गणेश चतुर्थी विवाद: कांग्रेस ने डीजीपी को लिखा पत्र, BJP के R. अशोक और प्रताप सिम्हा पर तनाव फैलाने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में गणेश चतुर्थी उत्सव के बीच सियासी तापमान बढ़ गया है। कर्नाटक कांग्रेस नेता एस. मनोहर ने 15 सितंबर 2026 को राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ. एम. ए. सलीम को औपचारिक शिकायत पत्र सौंपा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि टी. नरसीपुर में श्री विनायक उत्सव के नाम पर कथित तौर पर सांप्रदायिक अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है। पत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तीन वरिष्ठ नेताओं — आर. अशोक, पूर्व सांसद प्रताप सिम्हा और मैसूर सांसद यदुवीर वोडेयार — का नाम लिया गया है।
शिकायत में क्या कहा गया है
शिकायत पत्र में कांग्रेस ने कहा है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों को धर्म के नाम पर लोगों को उकसाने या राजनीतिक लाभ उठाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। पत्र के अनुसार, बेंगलुरु सहित विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोगों को तनावपूर्ण क्षेत्र में लाने की कोशिशों को लेकर जनता में चिंता है।
पत्र में यह भी कहा गया, 'कर्नाटक में शांति और सौहार्दपूर्ण ढंग से श्री विनायक की मूर्ति स्थापित करना और गणेश चतुर्थी मनाना हर किसी का अधिकार है। साथ ही, सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस विभाग का मुख्य कर्तव्य है।'
BJP नेताओं पर क्या आरोप
कांग्रेस का कहना है कि BJP नेता पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई एहतियाती सलाह और सुरक्षा उपायों का राजनीतिकरण कर रहे हैं और जानबूझकर पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाते हुए उत्तेजक बयान दे रहे हैं। पार्टी ने मांग की है कि आर. अशोक और प्रताप सिम्हा के बयानों तथा गतिविधियों की विशेष जाँच की जाए।
शिकायत में सांसद यदुवीर वोडेयार की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस ने माँग की है कि संबंधित स्थान पर पहुँचने के बाद उनके बयानों से तनाव पैदा हुआ या नहीं, इसकी निष्पक्ष जाँच हो।
कानूनी कार्रवाई की माँग
एस. मनोहर ने पत्र में लिखा, 'अगर जाँच में कानून का उल्लंघन साबित होता है, तो आर. अशोक, प्रताप सिम्हा, यदुवीर वोडेयार और अन्य संबंधित नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।' यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और BJP के बीच सियासी तनाव पहले से ही ऊँचे स्तर पर है।
कांग्रेस का व्यापक संदेश
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि गणेश उत्सव शांति, सद्भाव और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। पार्टी का कहना है कि किसी भी धार्मिक पर्व का इस्तेमाल सांप्रदायिक तनाव या राजनीतिक टकराव के लिए नहीं होने देना चाहिए। गौरतलब है कि कर्नाटक में धार्मिक आयोजनों के इर्द-गिर्द राजनीतिक विवाद पिछले कुछ वर्षों में बार-बार उभरते रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि डीजीपी डॉ. एम. ए. सलीम इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं और क्या BJP इन आरोपों का जवाब देती है।