हिमाचल प्रदेश: चंबा की जीव विज्ञान प्रवक्ता अर्चना शर्मा बर्खास्त, लंबे समय तक ड्यूटी से गायब
सारांश
Key Takeaways
- ड्यूटी से अनुपस्थिति के कारण बर्खास्तगी
- अनुशासनात्मक कार्रवाई की गंभीरता
- शिक्षा विभाग का सख्त रवैया
- स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का अनुरोध अस्वीकृत
- विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रभाव
चंबा, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के तीसा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत जीव विज्ञान की प्रवक्ता अर्चना शर्मा को शिक्षा विभाग ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई विभागीय जांच में बिना अनुमति लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप सिद्ध होने के बाद की गई।
जानकारी के अनुसार, अर्चना शर्मा ने 6 सितंबर 2019 को तीसा स्थित स्कूल में प्रवक्ता (जीव विज्ञान) के पद पर कार्यभार संभाला था, लेकिन वह केवल तीन दिन ही विद्यालय में उपस्थित रहीं। इसके बाद उन्होंने अवकाश के लिए आवेदन भेजे और 8 नवंबर 2019 से बिना अनुमति लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित रहीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने 16 अक्टूबर 2024 को केंद्रीय सेवा नियम, 1965 के तहत उनके खिलाफ आरोप पत्र जारी किया। जांच के दौरान उन्हें कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन उन्होंने न तो जांच में भाग लिया और न ही ड्यूटी ज्वाइन की। इसके बाद जांच अधिकारी ने एकतरफा (एक्स-पार्टी) जांच पूरी की।
जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि नोटिस के बावजूद अधिकारी पेश नहीं हुईं, जिसके चलते उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से सिद्ध पाए गए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर 18 दिसंबर 2025 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 4 फरवरी को दिए गए जवाब में अर्चना शर्मा ने जांच रिपोर्ट पर कोई ठोस स्पष्टीकरण या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया, बल्कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) देने का अनुरोध किया।
हालांकि, शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि जब किसी कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित हो तो उसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का लाभ नहीं दिया जा सकता। रिकॉर्ड के अनुसार, अधिकारी ने स्कूल ज्वाइन करने के बाद पांच साल से अधिक समय तक ड्यूटी नहीं की, जिससे तीसा स्कूल के विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई।