12 अगस्त 2026
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असम SFC ने ₹66 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव मंजूर, आंगनबाड़ी से लेकर औद्योगिक बुनियादी ढाँचे तक का खाका

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असम SFC ने ₹66 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव मंजूर, आंगनबाड़ी से लेकर औद्योगिक बुनियादी ढाँचे तक का खाका

सारांश

असम की स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी ने एक बैठक में ₹66 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव पास किए — आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा से लेकर 358 पूर्व उग्रवादियों के पुनर्वास और औद्योगिक बिजली आपूर्ति तक। वित्तीय अनुशासन और मापनीय परिणामों पर जोर इसे महज़ रूटीन मंजूरी से अलग करता है।

मुख्य बातें

असम SFC ने 11 अगस्त 2026 को चार विभागों के ₹66 करोड़ से अधिक के वित्तीय प्रस्ताव स्वीकृत किए।
महिला एवं बाल विकास विभाग को ₹25 करोड़ — ₹10 करोड़ बर्तन किट और ₹15 करोड़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की टर्मिनल बेनिफिट स्कीम के लिए।
गृह विभाग की ₹14.32 करोड़ की पुनर्वास योजना के तहत 358 कुकी और हमार सदस्यों को ₹4 लाख एकमुश्त सहायता।
कामरूप के अमीनगांव में जिला परिवहन कार्यालय भवन के लिए ₹10.92 करोड़ पुनः स्वीकृत; 72% भौतिक प्रगति।
सोनितपुर के दिघलीचपरी औद्योगिक एस्टेट में ₹15.72 करोड़ के सब-स्टेशन प्रस्ताव को मंजूरी; 90% भौतिक प्रगति।
SFC ने फंड डायवर्जन रोकने और कड़ी निगरानी के निर्देश दिए।

असम सरकार की स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी (SFC) ने 11 अगस्त 2026 को चार प्रमुख विभागों से जुड़े ₹66 करोड़ से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों की समीक्षा कर उन्हें स्वीकृति प्रदान कर दी। गुवाहाटी में हुई इस बैठक में समिति ने सरकारी धन के विवेकपूर्ण उपयोग, परियोजनाओं की समयबद्ध पूर्णता और मापनीय विकास परिणामों को सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

किन विभागों को मिली मंजूरी

स्वीकृत प्रस्ताव महिला एवं बाल विकास, गृह एवं राजनीतिक, परिवहन तथा उद्योग, वाणिज्य एवं सार्वजनिक उद्यम विभागों से संबंधित हैं। यह ऐसे समय में आया है जब असम सरकार वित्तीय अनुशासन और पारदर्शी खर्च की दिशा में सक्रिय कदम उठा रही है।

महिला एवं बाल विकास: ₹25 करोड़ का आवंटन

समिति ने महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए वर्ष 2026-27 हेतु ₹25 करोड़ के आवंटन पर विचार किया। इसमें से ₹10 करोड़ आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित प्री-स्कूल बच्चों को बर्तन किट उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित किए गए हैं।

शेष ₹15 करोड़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सहायिकाओं के लिए 'टर्मिनल बेनिफिट स्कीम' के अंतर्गत प्रस्तावित किए गए हैं। गौरतलब है कि यह योजना जमीनी स्तर पर कार्यरत महिला कार्यबल को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

गृह विभाग: आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास योजना को हरी झंडी

SFC ने गृह एवं राजनीतिक विभाग की 'सरेंडर-कम-रिहैबिलिटेशन स्कीम' के तहत ₹14.32 करोड़ के प्रस्ताव की समीक्षा की। इस योजना के अंतर्गत 358 कुकी और हमार समूहों के सदस्यों को उनके सामाजिक-आर्थिक पुनर्वास के लिए ₹4 लाख की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाएगी।

यह कार्यक्रम विशेष शाखा मुख्यालय, असम के माध्यम से क्रियान्वित किया जाएगा। समिति ने यह भी नोट किया कि संबंधित बजट मद के अंतर्गत वर्तमान में ₹32.57 करोड़ उपलब्ध हैं।

परिवहन और उद्योग क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे को बल

परिवहन विभाग के अंतर्गत समिति ने कामरूप जिले के अमीनगांव में जिला परिवहन कार्यालय भवन के निर्माण के लिए ₹10.92 करोड़ की राशि को पुनः स्वीकृत किया। इस परियोजना में 72 प्रतिशत भौतिक और 58.74 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की जा चुकी है, जबकि ₹6.41 करोड़ पहले ही जारी किए जा चुके हैं। समिति ने अधिकारियों को शेष कार्य में तेजी लाने का स्पष्ट निर्देश दिया।

उद्योग, वाणिज्य एवं सार्वजनिक उद्यम विभाग के ₹15.72 करोड़ के संशोधित वार्षिक प्रशासन प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई। इस प्रस्ताव में सोनितपुर के दिघलीचपरी स्थित औद्योगिक एस्टेट में एक समर्पित 33 केवी बिजली लाइन और कंट्रोल रूम के साथ 2x5 एमवीए, 33/11 केवी सब-स्टेशन की स्थापना शामिल है। परियोजना ने 90 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल कर ली है और ₹6.74 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। इसके चालू होने पर एस्टेट के उद्योगों को विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

वित्तीय अनुशासन पर SFC का कड़ा रुख

SFC ने सभी विभागों को वित्तीय एवं खरीद नियमों का सख्ती से पालन करने, सरकारी धन के विपथन (डायवर्जन) को रोकने और परियोजनाओं के क्रियान्वयन की बारीकी से निगरानी करने के स्पष्ट निर्देश दिए। आगे आने वाले महीनों में इन परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके भीतर तीन अलग-अलग नीतिगत प्राथमिकताएँ एक साथ दिखती हैं — सामाजिक सुरक्षा, उग्रवाद के बाद पुनर्वास और औद्योगिक बुनियादी ढाँचा। असली सवाल यह है कि जिन परियोजनाओं में पहले से 72% और 90% भौतिक प्रगति है, उन्हें 'पुनः स्वीकृति' की ज़रूरत क्यों पड़ी — यह प्रशासनिक विलंब और बजट चक्र की उस पुरानी समस्या की ओर इशारा करता है जो असम ही नहीं, अधिकांश राज्यों में बनी रहती है। SFC का वित्तीय अनुशासन पर जोर सराहनीय है, लेकिन इसकी असली परीक्षा निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता से होगी।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम SFC ने 11 अगस्त 2026 को कितने और किन विभागों के प्रस्ताव मंजूर किए?
असम की स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी ने ₹66 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव मंजूर किए, जो चार विभागों — महिला एवं बाल विकास, गृह एवं राजनीतिक, परिवहन, और उद्योग, वाणिज्य एवं सार्वजनिक उद्यम — से संबंधित हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए टर्मिनल बेनिफिट स्कीम क्या है?
टर्मिनल बेनिफिट स्कीम असम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सेवा समाप्ति पर वित्तीय लाभ देने की योजना है। SFC ने इसके लिए 2026-27 में ₹15 करोड़ का आवंटन स्वीकृत किया है।
कुकी और हमार समूहों के लिए पुनर्वास योजना में क्या प्रावधान है?
गृह विभाग की 'सरेंडर-कम-रिहैबिलिटेशन स्कीम' के तहत 358 कुकी और हमार समूहों के सदस्यों को सामाजिक-आर्थिक पुनर्वास के लिए ₹4 लाख की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह कार्यक्रम विशेष शाखा मुख्यालय, असम के माध्यम से लागू होगा और इसका कुल प्रस्तावित खर्च ₹14.32 करोड़ है।
सोनितपुर के दिघलीचपरी औद्योगिक एस्टेट में क्या विकास कार्य होगा?
दिघलीचपरी औद्योगिक एस्टेट में ₹15.72 करोड़ की लागत से एक समर्पित 33 केवी बिजली लाइन और 2x5 एमवीए, 33/11 केवी सब-स्टेशन स्थापित किया जाएगा। परियोजना 90% भौतिक प्रगति पर है और इसके चालू होने पर एस्टेट के उद्योगों को विश्वसनीय बिजली मिलेगी।
असम SFC ने वित्तीय अनुशासन को लेकर क्या निर्देश दिए?
SFC ने सभी संबंधित विभागों को वित्तीय एवं खरीद नियमों का सख्ती से पालन करने, सरकारी धन के डायवर्जन को रोकने और परियोजनाओं की बारीकी से निगरानी करने के निर्देश दिए। समिति ने मापनीय विकास परिणामों को सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
राष्ट्र प्रेस
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