7 जुलाई 2026
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बकरीद पर गाय-भैंस की कुर्बानी पर पश्चिम बंगाल का प्रतिबंध सही: केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे

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बकरीद पर गाय-भैंस की कुर्बानी पर पश्चिम बंगाल का प्रतिबंध सही: केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे

सारांश

बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना गाय-भैंस की कुर्बानी पर कड़ा प्रतिबंध लगाया। केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने इसे सही फैसला बताया और कहा कि हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुँचाने वाले कार्यों पर रोक लगनी चाहिए।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने 22 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के बकरीद प्रतिबंध का समर्थन किया।
पश्चिम बंगाल सरकार ने 27 मई की बकरीद से पहले आधिकारिक नोटिस जारी किया — फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना गाय, बैल, बछड़े या भैंस की कुर्बानी पर प्रतिबंध।
प्रमाण पत्र पर दो अलग-अलग अधिकारियों के हस्ताक्षर अनिवार्य; उल्लंघन पर 6 माह कैद और ₹1,000 जुर्माना ।
दुबे ने नीट पेपर लीक मामले में जल्द और गिरफ्तारियों का भरोसा दिलाया।
मोदी-मेलोनी मुलाकात पर दुबे ने विपक्ष से राजनीति न करने की अपील की।

केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने 22 मई 2026 को पटना में पत्रकारों से बात करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार के उस निर्देश का समर्थन किया, जिसमें बकरीद के अवसर पर बैल, गाय और भैंस की कुर्बानी पर कड़ा प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर राजनीति करना उचित नहीं है और राज्य सरकार का यह कदम सही दिशा में है।

मंत्री का बयान

दुबे ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हम लोग गाय की पूजा करते हैं और उनकी कुर्बानी देना सही नहीं है।' उन्होंने आगे कहा कि चाहे बकरीद हो या कोई अन्य अवसर, ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए जिससे हिंदुओं की आस्था आहत हो। उनके अनुसार, जब कोई राज्य सरकार इस तरह का आदेश जारी करे तो उसका पालन अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।

पश्चिम बंगाल सरकार का आधिकारिक नोटिस

27 मई को पड़ने वाली बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने एक औपचारिक सार्वजनिक सूचना जारी की। इस नोटिस में कहा गया है कि फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना किसी भी बैल, बछड़े, गाय या भैंस की कुर्बानी नहीं दी जा सकती। प्रमाण पत्र पर दो अलग-अलग अधिकारियों के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उल्लंघन को संज्ञेय अपराध माना जाएगा, जिसके लिए छह महीने तक की कैद और ₹1,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

नीट पेपर लीक पर प्रतिक्रिया

नीट पेपर लीक मामले पर दुबे ने कहा कि जाँच जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियाँ होंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और समय के साथ पूरी सच्चाई सामने आएगी।

मोदी-मेलोनी मुलाकात पर टिप्पणी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को 'मेलोडी' टॉफी भेंट किए जाने के प्रसंग पर दुबे ने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच मिठास और बढ़ेगी, जिससे कई समझौतों का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। उन्होंने विपक्ष से इस मुद्दे पर राजनीति न करने की अपील की और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा से देशहित में काम करते आए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बकरीद से ठीक पहले इसे सार्वजनिक रूप से दोहराना एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी है। केंद्रीय मंत्री का इस पर खुला समर्थन सत्तारूढ़ दल की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा दिखता है जिसमें धार्मिक संवेदनशीलता के मुद्दों पर सक्रिय रुख अपनाया जाता है। सवाल यह है कि फिटनेस सर्टिफिकेट की व्यावहारिक उपलब्धता कितनी सुनिश्चित है — बिना पारदर्शी क्रियान्वयन के, ऐसे आदेश चुनिंदा प्रवर्तन का जोखिम उठाते हैं।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल ने बकरीद पर गाय-भैंस की कुर्बानी पर क्या नियम लागू किए हैं?
पश्चिम बंगाल सरकार ने आधिकारिक नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना किसी भी बैल, बछड़े, गाय या भैंस की कुर्बानी नहीं दी जा सकती। प्रमाण पत्र पर दो अलग-अलग अधिकारियों के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं।
नियम उल्लंघन पर क्या सजा है?
उल्लंघन को संज्ञेय अपराध माना जाएगा, जिसके लिए छह महीने तक की कैद और ₹1,000 तक का जुर्माना हो सकता है।
केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने इस प्रतिबंध पर क्या कहा?
दुबे ने पश्चिम बंगाल सरकार के आदेश का पूरा समर्थन किया और कहा कि गाय की पूजा करने वाले समाज में उनकी कुर्बानी उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
2026 में बकरीद कब है?
2026 में बकरीद 27 मई को पड़ रही है। इसी से पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने यह सार्वजनिक सूचना जारी की है।
क्या यह प्रतिबंध केवल पश्चिम बंगाल में है?
यह नोटिस पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जारी किया गया है। दुबे ने कहा कि जो भी राज्य सरकार इस तरह का आदेश दे, उसका पालन होना चाहिए — लेकिन उन्होंने किसी अन्य राज्य में ऐसे आदेश का उल्लेख नहीं किया।
राष्ट्र प्रेस
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