बेंगलुरु में 27 मई को भारत का पहला राष्ट्रीय एआई और डिजिटल जल शिखर सम्मेलन 2026, CM सिद्धारमैया करेंगे उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (BWSSB) 27 मई 2026 को बेंगलुरु में भारत का पहला राष्ट्रीय एआई और डिजिटल जल शिखर सम्मेलन 2026 आयोजित करने जा रहा है, जिसमें वैश्विक विशेषज्ञ, नीति-निर्माता, प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अग्रणी, स्टार्टअप और शहरी योजनाकार बुद्धिमान शहरी जल प्रबंधन के भविष्य पर विचार-विमर्श करेंगे। BWSSB के अध्यक्ष डॉ. राम प्रसाद मनोहर के अनुसार, शिखर सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार करेंगे।
शिखर सम्मेलन की पृष्ठभूमि और महत्व
यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया भर के शहर जलवायु परिवर्तन, तीव्र शहरीकरण, भूजल स्तर में गिरावट और नागरिक बुनियादी ढाँचे पर बढ़ते दबाव जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहे हैं। गौरतलब है कि बेंगलुरु स्वयं हाल के वर्षों में जल संकट का सामना कर चुका है, जिसने तकनीक-आधारित समाधानों की माँग को और तीव्र किया है।
यह शिखर सम्मेलन BWSSB और ईलेट्स टेक्नोमीडिया द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। इसे भारत में अपनी तरह का पहला और सबसे बड़ा राष्ट्रीय मंच बताया जा रहा है जो शहरी जल प्रबंधन में डिजिटल परिवर्तन को केंद्र में रखता है।
मुख्य चर्चा विषय
सम्मेलन में एआई-संचालित जल प्रबंधन, स्मार्ट यूटिलिटी सिस्टम, डिजिटल ट्विन तकनीक, IoT-सक्षम निगरानी, भविष्यसूचक विश्लेषण (Predictive Analytics), अपशिष्ट जल पुनः उपयोग और टिकाऊ वित्तपोषण मॉडल जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श होगा। डॉ. मनोहर ने कहा, "कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल प्रौद्योगिकियाँ वैश्विक जल प्रबंधन के भविष्य को नया आकार दे रही हैं।"
सम्मेलन में BWSSB की चल रही डिजिटल परिवर्तन पहलों की प्रस्तुति भी होगी — इनमें SCADA सिस्टम, GIS मैपिंग, IoT-सक्षम टैंकर ट्रैकिंग और स्मार्ट मीटरिंग प्लेटफॉर्म शामिल हैं, जिन्हें बेंगलुरु भर में लागू किया जा रहा है।
BWSSB का 'पंचसूत्र' ढाँचा
शिखर सम्मेलन में BWSSB के महत्वाकांक्षी 'पाँच पंचसूत्र' ढाँचे को भी प्रदर्शित किया जाएगा। यह ढाँचा भविष्य के शहरी जल प्रबंधन के लिए पाँच स्तंभों पर टिका है — कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा-संचालित शासन, स्मार्ट अवसंरचना, टिकाऊ निवेश और जलवायु-लचीली जल सुरक्षा प्रणालियाँ। यह ढाँचा बेंगलुरु को भारत के सबसे उन्नत डिजिटल जल पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक बनाने की दिशा में एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत करता है।
BWSSB का दीर्घकालिक लक्ष्य
डॉ. राम प्रसाद मनोहर ने कहा कि BWSSB का दीर्घकालिक उद्देश्य एक अधिक पारदर्शी, कुशल और लचीला सार्वजनिक उपयोगिता मॉडल तैयार करना है जो दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते महानगरों की माँगों को पूरा करने में सक्षम हो। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी स्मार्ट सिटी और अमृत 2.0 जैसी योजनाओं के ज़रिये शहरी जल प्रबंधन को प्राथमिकता दे रही है।
यह शिखर सम्मेलन न केवल बेंगलुरु, बल्कि भारत के अन्य महानगरों के लिए भी जल प्रबंधन में डिजिटल परिवर्तन की राह दिखाने वाला मंच बन सकता है — यह देखना होगा कि इसमें उभरने वाले समाधान ज़मीनी स्तर पर कितनी तेज़ी से लागू होते हैं।