15 सितंबर 2026
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गणेश चतुर्थी विवाद: कांग्रेस ने डीजीपी को लिखा पत्र, BJP के R. अशोक और प्रताप सिम्हा पर तनाव फैलाने का आरोप

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गणेश चतुर्थी विवाद: कांग्रेस ने डीजीपी को लिखा पत्र, BJP के R. अशोक और प्रताप सिम्हा पर तनाव फैलाने का आरोप

सारांश

गणेश चतुर्थी का उत्सव कर्नाटक में राजनीतिक अखाड़ा बन गया है। कांग्रेस ने डीजीपी को पत्र लिखकर BJP के आर. अशोक, प्रताप सिम्हा और यदुवीर वोडेयार पर टी. नरसीपुर में धर्म की आड़ में तनाव भड़काने का आरोप लगाया है और कानूनी कार्रवाई की माँग की है।

मुख्य बातें

कर्नाटक कांग्रेस नेता एस.
मनोहर ने 15 सितंबर 2026 को डीजीपी डॉ.
सलीम को शिकायत पत्र सौंपा।
नरसीपुर में श्री विनायक उत्सव के नाम पर सांप्रदायिक अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है।
शिकायत में BJP नेता आर.
अशोक , पूर्व सांसद प्रताप सिम्हा और मैसूर सांसद यदुवीर वोडेयार का नाम लिया गया है।
कांग्रेस ने माँग की है कि इन नेताओं के बयानों की निष्पक्ष जाँच हो और कानून उल्लंघन साबित होने पर एफआईआर दर्ज की जाए।
BJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कर्नाटक में गणेश चतुर्थी उत्सव के बीच सियासी तापमान बढ़ गया है। कर्नाटक कांग्रेस नेता एस. मनोहर ने 15 सितंबर 2026 को राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ. एम. ए. सलीम को औपचारिक शिकायत पत्र सौंपा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि टी. नरसीपुर में श्री विनायक उत्सव के नाम पर कथित तौर पर सांप्रदायिक अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है। पत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तीन वरिष्ठ नेताओं — आर. अशोक, पूर्व सांसद प्रताप सिम्हा और मैसूर सांसद यदुवीर वोडेयार — का नाम लिया गया है।

शिकायत में क्या कहा गया है

शिकायत पत्र में कांग्रेस ने कहा है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों को धर्म के नाम पर लोगों को उकसाने या राजनीतिक लाभ उठाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। पत्र के अनुसार, बेंगलुरु सहित विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोगों को तनावपूर्ण क्षेत्र में लाने की कोशिशों को लेकर जनता में चिंता है।

पत्र में यह भी कहा गया, 'कर्नाटक में शांति और सौहार्दपूर्ण ढंग से श्री विनायक की मूर्ति स्थापित करना और गणेश चतुर्थी मनाना हर किसी का अधिकार है। साथ ही, सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस विभाग का मुख्य कर्तव्य है।'

BJP नेताओं पर क्या आरोप

कांग्रेस का कहना है कि BJP नेता पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई एहतियाती सलाह और सुरक्षा उपायों का राजनीतिकरण कर रहे हैं और जानबूझकर पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाते हुए उत्तेजक बयान दे रहे हैं। पार्टी ने मांग की है कि आर. अशोक और प्रताप सिम्हा के बयानों तथा गतिविधियों की विशेष जाँच की जाए।

शिकायत में सांसद यदुवीर वोडेयार की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस ने माँग की है कि संबंधित स्थान पर पहुँचने के बाद उनके बयानों से तनाव पैदा हुआ या नहीं, इसकी निष्पक्ष जाँच हो।

कानूनी कार्रवाई की माँग

एस. मनोहर ने पत्र में लिखा, 'अगर जाँच में कानून का उल्लंघन साबित होता है, तो आर. अशोक, प्रताप सिम्हा, यदुवीर वोडेयार और अन्य संबंधित नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।' यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और BJP के बीच सियासी तनाव पहले से ही ऊँचे स्तर पर है।

कांग्रेस का व्यापक संदेश

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि गणेश उत्सव शांति, सद्भाव और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। पार्टी का कहना है कि किसी भी धार्मिक पर्व का इस्तेमाल सांप्रदायिक तनाव या राजनीतिक टकराव के लिए नहीं होने देना चाहिए। गौरतलब है कि कर्नाटक में धार्मिक आयोजनों के इर्द-गिर्द राजनीतिक विवाद पिछले कुछ वर्षों में बार-बार उभरते रहे हैं।

अब देखना यह होगा कि डीजीपी डॉ. एम. ए. सलीम इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं और क्या BJP इन आरोपों का जवाब देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या वह भी इस सियासी खींचतान का हिस्सा बन जाता है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि टी. नरसीपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर क्या हो रहा है — आरोप-प्रत्यारोप से परे।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस ने डीजीपी को पत्र क्यों लिखा?
कर्नाटक कांग्रेस नेता एस. मनोहर ने 15 सितंबर 2026 को डीजीपी डॉ. एम. ए. सलीम को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि BJP नेता टी. नरसीपुर में गणेश चतुर्थी के नाम पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी ने इन नेताओं के खिलाफ जाँच और कानूनी कार्रवाई की माँग की है।
शिकायत में किन BJP नेताओं का नाम लिया गया है?
शिकायत में BJP के वरिष्ठ नेता आर. अशोक, पूर्व सांसद प्रताप सिम्हा और मैसूर सांसद यदुवीर वोडेयार का नाम लिया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि इन नेताओं के बयानों और गतिविधियों से सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका है।
टी. नरसीपुर में क्या हुआ?
कांग्रेस के अनुसार, टी. नरसीपुर में श्री विनायक उत्सव के दौरान बेंगलुरु सहित विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोगों को लाकर तनावपूर्ण स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई। पत्र में यह भी कहा गया कि पुलिस की एहतियाती सलाह का राजनीतिकरण किया जा रहा है।
कांग्रेस ने डीजीपी से क्या माँग की है?
कांग्रेस ने माँग की है कि पुलिस विभाग सांप्रदायिक तनाव रोकने के लिए सख्त एहतियाती उपाय करे। यदि जाँच में कानून उल्लंघन साबित हो, तो आर. अशोक, प्रताप सिम्हा और यदुवीर वोडेयार सहित अन्य संबंधित नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
इस विवाद का कर्नाटक की राजनीति पर क्या असर है?
यह मामला कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी BJP के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को दर्शाता है। धार्मिक आयोजनों के इर्द-गिर्द इस प्रकार के विवाद राज्य में पहले भी उभरते रहे हैं, और यह घटनाक्रम आगामी चुनावी मौसम में दोनों दलों के बीच रणनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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