12 जुलाई 2026
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अयोध्या विवाद: संजय निषाद का अखिलेश पर पलटवार, इकबाल अंसारी ने योगी-मोदी की सराहना की

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अयोध्या विवाद: संजय निषाद का अखिलेश पर पलटवार, इकबाल अंसारी ने योगी-मोदी की सराहना की

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच अयोध्या एक बार फिर राजनीतिक अखाड़ा बन गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के 'अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्थल' वाले बयान पर मंत्री संजय निषाद ने तीखा पलटवार किया, जबकि बाबरी मामले के पूर्व याचिकाकर्ता इकबाल अंसारी ने मोदी और योगी की कार्रवाई की खुलकर तारीफ की।

मुख्य बातें

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी सरकार आने पर अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर का धार्मिक स्थल बनाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने पलटवार करते हुए कहा कि अयोध्या पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्थल है और वहाँ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी है।
निषाद ने 2027 विधानसभा चुनाव के संदर्भ में विपक्षी एकता पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 'बिन दूल्हे की बारात का क्या फायदा?' बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व याचिकाकर्ता इकबाल अंसारी ने राम मंदिर चढ़ावा मामले में सरकार की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा की; कहा — दोषी 'सलाखों के पीछे हैं।'

उत्तर प्रदेश में अयोध्या को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जाँच जारी रहने के बीच, समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दावा किया कि यदि उनकी सरकार सत्ता में आई, तो अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर का धार्मिक स्थल बनाया जाएगा। इस बयान पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने तीखा पलटवार किया है।

संजय निषाद का जवाब

मंत्री संजय निषाद ने कहा कि ये सब 'बहुरूपिया लोग' हैं। उन्होंने कहा, 'अगर इन्हें धार्मिक स्थल बनाना है, तो कृष्ण जन्मभूमि को बनाएं। अयोध्या तो पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्थल है।' निषाद ने रेखांकित किया कि अयोध्या में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहले से संचालित है और विदेशों से श्रद्धालु यहाँ आ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'पहले लोग गोवा जाते थे, आज अयोध्या आ रहे हैं।'

निषाद ने अखिलेश यादव पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप भी लगाया और कहा कि जनता सब कुछ जानती है। 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर विपक्षी एकता पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, 'दूल्हा कौन बनेगा — दिल्ली वाला या उत्तर प्रदेश वाला? बिन दूल्हे की बारात का क्या फायदा? ये दिन में एकजुटता दिखाते हैं और रात में अलग हो जाते हैं।'

इकबाल अंसारी ने सरकार की प्रशंसा की

बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व याचिकाकर्ता इकबाल अंसारी ने राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'अयोध्या भगवान राम की है और सभी धर्मों के लोग इसका सम्मान करते हैं।' उन्होंने श्रद्धालुओं की आस्था का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध सरकार की त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि दोषियों को सज़ा मिलनी चाहिए।

अंसारी ने कहा, 'अयोध्या में जो हुआ, वह गलत हुआ। नज़र में आते ही सरकार ने कार्रवाई की — गलत करने वाले आज सलाखों के पीछे हैं।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि 'भगवान के साथ गलत करने का अंजाम बुरा होता है, वही हुआ।'

राम मंदिर चढ़ावा विवाद की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी की जाँच जारी है और मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। गौरतलब है कि अयोध्या जनवरी 2024 में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख धार्मिक केंद्र बन चुकी है, जिससे इसकी राजनीतिक संवेदनशीलता और बढ़ गई है।

2027 चुनाव और अयोध्या की राजनीति

अयोध्या को लेकर यह बयानबाज़ी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में और अधिक महत्त्वपूर्ण हो जाती है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी सपा — दोनों ही अयोध्या के विकास का श्रेय लेने की कोशिश में हैं। आने वाले महीनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 के चुनावी समीकरणों की प्रयोगशाला है — दोनों पक्ष राम मंदिर की विरासत पर दावेदारी जता रहे हैं। इकबाल अंसारी का मोदी-योगी की तारीफ करना राजनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय है, क्योंकि वे बाबरी मस्जिद के पूर्व याचिकाकर्ता हैं — यह संकेत देता है कि अयोध्या की राजनीति अब पारंपरिक धार्मिक ध्रुवीकरण से आगे जा चुकी है। चढ़ावा चोरी मामले में सरकार की कार्रवाई को जिस तरह सभी पक्षों ने सराहा है, वह दर्शाता है कि मंदिर की विश्वसनीयता की रक्षा अब सबके लिए राजनीतिक अनिवार्यता बन गई है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निषाद ने अखिलेश यादव के अयोध्या बयान पर क्या कहा?
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि अयोध्या पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्थल है — वहाँ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है और विदेश से श्रद्धालु आ रहे हैं। उन्होंने अखिलेश यादव पर तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि 2027 चुनाव में विपक्ष 'बिन दूल्हे की बारात' है।
इकबाल अंसारी ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर क्या कहा?
बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व याचिकाकर्ता इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या में जो हुआ वह गलत था, लेकिन सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और दोषी सलाखों के पीछे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना की।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला क्या है?
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी का यह मामला हाल ही में सामने आया है, जिसकी जाँच जारी है और कई लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। यह मामला अयोध्या को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच और अधिक संवेदनशील हो गया है।
अखिलेश यादव ने अयोध्या को लेकर क्या वादा किया?
सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यदि उनकी सरकार सत्ता में आई, तो अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर का धार्मिक स्थल बनाया जाएगा। इस बयान को BJP ने 2027 चुनाव से पहले की राजनीतिक चाल करार दिया है।
अयोध्या 2027 उत्तर प्रदेश चुनाव में क्यों अहम है?
जनवरी 2024 में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या एक बड़े धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में उभरी है, जिससे यह 2027 के विधानसभा चुनाव में BJP और सपा दोनों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गई है। दोनों पक्ष इसके विकास का श्रेय लेने की होड़ में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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