील नहीं, बल्कि सक्रिय बनाना है।
कृषि, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण
इसके बाद कलेक्टर ने कूवथुर अतिरिक्त नर्सरी फार्म में पौधों के उत्पादन और रखरखाव की समीक्षा की। अंडिमडम स्थित सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए और जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिलती रहें।
दिव्यांगजन कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित 'विझुथुगल इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन सर्विस सेंटर' में उन्होंने फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श और विशेष शिक्षा जैसी सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया।
मनरेगा कार्यों और राशन गोदाम की भी परख
आथुकुरिची गाँव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जाँच की गई। इसके साथ ही तमिलनाडु नागरिक आपूर्ति निगम के तालुक गोदाम का निरीक्षण कर खाद्यान्न भंडारण की स्थिति का भी आकलन किया गया।
मध्याह्न भोजन और शिक्षा गुणवत्ता पर जोर
चिन्नाकरुक्कई पंचायत यूनियन मिडिल स्कूल में कलेक्टर ने छात्रों की शैक्षणिक क्षमता, बुनियादी ढाँचे की उपलब्धता और मध्याह्न भोजन योजना के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते रहें।
निरीक्षण के दौरान उदयारपालयम के राजस्व मंडल अधिकारी मनोहरन, अंडिमडम तालुक की तहसीलदार सुशीला और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी कलेक्टर के साथ उपस्थित रहे।
आगे की राह
इस तरह के औचक निरीक्षण जिले में जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करने का संकेत देते हैं। उम्मीद की जा रही है कि निरीक्षण में उजागर हुई कमियों को अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर दूर करेंगे, ताकि 'उंगलई थेडी, उंगल ओरिल' जैसी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान तक पहुँच सके।