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असम सरकार ने ACS अधिकारी अरूप कुमार चक्रवर्ती को कदाचार पर बर्खास्त किया

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असम सरकार ने ACS अधिकारी अरूप कुमार चक्रवर्ती को कदाचार पर बर्खास्त किया

सारांश

असम सरकार ने 1999 बैच के ACS अधिकारी अरूप कुमार चक्रवर्ती को भर्ती अनियमितताओं और बिना अनुमति अनुपस्थिति के आरोप में विभागीय जांच के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया — राज्य की प्रशासनिक जवाबदेही नीति का ताज़ा उदाहरण।

मुख्य बातें

असम सरकार ने 1999 बैच के ACS अधिकारी अरूप कुमार चक्रवर्ती को सेवा से बर्खास्त किया।
आरोपों में भर्ती में अनियमितताएँ और बिना अनुमति लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थिति शामिल हैं।
विभागीय जांच में असम सेवा (अनुशासन और अपील) नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया।
कार्मिक विभाग ने जांच निष्कर्षों की समीक्षा के बाद बर्खास्तगी का अंतिम आदेश जारी किया।
सरकार ने जांच के विस्तृत निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए; आवश्यकता पड़ने पर आगे की कार्रवाई संभव।

असम सरकार ने 1999 बैच के असम सिविल सेवा (ACS) अधिकारी अरूप कुमार चक्रवर्ती को कथित दुर्व्यवहार और सेवा नियमों के गंभीर उल्लंघन के आरोप में विभागीय जांच के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया है। गुवाहाटी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्मिक विभाग ने जांच के निष्कर्षों की समीक्षा के बाद 17 जुलाई को यह अंतिम आदेश जारी किया।

मुख्य आरोप और जांच के निष्कर्ष

अधिकारियों के अनुसार, चक्रवर्ती पर भर्ती में अनियमितताओं और सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने सहित कई आरोप लगाए गए थे। विभागीय जांच में यह भी पाया गया कि वे आधिकारिक कार्य समय के दौरान बार-बार कार्यालय में अनुपस्थित रहे।

जांच के निष्कर्षों में यह स्पष्ट किया गया कि चक्रवर्ती का आचरण असम सेवा (अनुशासन और अपील) नियमों का गंभीर उल्लंघन था। इसके आधार पर सरकार ने अधिकतम दंड के रूप में सेवा से बर्खास्तगी का आदेश दिया।

प्रक्रिया और पारदर्शिता

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अनुशासनात्मक प्रक्रिया के दौरान चक्रवर्ती को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया गया। कार्मिक विभाग ने जांच रिपोर्ट की विधिवत समीक्षा के बाद ही बर्खास्तगी का अंतिम आदेश जारी किया।

हालांकि राज्य सरकार ने जांच के विस्तृत निष्कर्षों को सार्वजनिक नहीं किया है। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि यदि आवश्यक हुआ तो लागू कानूनों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।

असम सरकार की जवाबदेही नीति का हिस्सा

इस बर्खास्तगी को असम सरकार की उस व्यापक नीति के अंतर्गत देखा जा रहा है, जिसके तहत राज्य के प्रशासनिक तंत्र में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में सरकार ने कथित भ्रष्टाचार, कर्तव्य में लापरवाही और सेवा मानदंडों के उल्लंघन से जुड़े कई मामलों में अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।

यह ऐसे समय में आया है जब असम में प्रशासनिक सुधार और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर राज्य सरकार का रुख पहले से अधिक कठोर होता दिख रहा है।

आगे की कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर भविष्य में यदि आवश्यक हो तो अतिरिक्त कानूनी या प्रशासनिक कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल कार्मिक विभाग ने बर्खास्तगी आदेश को अंतिम रूप दे दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका असली महत्व उस संदेश में है जो असम सरकार राज्य सेवाओं को देना चाहती है। विभागीय जांच की प्रक्रिया तो पूरी हुई, पर जांच के विस्तृत निष्कर्ष सार्वजनिक न करना पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। हाल के वर्षों में इस तरह की कार्रवाइयों की संख्या बढ़ी है, जो दर्शाती है कि राज्य सरकार प्रशासनिक अनुशासन को प्राथमिकता दे रही है — लेकिन जब तक जांच निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं होते, जवाबदेही की यह प्रक्रिया अधूरी ही कहलाएगी।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरूप कुमार चक्रवर्ती को क्यों बर्खास्त किया गया?
1999 बैच के ACS अधिकारी अरूप कुमार चक्रवर्ती को भर्ती में अनियमितताओं और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के आरोप में विभागीय जांच के बाद बर्खास्त किया गया। जांच में असम सेवा (अनुशासन और अपील) नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया।
असम में ACS अधिकारी की बर्खास्तगी की प्रक्रिया क्या होती है?
असम सेवा (अनुशासन और अपील) नियमों के तहत आरोपी अधिकारी को विभागीय जांच में अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। जांच के निष्कर्षों की समीक्षा के बाद कार्मिक विभाग बर्खास्तगी सहित उचित दंड का आदेश जारी करता है।
क्या चक्रवर्ती के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई होगी?
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर यदि आवश्यक हुआ तो लागू कानूनों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है। फिलहाल बर्खास्तगी का अंतिम आदेश जारी कर दिया गया है।
असम सरकार ने हाल में और किन अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है?
हाल के वर्षों में असम सरकार ने कथित भ्रष्टाचार, कर्तव्य में लापरवाही और सेवा मानदंडों के उल्लंघन से जुड़े कई मामलों में अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। चक्रवर्ती की बर्खास्तगी इसी व्यापक जवाबदेही अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।
क्या जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए गए हैं?
नहीं, राज्य सरकार ने विभागीय जांच के विस्तृत निष्कर्षों को सार्वजनिक नहीं किया है। अधिकारियों ने केवल यह पुष्टि की है कि प्रक्रिया के दौरान अधिकारी को अपना बचाव प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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