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TMC विधायक मदन मित्रा के कमरहाटी स्थित 'उदय विला' की पुलिस ने तलाशी ली, दस्तावेज जब्त

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TMC विधायक मदन मित्रा के कमरहाटी स्थित 'उदय विला' की पुलिस ने तलाशी ली, दस्तावेज जब्त

सारांश

TMC विधायक मदन मित्रा की कमरहाटी स्थित 'उदय विला' पर पुलिस का छापा महज एक तलाशी नहीं — यह राज्य में सरकार बदलने के बाद TMC-युग के कथित अतिक्रमणों पर चल रहे व्यापक अभियान की एक कड़ी है। केंद्रीय एजेंसी की ज़मीन पर कथित निर्माण की जाँच इस मामले को और संवेदनशील बनाती है।

मुख्य बातें

बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट ने 31 मई को TMC विधायक मदन मित्रा के कमरहाटी स्थित आवास 'उदय विला' की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान घर पर ताला लगा था; पुलिस ने ताला तोड़कर प्रवेश किया और करीब एक घंटे बाद दस्तावेज जब्त किए।
आरोप है कि 'उदय विला' केंद्रीय एजेंसी की स्वामित्व वाली ज़मीन पर बना है; पुलिस इसकी जाँच कर रही है।
मदन मित्रा उस समय दक्षिण कोलकाता स्थित अपने आवास पर थे और ममता बनर्जी की कालीघाट बैठक में शामिल होने वाले थे।
राज्य में सरकार बदलने के बाद से TMC-युग के कथित अवैध निर्माणों के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई जारी है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक मदन मित्रा के उत्तरी 24 परगना जिले के कमरहाटी इलाके में स्थित आवास 'उदय विला' पर रविवार, 31 मई को पुलिस ने बड़ा तलाशी अभियान चलाया। बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के उपायुक्त (दक्षिण) द्युतिमान भट्टाचार्य ने इस अभियान का नेतृत्व किया और करीब एक घंटे की तलाशी के बाद कुछ अहम दस्तावेज जब्त किए गए।

तलाशी का घटनाक्रम

पुलिस का एक बड़ा दस्ता दोपहर करीब एक बजे 'उदय विला' परिसर में पहुँचा। उस समय घर पर ताला लगा था और विधायक मदन मित्रा वहाँ मौजूद नहीं थे। पुलिस ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया, लगभग एक घंटे तक तलाशी ली और इसके बाद घर पर पुनः ताला लगाकर वहाँ से चली गई।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मदन मित्रा कभी-कभार इस घर में आकर रहते हैं। हालाँकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संपत्ति के वास्तविक स्वामित्व की जाँच अभी जारी है।

जाँच का केंद्र: सरकारी ज़मीन पर कथित निर्माण

आरोप है कि जिस भूखंड पर 'उदय विला' बना है, वह एक केंद्रीय एजेंसी की स्वामित्व वाली ज़मीन है। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि सरकारी स्वामित्व की भूमि पर यह ढाँचा किस प्रकार खड़ा किया गया। गौरतलब है कि कमरहाटी विधानसभा क्षेत्र से TMC विधायक मदन मित्रा का उसी परिसर में एक पार्टी कार्यालय भी है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह तलाशी ऐसे समय में हुई जब रविवार शाम ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर TMC की एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित थी। सूत्रों के अनुसार, मदन मित्रा इसी बैठक में शामिल होने के लिए कोलकाता में थे और उस समय दक्षिण कोलकाता स्थित अपने आवास पर मौजूद थे। राजनीतिक गलियारों में इस बात पर पैनी नज़र थी कि विधानसभा चुनाव में जीते TMC के 80 विधायकों में से कितने इस बैठक में शामिल होते हैं।

अवैध निर्माणों पर व्यापक कार्रवाई

राज्य में सरकार बदलने के बाद से पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों ने शहर और उसके आसपास अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख्त अभियान छेड़ा है। आरोप है कि इनमें से अधिकांश निर्माण TMC सरकार के कार्यकाल के दौरान पार्टी नेताओं के संरक्षण में प्रमोटरों और रियल एस्टेट डेवलपर्स द्वारा कराए गए थे। कई इलाकों में ऐसे अवैध ढाँचों को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर चलाए जा चुके हैं।

यह कार्रवाई संकेत देती है कि नई सरकार TMC-युग के कथित अतिक्रमणों की जाँच को और तेज़ कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन स्वामित्व की पुष्टि अभी नहीं हुई है — ऐसे में न्यायिक निगरानी ज़रूरी है। बिना आरोप-पत्र के ऐसी तलाशियाँ जन-धारणा तो बनाती हैं, पर जवाबदेही का विकल्प नहीं हो सकतीं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुलिस ने मदन मित्रा के घर पर तलाशी क्यों ली?
पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि एक केंद्रीय एजेंसी की स्वामित्व वाली ज़मीन पर 'उदय विला' नामक यह ढाँचा कैसे बनाया गया। तलाशी के दौरान कुछ दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
तलाशी के समय मदन मित्रा कहाँ थे?
मदन मित्रा के करीबी सूत्रों के अनुसार, वे उस समय दक्षिण कोलकाता स्थित अपने आवास पर थे। सूत्रों ने बताया कि वे ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पर होने वाली TMC बैठक में शामिल होने के लिए कोलकाता में मौजूद थे।
'उदय विला' क्या है और इसका विवाद क्यों है?
'उदय विला' कमरहाटी में स्थित वह आवास है जहाँ मदन मित्रा कभी-कभार रहते हैं। आरोप है कि यह संपत्ति एक केंद्रीय एजेंसी की ज़मीन पर बनी है, हालाँकि वास्तविक स्वामित्व की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पश्चिम बंगाल में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई कब से चल रही है?
राज्य में सरकार बदलने के बाद से पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों ने अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान तेज़ किया है। आरोप है कि इनमें से अधिकांश निर्माण TMC सरकार के कार्यकाल में पार्टी नेताओं के संरक्षण में हुए थे।
इस मामले में TMC की स्थिति क्या है?
अभी तक TMC की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। रविवार शाम ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पर TMC की एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित थी, जिसमें चुनाव में जीते 80 विधायकों की भागीदारी पर राजनीतिक नज़र टिकी थी।
राष्ट्र प्रेस
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