29 अक्टूबर 2026
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ऑपरेशन फाल्कन: असम में गैंडों की शिकार की 9 कोशिशें नाकाम, 48 गिरफ्तार — CM हिमंता का ऐलान

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ऑपरेशन फाल्कन: असम में गैंडों की शिकार की 9 कोशिशें नाकाम, 48 गिरफ्तार — CM हिमंता का ऐलान

सारांश

असम के 'ऑपरेशन फाल्कन' ने एक सींग वाले गैंडों के शिकार की 9 कोशिशें नाकाम करते हुए 48 लोगों को गिरफ्तार किया। CM हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर यह जानकारी दी और 'प्रोजेक्ट राइनो' के अगले चरण की भी घोषणा की — काजीरंगा के दुर्लभ गैंडों की रक्षा की यह लड़ाई अब और तेज़ होगी।

मुख्य बातें

ऑपरेशन फाल्कन ने असम में एक सींग वाले गैंडों के शिकार की 9 कोशिशें सफलतापूर्वक नाकाम कीं।
इस अभियान में 48 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 29 अक्टूबर 2026 को एक्स पर यह जानकारी साझा की।
राज्य की व्यापक पहल 'प्रोजेक्ट राइनो' का अगला चरण शुरू हो चुका है।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान विश्व में एक सींग वाले गैंडों का सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है।
गैंडों के सींगों की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाज़ारों में भारी माँग के चलते शिकार का खतरा बना रहता है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 29 अक्टूबर 2026 को जानकारी दी कि राज्य के 'ऑपरेशन फाल्कन' ने एक सींग वाले गैंडों के शिकार की नौ कोशिशों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है और इस कार्रवाई में 48 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की और राज्य की वन्यजीव सुरक्षा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

ऑपरेशन फाल्कन: मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री सरमा ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, 'गैंडों का शिकार बिल्कुल नहीं — यह एक ऐसा लक्ष्य है जिसकी रक्षा की जानी चाहिए।' ऑपरेशन फाल्कन वन विभाग और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की संयुक्त पहल है, जिसमें खुफिया जानकारी, निगरानी और गश्त के समन्वय से शिकार गिरोहों को घटना से पहले ही रोका गया।

गौरतलब है कि ये गिरफ्तारियाँ संगठित तस्करी नेटवर्क को बाधित करने के उद्देश्य से की गई हैं, जो गैंडों के सींगों को अंतरराष्ट्रीय अवैध बाज़ारों में पहुँचाते हैं। अधिकारियों के अनुसार, गश्ती दल और खुफिया नेटवर्क के तालमेल से शिकारियों को उनके इरादे पूरे करने से पहले ही पकड़ा गया।

प्रोजेक्ट राइनो और व्यापक संरक्षण ढाँचा

मुख्यमंत्री ने राज्य की व्यापक पहल 'प्रोजेक्ट राइनो' का भी उल्लेख करते हुए कहा कि संरक्षण का अगला चरण पहले ही शुरू हो चुका है। इस परियोजना के तहत असम सरकार वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है।

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, जो विश्व में एक सींग वाले गैंडों का सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है, इस पूरे अभियान का केंद्र है। असम इन लुप्तप्राय जानवरों की वैश्विक आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा समेटे हुए है, जिससे यहाँ का संरक्षण प्रयास राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर अहमियत रखता है।

शिकार का खतरा और संगठित अपराध

यह ऐसे समय में आया है जब एक सींग वाले गैंडों के सींगों की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाज़ारों में भारी माँग के चलते शिकार का खतरा बना रहता है। संगठित अपराधी गिरोह अक्सर इन जानवरों को निशाना बनाते हैं और सींगों को विदेश तस्करी के जरिए पहुँचाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए खुफिया जानकारी जुटाना, लगातार निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय अपरिहार्य है — जो ऑपरेशन फाल्कन की कार्यप्रणाली में स्पष्ट रूप से झलकती है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व

असम के इन संरक्षण प्रयासों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। ऑपरेशन फाल्कन की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सक्रिय और समन्वित कार्रवाई से वन्यजीव अपराधों पर लगाम लगाई जा सकती है। 'प्रोजेक्ट राइनो' के माध्यम से राज्य खुद को वन्यजीव संरक्षण के एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

आने वाले समय में इस अभियान का विस्तार और तेज़ होने की उम्मीद है, क्योंकि सरमा सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वन्यजीव सुरक्षा उसकी प्राथमिकताओं में शीर्ष पर बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा गिरफ्तारियों के बाद की कानूनी कार्रवाई में है — भारत में वन्यजीव अपराध के मामलों में सज़ा की दर ऐतिहासिक रूप से बेहद कम रही है। काजीरंगा के गैंडों की रक्षा तभी सुनिश्चित होगी जब अपराधियों को त्वरित और कठोर सज़ा मिले, न कि केवल गिरफ्तारी हो। 'प्रोजेक्ट राइनो' का विस्तार एक सकारात्मक संकेत है, परंतु अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के लिए केवल राज्य स्तरीय प्रयास पर्याप्त नहीं हैं — केंद्र सरकार और इंटरपोल के साथ समन्वय अनिवार्य होगा।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन फाल्कन क्या है?
ऑपरेशन फाल्कन असम सरकार का एक संयुक्त अभियान है जिसमें वन विभाग और कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ मिलकर एक सींग वाले गैंडों के शिकार को रोकने के लिए काम करती हैं। इस अभियान में खुफिया जानकारी, निगरानी और गश्त के समन्वय से शिकारियों को पकड़ा जाता है।
ऑपरेशन फाल्कन में अब तक कितनी गिरफ्तारियाँ हुई हैं?
29 अक्टूबर 2026 तक ऑपरेशन फाल्कन के तहत 48 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और गैंडों के शिकार की 9 कोशिशें नाकाम की गई हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर साझा की।
प्रोजेक्ट राइनो क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
प्रोजेक्ट राइनो असम सरकार की दीर्घकालिक वन्यजीव संरक्षण पहल है, जिसका उद्देश्य एक सींग वाले गैंडों के प्राकृतिक आवासों की रक्षा करना और उनकी आबादी को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि इस परियोजना का अगला चरण शुरू हो चुका है।
असम में गैंडों के शिकार का खतरा क्यों बना रहता है?
गैंडों के सींगों की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाज़ारों में बहुत अधिक माँग है, जिससे संगठित अपराधी गिरोह इन्हें निशाना बनाते हैं। सींगों को तस्करी के जरिए विदेशों में बेचा जाता है, जो इस अपराध को आर्थिक रूप से लाभकारी बनाता है।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान गैंडों के संरक्षण में क्यों महत्वपूर्ण है?
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान विश्व में एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी का घर है और इन्हें 'लुप्तप्राय प्रजाति' की श्रेणी में रखा गया है। असम के संरक्षण प्रयासों की वजह से इस उद्यान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर मान्यता मिली है।
राष्ट्र प्रेस
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