बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर SOP: कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने सरकार के कदम को सराहा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने 14 जुलाई को मुंबई में कहा कि सोशल मीडिया पर बच्चों के शोषण से जुड़े कंटेंट को रोकने के लिए सरकार द्वारा तैयार की जा रही मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SOP) स्वागतयोग्य हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि छोटे बच्चों के हाथ में अनियंत्रित रूप से मोबाइल फोन देना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
बच्चों और स्क्रीन टाइम पर चिंता
दलवई ने कहा कि अक्सर माता-पिता या परिवार के सदस्य बच्चों को व्यस्त रखने के लिए उनके हाथ में मोबाइल थमा देते हैं, जिसके कारण बच्चे कई-कई घंटे स्क्रीन पर बिताते हैं। उनके अनुसार, इसका प्रतिकूल असर बच्चों की आँखों के साथ-साथ उनके मानसिक विकास पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार का यह कदम सराहनीय है।
उद्धव ठाकरे और भाजपा विवाद पर प्रतिक्रिया
शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के द्वारा उद्धव ठाकरे पर हिंदुत्व के मुद्दों को लेकर लगाए गए आरोपों पर दलवई ने पलटवार करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगियों को पहले अपनी भूमिका पर विचार करना चाहिए। उनका कहना था कि जिन मुद्दों पर भ्रष्टाचार या अनियमितताओं के आरोप हैं, उन पर BJP की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता, जबकि उद्धव ठाकरे पर लगातार सवाल उठाए जाते हैं। दलवई के अनुसार, ठाकरे महाराष्ट्र में जनता के बीच जाकर ज़मीनी मुद्दे उठा रहे हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट और CEO नियुक्ति पर सवाल
राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाने पर दलवई ने कहा कि केवल CEO की नियुक्ति से सभी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में भ्रष्टाचार बढ़ा है और ऐसे मामलों की निगरानी के लिए स्वतंत्र संस्थागत व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय भी इस विषय पर विचार करे।
गौवध प्रतिबंध और पशु कल्याण पर संतुलित दृष्टिकोण
तमिलनाडु में गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक के संदर्भ में दलवई ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की ज़रूरत बताई। उन्होंने कहा कि गायों की रक्षा की बात करते हुए उनके पालन-पोषण और देखभाल पर भी समान ध्यान देना होगा। उन्होंने देश में बड़ी संख्या में आवारा गायों की दुर्दशा का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल प्रतिबंध से समस्या का समाधान नहीं होगा — पशुओं की समुचित देखभाल भी सुनिश्चित करनी होगी।
वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता की माँग
बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी द्वारा सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड की ज़मीनों में कथित अनियमितताओं की जाँच की माँग पर दलवई ने कहा कि यदि ऐसे आरोप हैं तो उनकी निष्पक्ष और गहन जाँच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियाँ सामाजिक और धार्मिक उद्देश्यों के लिए होती हैं, इसलिए उनके प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता अनिवार्य है। दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, यह भी उन्होंने स्पष्ट किया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में डिजिटल सुरक्षा और बाल संरक्षण को लेकर नीतिगत बहस तेज़ हो रही है।