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क्या कैबिनेट ने 'कोलसेतु' विंडो को मंजूरी दी जिससे कोयले का औद्योगिक उपयोग और निर्यात आसान होगा?

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क्या कैबिनेट ने 'कोलसेतु' विंडो को मंजूरी दी जिससे कोयले का औद्योगिक उपयोग और निर्यात आसान होगा?

सारांश

कैबिनेट ने एक नई नीति मंजूर की है जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में कोयले का उपयोग और निर्यात आसान होगा। यह नीति कोलसेतु नामक विंडो के तहत लागू की जाएगी, जिससे नीलामी के माध्यम से दीर्घकालिक कोयला लिंकेज का आवंटन किया जाएगा।

मुख्य बातें

कोलसेतु विंडो के माध्यम से औद्योगिक उपयोग के लिए कोयले का उपयोग आसान होगा।
नीति में नीलामी के आधार पर दीर्घकालिक कोयला लिंकेज का आवंटन होगा।
कोकिंग कोल का प्रस्ताव इस विंडो के अंतर्गत नहीं होगा।
कोल लिंकेज होल्डर्स 50% तक कोयले का निर्यात कर सकेंगे।
सरकार ने ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इस नीति को मंजूरी दी है।

नई दिल्ली, 12 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने शुक्रवार को निर्बाध, कुशल और पारदर्शी उपयोग के लिए कोयला लिंकेज की नीलामी नीति को मंजूरी दी है।

इस नीति के तहत, औद्योगिक उपयोग और निर्यात के लिए कोलसेतु नामक एक नई विंडो स्थापित की गई है, जो एनआरएस लिंकेज नीति में समाहित की गई है। यह नई नीति सरकार द्वारा कोयला क्षेत्र में हो रहे सुधारों का परिचायक है।

कैबिनेट की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह नीति 2016 की एनआरएस (नॉन-रेगुलेटेड सेक्टर) लिंकेज नीलामी नीति में कोलसेतु नामक एक विशेष विंडो जोड़कर, औद्योगिक उपयोग और निर्यात के लिए नीलामी के आधार पर दीर्घकालिक कोयला लिंकेज के आवंटन की अनुमति देगी। इस विंडो के अंतर्गत कोकिंग कोल का प्रस्ताव नहीं दिया जाएगा।

एनआरएस जैसे सीमेंट, स्टील (कोकिंग), स्पंज आयरन, एल्युमीनियम आदि के लिए कोयला लिंकेज की मौजूदा नीति में सभी नए कोयला लिंकेज का आवंटन नीलामी के आधार पर किया जाएगा।

सरकार ने कहा कि मौजूदा और भविष्य के बाजार की गतिशीलता को देखते हुए, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के उद्देश्य से और देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, एनआरएस कोयला आपूर्ति की वर्तमान व्यवस्था पर नए सिरे से विचार करने की आवश्यकता थी।

सरकार का मानना है कि इस नीति के माध्यम से औद्योगिक उपयोग और निर्यात के लिए दीर्घकालिक कोयला लिंकेज का आवंटन किया जा सकेगा। इस विंडो के तहत ट्रेडर्स को भाग लेने की अनुमति नहीं होगी।

इस विंडो के अंतर्गत प्राप्त कोयला लिंकेज का उपयोग देश में रीसेल को छोड़कर, स्वयं के उपयोग, कोयले के निर्यात या अन्य उद्देश्यों के लिए होगा। कोल लिंकेज होल्डर्स अपनी लिंकेज मात्रा का 50 प्रतिशत तक कोयले का निर्यात कर सकेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को भी पूरा करने में सहायक होगी। सरकार के प्रयासों से कोयला क्षेत्र में सुधार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलसेतु विंडो क्या है?
कोलसेतु विंडो कोयले के औद्योगिक उपयोग और निर्यात के लिए एक नई नीति है, जो नीलामी के माध्यम से दीर्घकालिक कोयला लिंकेज का आवंटन करेगी।
इस नीति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस नीति का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक उपयोग को सरल बनाना और कोयले के निर्यात को बढ़ावा देना है।
राष्ट्र प्रेस
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