अयोध्या में हिंदू नव वर्ष पर राम मंदिर के शिखर पर नया ध्वज फहराया गया
सारांश
Key Takeaways
- राम मंदिर के शिखर पर नया ध्वज फहराया गया।
- ध्वज का औपचारिक ध्वजारोहण 25 नवंबर 2025 को हुआ था।
- यह ध्वज भारतीय संस्कृति और एकता का प्रतीक है।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे नए युग का शुभारंभ बताया।
- ध्वज पर 'ॐ' और कोविदार वृक्ष की आकृति अंकित है।
अयोध्या, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हिंदू नववर्ष के इस विशेष अवसर पर राम मंदिर के शिखर पर एक नया ध्वज फहराया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि नव वर्ष की पवित्रता के प्रतीक के रूप में राम मंदिर के शिखर पर नवीन ध्वज का रोहण किया गया।
ज्ञात हो कि 25 नवंबर 2025 को अभिजीत मुहूर्त में, श्री राम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा का औपचारिक ध्वजारोहण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ था। इस भव्य अवसर पर धर्म ध्वजा का आयोजन धूमधाम से किया गया। इस समकोण त्रिभुजाकार धर्म ध्वजा की ऊंचाई 10 फुट और लंबाई 20 फुट है। ध्वज पर उकेरा गया दीप्तिमान सूर्य भगवान राम के तेज और वीरता का प्रतीक माना जाता है।
इस पर 'ॐ' का चिन्ह और कोविदार वृक्ष की आकृति भी अंकित है। यह पवित्र ध्वजा गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देती है और रामराज्य के आदर्शों का प्रतीक मानी जाती है। यह धर्म ध्वजा पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर शैली में निर्मित मंदिर के 'शिखर' पर फहराई जाएगी, जबकि इसके चारों ओर बना लगभग 800 मीटर लंबा परकोटा दक्षिण भारतीय वास्तुकला में डिजाइन किया गया है, जो मंदिर की वास्तुशिल्प विविधता को दर्शाता है।
जब 25 नवंबर 2025 को ध्वज फहराया गया था तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण की शुरुआत सियावर रामचंद्र भगवान, माता जानकी, सरयू मैया की जय, भारत माता की जय और हर हर महादेव के उद्घोष के साथ की थी। मंदिर परिसर में जय-जयकार से गूंज उठी थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि ध्वजारोहण यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं बल्कि नए युग का शुभारंभ है। प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, सम्मान व आत्मगौरव का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा था कि यह आयोजन पूज्य संतों, योद्धाओं, और श्रीरामभक्तों की अखंड साधना-संघर्ष को समर्पित है, जिन्होंने आंदोलन व संघर्ष के लिए अपने जीवन की आहूति दी थी।