बंगाल नगरपालिका नौकरी घोटाला: ईडी ने TMC विधायक मदन मित्रा की पत्नी और दो बेटों को समन भेजा
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित नगरपालिका नौकरी घोटाले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक मदन मित्रा की पत्नी और दो बेटों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उत्तर 24 परगना जिले के कमरहाटी विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे मित्रा के परिजनों को साल्ट लेक स्थित केंद्र सरकार के कार्यालय परिसर (सीजीओ कॉम्प्लेक्स) में ईडी के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय में अगले सप्ताह पेश होने का निर्देश दिया गया है। यह मामला ममता बनर्जी की पिछली सरकार के कार्यकाल में हुई कथित करोड़ों रुपए की भर्ती अनियमितताओं से जुड़ा है।
समन की पृष्ठभूमि
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, मित्रा परिवार के नाम तब जांच के दायरे में आए जब ईडी अधिकारी कमरहाटी नगर पालिका में हुई भर्ती गड़बड़ियों से संबंधित दस्तावेजों की छानबीन कर रहे थे। इससे पहले जून 2026 में ईडी ने मित्रा के दो आवासों — दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर और कमरहाटी — पर एक साथ छापेमारी की थी। उसी दौरान राज्य की राजधानी और आसपास के सात अन्य ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाए गए थे।
सीबीआई की समानांतर जांच
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अक्टूबर 2025 में इसी नगरपालिका भर्ती मामले में मित्रा के घर पर तलाशी ली थी। पिछले सप्ताह सीबीआई ने कोलकाता की प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की विशेष अदालत में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस और उनके बेटे समुद्र बोस के खिलाफ चार्जशीट दायर की। इस चार्जशीट में आईएएस अधिकारी ज्योतिष्मान चट्टोपाध्याय और दो कॉर्पोरेट कंपनियों के नाम भी शामिल हैं जो कथित तौर पर मंत्री और उनके बेटे से जुड़ी हैं।
बिचौलिए अयान शील की भूमिका
नगरपालिका नौकरी घोटाले का सूत्र बिचौलिए अयान शील की गिरफ्तारी से खुला। जांच अधिकारियों को शील के घर पर छापेमारी के दौरान इस घोटाले के अहम सुराग मिले। शील पर आरोप है कि वह TMC की पिछली सरकार के दौरान नगरपालिका नौकरी घोटाले और 'कैश-फॉर-स्कूल जॉब' घोटाले — दोनों में सक्रिय था। कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली और शील को गिरफ्तार किया। सीबीआई और ईडी की समानांतर जांच में शील की ₹100 करोड़ से अधिक की कथित अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है।
मामले का व्यापक संदर्भ
यह मामला पश्चिम बंगाल में सरकारी नौकरियों में बड़े पैमाने पर कथित भ्रष्टाचार की उस श्रृंखला का हिस्सा है जिसमें स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाला भी शामिल है। गौरतलब है कि इन मामलों में TMC के कई वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पहले से जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। आलोचकों का कहना है कि इन घोटालों ने राज्य की नौकरशाही में जनता के भरोसे को गहरी ठेस पहुंचाई है।
आगे क्या होगा
मदन मित्रा की पत्नी और दोनों बेटों को अगले सप्ताह ईडी के सामने पेश होना है। जांच एजेंसियां दस्तावेज़ी साक्ष्यों के आधार पर मनी ट्रेल को खंगाल रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पीएमएलए अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मुकदमे की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।