आरजी कर मामला: राज्यपाल ने डॉ. अविक डे के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए, तीन IPS भी निशाने पर
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि ने शनिवार, 23 मई 2026 को रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (RMO) डॉ. अविक डे के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए। डॉ. डे का नाम अगस्त 2024 में कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला जूनियर डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या के मामले तथा संस्थान से जुड़ी करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के मामले में सामने आया था। राज्य प्रशासन द्वारा आरजी कर मामले की फाइलें दोबारा खोले जाने के तुरंत बाद राज्यपाल ने यह कदम उठाया।
डॉ. अविक डे पर क्या हैं आरोप
डॉ. अविक डे को आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का करीबी माना जाता है। उन पर कई गंभीर आरोप हैं — अपने करीबी सहयोगियों के ज़रिए राज्य के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में कथित तौर पर 'धमकी का माहौल' बनाना और सेवा कोटे के तहत अवैध रूप से स्नातकोत्तर प्रशिक्षण हासिल करना। इसके अलावा, उन पर आरजी कर बलात्कार और हत्या मामले में पीड़िता का शव मिलने के बाद तड़के घटनास्थल पर बिना किसी आधिकारिक भूमिका के पहुंचने का भी आरोप है — उनकी उपस्थिति के समय और कारणों पर जांचकर्ताओं ने सवाल उठाए थे।
वित्तीय अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) उन्हें पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल वे पूर्वी बर्दवान जिले के बर्दवान मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री की घोषणा और समानांतर जांच
हाल ही में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आरजी कर से जुड़े मामलों की फाइलें फिर से खोलने की घोषणा की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नई राज्य-स्तरीय जांच CBI की मौजूदा जांच के समानांतर जारी रहेगी — दोनों प्रक्रियाएं एक-दूसरे को प्रतिस्थापित नहीं करेंगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप, निलंबित तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की जा रही है।
तीन IPS अधिकारी भी जांच के दायरे में
आरजी कर मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर जांच CBI को सौंपे जाने से पहले कोलकाता पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में कथित खामियों के आरोप में तीन IPS अधिकारियों को निलंबित किया गया था। इनमें कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल, पूर्व उपायुक्त अभिषेक गुप्ता और इंदिरा मुखर्जी शामिल हैं।
आरजी कर विवाद की पृष्ठभूमि
यह मामला अगस्त 2024 में उस समय देशभर में चर्चा में आया जब आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला जूनियर डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना सामने आई। इस मामले ने न केवल अस्पताल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि संस्थान में वित्तीय अनियमितताओं और सत्ता के दुरुपयोग की परतें भी उघाड़ीं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य क्षेत्र की जवाबदेही पहले से ही जांच के घेरे में है।
आगे क्या होगा
राज्यपाल द्वारा विभागीय जांच के आदेश और CBI की मौजूदा जांच के साथ-साथ राज्य सरकार की समानांतर प्रक्रिया यह संकेत देती है कि आरजी कर मामला अभी लंबे समय तक न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के केंद्र में बना रहेगा। डॉ. अविक डे और तीनों निलंबित IPS अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के परिणाम आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।