अयोध्या विवाद: संजय निषाद का अखिलेश पर पलटवार, इकबाल अंसारी ने योगी-मोदी की सराहना की
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में अयोध्या को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जाँच जारी रहने के बीच, समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दावा किया कि यदि उनकी सरकार सत्ता में आई, तो अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर का धार्मिक स्थल बनाया जाएगा। इस बयान पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने तीखा पलटवार किया है।
संजय निषाद का जवाब
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि ये सब 'बहुरूपिया लोग' हैं। उन्होंने कहा, 'अगर इन्हें धार्मिक स्थल बनाना है, तो कृष्ण जन्मभूमि को बनाएं। अयोध्या तो पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्थल है।' निषाद ने रेखांकित किया कि अयोध्या में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहले से संचालित है और विदेशों से श्रद्धालु यहाँ आ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'पहले लोग गोवा जाते थे, आज अयोध्या आ रहे हैं।'
निषाद ने अखिलेश यादव पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप भी लगाया और कहा कि जनता सब कुछ जानती है। 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर विपक्षी एकता पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, 'दूल्हा कौन बनेगा — दिल्ली वाला या उत्तर प्रदेश वाला? बिन दूल्हे की बारात का क्या फायदा? ये दिन में एकजुटता दिखाते हैं और रात में अलग हो जाते हैं।'
इकबाल अंसारी ने सरकार की प्रशंसा की
बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व याचिकाकर्ता इकबाल अंसारी ने राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'अयोध्या भगवान राम की है और सभी धर्मों के लोग इसका सम्मान करते हैं।' उन्होंने श्रद्धालुओं की आस्था का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध सरकार की त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि दोषियों को सज़ा मिलनी चाहिए।
अंसारी ने कहा, 'अयोध्या में जो हुआ, वह गलत हुआ। नज़र में आते ही सरकार ने कार्रवाई की — गलत करने वाले आज सलाखों के पीछे हैं।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि 'भगवान के साथ गलत करने का अंजाम बुरा होता है, वही हुआ।'
राम मंदिर चढ़ावा विवाद की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी की जाँच जारी है और मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। गौरतलब है कि अयोध्या जनवरी 2024 में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख धार्मिक केंद्र बन चुकी है, जिससे इसकी राजनीतिक संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
2027 चुनाव और अयोध्या की राजनीति
अयोध्या को लेकर यह बयानबाज़ी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में और अधिक महत्त्वपूर्ण हो जाती है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी सपा — दोनों ही अयोध्या के विकास का श्रेय लेने की कोशिश में हैं। आने वाले महीनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।