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क्या एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस की वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में आय 21 प्रतिशत बढ़ी?

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क्या एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस की वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में आय 21 प्रतिशत बढ़ी?

सारांश

एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस ने वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में अपने राजस्व में अभूतपूर्व वृद्धि का प्रदर्शन किया है। जानें, कैसे खाद्य तेल व्यवसाय ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्य बातें

17,059 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त किया।
खाद्य तेल व्यवसाय में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
कंपनी ने 18 प्रतिशत खुदरा कवरेज बढ़ाया।
शुद्ध लाभ घटकर 238 करोड़ रुपए हुआ।
कच्चे माल की कीमतों में 10 प्रतिशत की गिरावट आई है।

अहमदाबाद, 15 जुलाई (राष्ट्र प्रेस) । भारत की प्रमुख एफएमसीजी कंपनी एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस ने मंगलवार को वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के परिणामों की घोषणा की। अप्रैल से जून की अवधि में, कंपनी ने अपने अब तक के सबसे उच्चतम 17,059 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही से 21 प्रतिशत अधिक है।

यह वृद्धि मुख्यतः कंपनी के खाद्य तेल व्यवसाय के कारण हुई, जिसमें सालाना आधार पर 26 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। इस सेगमेंट ने 13,415 करोड़ रुपए का योगदान दिया, जो कुल राजस्व का 78.6 प्रतिशत और ओवरऑल वॉल्यूम मिक्स का 61 प्रतिशत है।

फूड और एफएमसीजी बिजनेस का राजस्व 4 प्रतिशत बढ़कर 1,414 करोड़ रुपए हो गया। हालांकि, इस सेगमेंट ने राजस्व में केवल 8 प्रतिशत का योगदान दिया, लेकिन कुल वॉल्यूम मिक्स में इसका योगदान 16 प्रतिशत था। कंपनी ने इस दौरान इस कैटेगरी में कीमतों में भी वृद्धि की।

कंपनी ने बताया कि उसके इंडस्ट्री एसेंशियल बिजनेस में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसने कुल राजस्व में 12 प्रतिशत का योगदान दिया।

एडब्ल्यूएल अपने फूड और एफएमसीजी बिजनेस का सक्रिय रूप से विस्तार कर रहा है और इसमें अपने खाद्य तेल सेगमेंट से प्राप्त मजबूत नकदी प्रवाह का उपयोग कर रहा है। खाद्य तेल सेगमेंट सालाना लगभग 1,200-1,500 करोड़ रुपए का कैश फ्लो उत्पन्न करता है, जिससे नई कैटेगरी में निवेश बढ़ता है।

अपनी बाजार पहुंच को मजबूत करने के लिए, एडब्ल्यूएल ने खुदरा कवरेज को 18 प्रतिशत बढ़ाकर 8.7 लाख आउटलेट कर दिया है, जिसमें लगभग 55,000 ग्रामीण कस्बे शामिल हैं, जो वित्त वर्ष 2022 से दस गुना वृद्धि है।

मजबूत राजस्व वृद्धि के बावजूद, जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ घटकर 238 करोड़ रुपए रह गया, जिसका मुख्य कारण कच्चे माल की बढ़ी हुई लागत थी।

कंपनी ने बताया कि बेची गई वस्तुओं की लागत (सीओजीएस) राजस्व वृद्धि की तुलना में 25 प्रतिशत बढ़ी। हालांकि, पिछले तीन महीनों में कच्चे माल की कीमतों में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है और इसका लाभ आगामी तिमाहियों में दिखाई देने की उम्मीद है।

एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस का शेयर मंगलवार को 263 रुपए प्रति शेयर पर बंद हुआ।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस की सफलता भारतीय एफएमसीजी क्षेत्र की मजबूत स्थिति को दर्शाती है। खाद्य तेल की मांग में वृद्धि और कंपनी द्वारा किए गए सक्रिय विस्तार से यह संकेत मिलता है कि भारतीय बाजार में संभावनाएं बढ़ रही हैं।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस का राजस्व कितना है?
एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस ने वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 17,059 करोड़ रुपए का राजस्व दर्ज किया है।
कंपनी का शुद्ध लाभ कितने पर पहुंचा?
कंपनी का शुद्ध लाभ जून तिमाही में 238 करोड़ रुपए रह गया।
कंपनी के खाद्य तेल व्यवसाय में कितनी वृद्धि हुई?
खाद्य तेल व्यवसाय में सालाना आधार पर 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
राष्ट्र प्रेस
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