बागेश्वर बाबा का राजनीतिक तमाशा बंगाल में नहीं चलेगा: टीएमसी नेता मदन मित्रा का BJP पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने 3 नवंबर 2026 को कोलकाता में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान कृष्ण संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और स्पष्ट कहा कि पश्चिम बंगाल में उनका राजनीतिक तमाशा नहीं चलेगा। मित्रा ने साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्य में स्थिति को लेकर भी कड़े सवाल उठाए और दावा किया कि BJP की सरकार केवल पाँच से छह महीने ही टिक पाएगी।
बागेश्वर बाबा पर मदन मित्रा की राय
मित्रा ने कहा कि बंगाल में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को जरूरत से अधिक महत्व देने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, 'बाबा के खिलाफ कुछ शब्द बोलना भी समय बर्बाद करने जैसा है।' मित्रा ने सवाल उठाया कि आखिर बागेश्वर बाबा कौन हैं और उन्हें इतनी लोकप्रियता तथा महत्व क्यों दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें बागेश्वर बाबा से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन आरोप लगाया कि वे लगातार राजनीतिक प्रचार हासिल करने के लिए बेतुकी बातें करते रहते हैं।
राम-कृष्ण विवाद पर टिप्पणी
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान कृष्ण संबंधी बयान के संदर्भ में मदन मित्रा ने कहा कि BJP ने राम मंदिर तो बनवाया, लेकिन कृष्ण मंदिर नहीं। उन्होंने कहा कि संभवतः बागेश्वर बाबा को यह भी नहीं पता कि भगवान राम भी भगवान कृष्ण के भक्त रहे हैं। मित्रा ने दार्शनिक अंदाज में यह भी जोड़ा कि राम और कृष्ण दोनों मिलकर 'रामकृष्ण' बनते हैं — जो पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक पहचान से सीधा जुड़ा संदर्भ है।
मित्रा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का उल्लेख करते हुए कहा कि वह स्वयं बड़ी भक्त हैं और हर मंदिर में पूजा करती हैं — यह टिप्पणी बागेश्वर बाबा की धार्मिक साख पर एक परोक्ष चुनौती के रूप में देखी जा रही है।
BJP पर सीधा हमला
पश्चिम बंगाल में BJP की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए मित्रा ने कहा कि पार्टी की हालत बेहद खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सुवेंदु अधिकारी के अलावा कोई सक्रिय दिखाई नहीं देता। मित्रा ने BJP पर नीतिगत विरोधाभास का भी आरोप लगाया — उनके अनुसार पार्टी एक दिन कहती है कि उसका कोई ट्रेड यूनियन नहीं है और अगले ही दिन ट्रेड यूनियन बनाने की बात करती है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या BJP की देश और बंगाल के लिए अलग-अलग नीतियाँ हैं। मित्रा ने एयरपोर्ट और मेट्रो में भारतीय मजदूर संघ के गठन का हवाला देते हुए पार्टी के संगठनात्मक फैसलों पर सवाल उठाए।
सरकार के भविष्य पर दावा
मित्रा ने दावा किया कि BJP बिखर रही है और जनता उससे नाराज हो रही है। उनके अनुसार सुवेंदु अधिकारी अकेले उत्तर बंगाल में घूमने की कोशिश करते हैं, लेकिन पार्टी में भ्रष्ट और असामाजिक तत्व भी शामिल हो चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ राजनीतिक दलों के एजेंडे पर तेज़ी से आ रही हैं।
गौरतलब है कि मित्रा के इन बयानों को TMC की उस रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें BJP-समर्थित धार्मिक हस्तियों की राजनीतिक भूमिका को बंगाल की जनता के सामने चुनौती दी जाती है। आने वाले हफ्तों में बागेश्वर बाबा की संभावित बंगाल यात्रा को लेकर राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।