मदन मित्रा के फ्लैटों पर ED छापे के बाद भाजपा का हमला: 'जनता ने TMC को उखाड़ फेंका'
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कामरहाटी विधानसभा क्षेत्र के तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक मदन मित्रा के कई फ्लैटों पर छापेमारी की, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने 13 जून को तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेताओं ने इसे पश्चिम बंगाल में टीएमसी के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी जांच की कड़ी बताया।
भाजपा नेता पवन सिंह का बयान
भाजपा नेता पवन सिंह ने कहा, 'सबको पता है कि इन लोगों की जांच के लिए ईडी और सीबीआई काफी लंबे वक्त से लगी हुई हैं। जब ये सत्ता में थे तो कॉपरेट नहीं करते थे। अब सत्ता में नहीं हैं तो ईडी, सीबीआई और सीआईडी सख्ती से जांच कर रही है।' उन्होंने आगे कहा कि केवल मदन मित्रा ही नहीं, टीएमसी के छोटे नेता से लेकर बड़े नेता तक, सभी लोग कथित भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और कई और लोगों के खिलाफ जांच की जाएगी।
सिंह ने शिक्षा क्षेत्र में कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बीते 15 वर्षों में टीएमसी नेताओं ने क्या किया, यह बहुत जल्द सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा कि जब किसी स्कूल से ₹1 करोड़ 70 लाख निकल रहे हों, तो आने वाले वक्त में और क्या सामने आएगा, यह समझा जा सकता है।
लॉकेट चटर्जी और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने जांच होने के लिए ही वोट दिया है। उन्होंने कहा, 'आरोप सही पाए जाते हैं तो जरूर कार्रवाई की जाएगी। बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी को दिखा दिया कि लोकतंत्र अभी जिंदा है। जनता ने टीएमसी को उखाड़कर फेंक दिया।'
भाजपा विधायक तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में जैसी स्थिति छोड़ी थी, उसके चलते राज्य में एक तरह का राजनीतिक पलायन हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्वाभाविक है क्योंकि हर कोई उनके नेतृत्व से नाखुश था।
अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना
भाजपा नेता संजय जायसवाल ने आरोप लगाया कि बंगाल की आम जनता पर टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने अत्याचार किए, जिससे लोग बेहद परेशान हुए। उन्होंने कहा कि जनता ने ममता बनर्जी को एक कड़ा संदेश दिया है और यह भी सामने आ रहा है कि अभिषेक बनर्जी के कथित अत्याचारों से खुद टीएमसी के कार्यकर्ता और नेता भी नाखुश हैं।
भाजपा नेता सुदीप्ता दास ने कहा, 'अगर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के घरों पर छापेमारी नहीं होगी, तो फिर कहां होगी?' उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी नेताओं ने हर जगह से जबरन वसूली की है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियां कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच तेज कर रही हैं। गौरतलब है कि मदन मित्रा पहले भी शारदा चिट फंड मामले में जांच के घेरे में रह चुके हैं। भाजपा नेताओं के बयानों से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में और टीएमसी नेताओं पर जांच का दायरा बढ़ सकता है।