7 जुलाई 2026
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कुर्बानी पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर भाजपा का पलटवार: 'नियम सबके लिए समान, उल्लंघन पर जेल'

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कुर्बानी पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर भाजपा का पलटवार: 'नियम सबके लिए समान, उल्लंघन पर जेल'

सारांश

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बकरीद से पहले सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी पर रोक लगाई — और भाजपा ने इसे 'कानून की जीत' बताया। प्रियंका टिबरेवाल से लेकर तपस रॉय तक, सभी ने एक सुर में कहा: नियम सबके लिए हैं, उल्लंघन पर जेल।

मुख्य बातें

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बकरीद से पहले सार्वजनिक सड़कों और रिहायशी इलाकों में कुर्बानी पर रोक लगाई।
भाजपा नेता प्रियंका टिबरेवाल ने कहा — 14 वर्ष से कम उम्र के पशुओं की कुर्बानी पहले से प्रतिबंधित है।
कुर्बानी केवल प्रशासन द्वारा चिह्नित स्थानों पर ही होगी — यह उच्च न्यायालय का स्पष्ट निर्देश।
भाजपा विधायक तपस रॉय , पापिया अधिकारी और संजय सिंह ने भी फैसले का समर्थन किया।
भाजपा नेताओं ने TMC नेता हुमायूं कबीर और सांसद महुआ मोइत्रा के बयानों की आलोचना की।

कोलकाता उच्च न्यायालय द्वारा बकरीद से पहले सार्वजनिक स्थानों और रिहायशी इलाकों में कुर्बानी पर रोक लगाने के आदेश के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई नेताओं ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि कानून सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है। 22 मई को सामने आई इन प्रतिक्रियाओं में भाजपा नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं और सांसद महुआ मोइत्रा पर भी तीखे हमले किए।

प्रियंका टिबरेवाल का तीखा बयान

भाजपा नेता प्रियंका टिबरेवाल ने कहा कि जो अधिनियम पहले से लागू है, उसमें पशु वध को लेकर सभी नियम और कानून स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। उन्होंने कहा, '14 वर्ष से कम उम्र के पशुओं की कुर्बानी नहीं की जा सकती — यह कानून में पहले से है।' टिबरेवाल ने TMC नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर यह बातें समझ नहीं आ रही हैं तो बैठकर पढ़ें।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि कुर्बानी केवल चिह्नित स्थानों पर ही की जाएगी — सार्वजनिक सड़कों, रास्तों या रिहायशी इलाकों में नहीं। TMC नेता हुमायूं कबीर के बयान पर उन्होंने कहा कि नियम-कानून सबके लिए है — 'मानेंगे तो ठीक है, नहीं तो जेल भेजा जाएगा।'

रितेश तिवारी और तपस रॉय की प्रतिक्रिया

भाजपा नेता रितेश तिवारी ने महुआ मोइत्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका रुख दर्शाता है कि ये लोग 'कैसे हिंदू हैं।' उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के समय भी यही लोग आकर ज्ञान देते हैं, जबकि जनता ने इनके खिलाफ भारी मतदान किया है।

भाजपा विधायक तपस रॉय ने उच्च न्यायालय के फैसले को उचित ठहराते हुए कहा कि गैर-कानूनी काम न तो भारत में होगा और न पश्चिम बंगाल में। उन्होंने महुआ मोइत्रा पर भी टिप्पणी की।

अन्य भाजपा विधायकों की राय

भाजपा विधायक पापिया अधिकारी ने कहा कि किसी के त्योहार पर रोक नहीं लगाई गई है — केवल यह तय किया गया है कि कुर्बानी निर्धारित स्थानों पर ही हो। भाजपा विधायक संजय सिंह ने हुमायूं कबीर के बयान पर कहा कि सभी को अपनी सोच बदलनी होगी और जिस काम से किसी भी समुदाय को ठेस पहुँचती हो, उसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'जिद करने वालों के लिए कानून का शासन होगा।'

पृष्ठभूमि: उच्च न्यायालय का आदेश

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बकरीद से पहले स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कुर्बानी केवल प्रशासन द्वारा चिह्नित स्थानों पर ही होगी। सार्वजनिक सड़कों, खुले रास्तों और रिहायशी क्षेत्रों में कुर्बानी पर रोक है। यह आदेश पहले से लागू पशु वध संबंधी अधिनियम के अनुरूप है।

आगे क्या

भाजपा नेताओं के बयानों के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ने के आसार हैं। प्रशासन पर दबाव होगा कि वह उच्च न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित करे। यह मामला पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच बढ़ते टकराव की एक और कड़ी बन गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कुर्बानी को लेकर क्या आदेश दिया है?
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि बकरीद पर कुर्बानी केवल प्रशासन द्वारा चिह्नित स्थानों पर ही की जाएगी। सार्वजनिक सड़कों, खुले रास्तों और रिहायशी इलाकों में कुर्बानी पर रोक है।
14 वर्ष से कम उम्र के पशुओं की कुर्बानी क्यों नहीं हो सकती?
भाजपा नेता प्रियंका टिबरेवाल के अनुसार, पहले से लागू पशु वध अधिनियम में यह प्रावधान है कि 14 वर्ष से कम उम्र के पशुओं का वध नहीं किया जा सकता। यह नियम सभी समुदायों पर समान रूप से लागू है।
भाजपा नेताओं ने हुमायूं कबीर के बयान पर क्या कहा?
भाजपा नेताओं ने TMC नेता हुमायूं कबीर के बयान की कड़ी आलोचना की। प्रियंका टिबरेवाल ने उन पर तंज कसा, जबकि रितेश तिवारी और संजय सिंह ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
क्या उच्च न्यायालय के आदेश से बकरीद का त्योहार प्रभावित होगा?
भाजपा विधायक पापिया अधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी के त्योहार पर रोक नहीं लगाई गई है — केवल यह तय किया गया है कि कुर्बानी निर्धारित स्थानों पर ही हो। अदालत का आदेश त्योहार पर नहीं, बल्कि स्थान की सीमा पर केंद्रित है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा और TMC के बीच यह विवाद क्यों बढ़ रहा है?
भाजपा नेताओं ने महुआ मोइत्रा और हुमायूं कबीर के बयानों को लेकर TMC पर सीधा हमला किया है। यह विवाद पश्चिम बंगाल में दोनों दलों के बीच चल रहे राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि में और तीखा हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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