11 जुलाई 2026
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बरेली में डॉक्टर पति पर दहेज प्रताड़ना और ट्रिपल तलाक का मुकदमा, थाना कैंट में एफआईआर दर्ज

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बरेली में डॉक्टर पति पर दहेज प्रताड़ना और ट्रिपल तलाक का मुकदमा, थाना कैंट में एफआईआर दर्ज

सारांश

बरेली में एक महिला की शिकायत पर डॉक्टर पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना व ट्रिपल तलाक का मुकदमा दर्ज हुआ है। उसी दिन झारखंड के गिरिडीह में रजिया खातून की शादी के एक माह बाद संदिग्ध मौत ने दहेज उत्पीड़न की गंभीर तस्वीर सामने रखी।

मुख्य बातें

बरेली के थाना कैंट में 11 जुलाई को डॉक्टर पति और ससुराल पक्ष के विरुद्ध दहेज प्रताड़ना व ट्रिपल तलाक का मुकदमा दर्ज।
पीड़िता की शादी वर्ष 2019 में उत्तराखंड में हुई थी; पति और जेठ-जेठानियों पर मारपीट का आरोप।
मुकदमा BNS , दहेज प्रतिषेध अधिनियम और मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत दर्ज।
झारखंड के गिरिडीह में रजिया खातून की शादी के करीब एक माह बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत; परिजनों ने दहेज हत्या का आरोप लगाया।
गिरिडीह में परिजनों और ग्रामीणों ने जमुआ-खोरीमहुआ मार्ग जाम कर गिरफ्तारी और निष्पक्ष जाँच की माँग की।

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक विवाहित महिला की शिकायत पर पुलिस ने उसके डॉक्टर पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के विरुद्ध दहेज प्रताड़ना और ट्रिपल तलाक के आरोप में थाना कैंट में मुकदमा दर्ज किया है। 11 जुलाई को दर्ज इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत कार्रवाई की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस कमिश्नर आशुतोष शिवम ने बताया कि पीड़िता ने शुक्रवार को थाना कैंट में तहरीर दी, जिसमें उल्लेख किया गया कि वर्ष 2019 में उत्तराखंड में उसका निकाह हुआ था। महिला के अनुसार, उसके डॉक्टर पति द्वारा लगातार उसकी पिटाई की जाती रही। इसके अतिरिक्त जेठ और जेठानियों सहित ससुराल के अन्य सदस्यों ने भी उसके साथ मारपीट की।

पुलिस कमिश्नर के अनुसार, पीड़िता को दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक दोनों रूपों से प्रताड़ित किया गया। इसी के साथ उसे अलग-अलग स्थानों पर तीन तलाक भी दिया गया, जो मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत दंडनीय अपराध है।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर BNS की सुसंगत धाराओं, दहेज प्रतिषेध अधिनियम तथा मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया है। पुलिस कमिश्नर आशुतोष शिवम ने बताया कि मामले की जाँच जारी है और अन्य आवश्यक कानूनी कदम भी उठाए जा रहे हैं।

झारखंड में भी दहेज उत्पीड़न का मामला

इसी बीच, झारखंड के गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र से भी दहेज उत्पीड़न से जुड़ी एक दुखद घटना सामने आई। भूचारोबाद (आजाद नगर) निवासी रजिया खातून की विवाह के करीब एक माह बाद ही गुरुवार की शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनकी शादी हीरोडीह थाना क्षेत्र के कुरूमडीहा गांव के अब्जल अंसारी से हुई थी।

मृतका के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष मोटरसाइकिल की माँग कर रहा था और माँग पूरी न होने पर रजिया को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों ने दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया है। शुक्रवार को परिजनों और ग्रामीणों ने शव के साथ जमुआ-खोरीमहुआ मुख्य मार्ग जाम कर ससुराल पक्ष की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जाँच की माँग की। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद जाम समाप्त हुआ।

आम जनता पर असर

ये दोनों मामले दहेज उत्पीड़न की उस व्यापक समस्या को उजागर करते हैं जो सामाजिक और आर्थिक सीमाओं के पार फैली है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत ट्रिपल तलाक को आपराधिक घोषित किए जाने के बावजूद ऐसी घटनाएँ रिपोर्ट होती रहती हैं।

क्या होगा आगे

बरेली मामले में पुलिस जाँच जारी है और आरोपी पक्ष के विरुद्ध गिरफ्तारी की कार्रवाई संभावित है। गिरिडीह मामले में पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई का संकेत दिया है। दोनों मामलों में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए स्थानीय प्रशासन पर दबाव बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी ऐसी शिकायतें सामने आती रहती हैं — जो कानून के क्रियान्वयन की सीमाओं पर गंभीर प्रश्न खड़ा करती हैं। जाँच की दिशा और आरोपियों पर होने वाली कार्रवाई ही बताएगी कि पीड़िताओं को वास्तविक न्याय मिलता है या यह मामला भी फाइलों में दब जाता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बरेली दहेज और ट्रिपल तलाक मामले में एफआईआर किसके खिलाफ दर्ज हुई?
यह एफआईआर पीड़िता के डॉक्टर पति और ससुराल के अन्य सदस्यों — जिनमें जेठ और जेठानियाँ शामिल हैं — के विरुद्ध बरेली के थाना कैंट में 11 जुलाई को दर्ज की गई। मुकदमा BNS, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत पंजीकृत है।
ट्रिपल तलाक पर भारत में क्या कानून है?
मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत एक साथ तीन तलाक देना दंडनीय अपराध है, जिसमें तीन वर्ष तक की कैद का प्रावधान है। इस कानून के अंतर्गत पीड़ित महिला गुजारा-भत्ता और बच्चों की कस्टडी की भी हकदार है।
झारखंड के गिरिडीह में रजिया खातून की मौत कैसे हुई?
रजिया खातून की शादी के करीब एक माह बाद गुरुवार की शाम गिरिडीह जिले के कुरूमडीहा गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष मोटरसाइकिल की माँग को लेकर उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहा था और इसी कारण उनकी हत्या की गई।
बरेली मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई क्या होगी?
पुलिस कमिश्नर आशुतोष शिवम के अनुसार मामले की जाँच जारी है और आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। जाँच के निष्कर्षों के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई अपेक्षित है।
दहेज प्रताड़ना के मामलों में कौन-सी धाराएँ लागू होती हैं?
दहेज प्रताड़ना के मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम लागू होता है। यदि मामले में ट्रिपल तलाक भी शामिल हो, तो मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के प्रावधान भी जोड़े जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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