10 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बेंगलुरु में 27 मई को भारत का पहला राष्ट्रीय एआई और डिजिटल जल शिखर सम्मेलन 2026, CM सिद्धारमैया करेंगे उद्घाटन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बेंगलुरु में 27 मई को भारत का पहला राष्ट्रीय एआई और डिजिटल जल शिखर सम्मेलन 2026, CM सिद्धारमैया करेंगे उद्घाटन

सारांश

बेंगलुरु 27 मई को भारत के पहले राष्ट्रीय एआई और डिजिटल जल शिखर सम्मेलन 2026 की मेज़बानी करेगा। BWSSB और ईलेट्स टेक्नोमीडिया के इस संयुक्त आयोजन में AI, IoT, डिजिटल ट्विन और स्मार्ट मीटरिंग जैसे समाधानों पर चर्चा होगी — और बेंगलुरु को भारत के डिजिटल जल प्रबंधन के मॉडल शहर के रूप में स्थापित करने की कोशिश।

मुख्य बातें

BWSSB 27 मई 2026 को बेंगलुरु में भारत का पहला राष्ट्रीय एआई और डिजिटल जल शिखर सम्मेलन 2026 आयोजित करेगा।
उद्घाटन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के.
सम्मेलन BWSSB और ईलेट्स टेक्नोमीडिया द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित है।
चर्चा के विषयों में AI-संचालित जल प्रबंधन , IoT निगरानी , डिजिटल ट्विन , SCADA , GIS मैपिंग और स्मार्ट मीटरिंग शामिल हैं।
BWSSB का 'पाँच पंचसूत्र' ढाँचा — AI, डेटा-शासन, स्मार्ट अवसंरचना, टिकाऊ निवेश और जलवायु-लचीली प्रणालियाँ — प्रदर्शित किया जाएगा।

बेंगलुरु जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (BWSSB) 27 मई 2026 को बेंगलुरु में भारत का पहला राष्ट्रीय एआई और डिजिटल जल शिखर सम्मेलन 2026 आयोजित करने जा रहा है, जिसमें वैश्विक विशेषज्ञ, नीति-निर्माता, प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अग्रणी, स्टार्टअप और शहरी योजनाकार बुद्धिमान शहरी जल प्रबंधन के भविष्य पर विचार-विमर्श करेंगे। BWSSB के अध्यक्ष डॉ. राम प्रसाद मनोहर के अनुसार, शिखर सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार करेंगे।

शिखर सम्मेलन की पृष्ठभूमि और महत्व

यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया भर के शहर जलवायु परिवर्तन, तीव्र शहरीकरण, भूजल स्तर में गिरावट और नागरिक बुनियादी ढाँचे पर बढ़ते दबाव जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहे हैं। गौरतलब है कि बेंगलुरु स्वयं हाल के वर्षों में जल संकट का सामना कर चुका है, जिसने तकनीक-आधारित समाधानों की माँग को और तीव्र किया है।

यह शिखर सम्मेलन BWSSB और ईलेट्स टेक्नोमीडिया द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। इसे भारत में अपनी तरह का पहला और सबसे बड़ा राष्ट्रीय मंच बताया जा रहा है जो शहरी जल प्रबंधन में डिजिटल परिवर्तन को केंद्र में रखता है।

मुख्य चर्चा विषय

सम्मेलन में एआई-संचालित जल प्रबंधन, स्मार्ट यूटिलिटी सिस्टम, डिजिटल ट्विन तकनीक, IoT-सक्षम निगरानी, भविष्यसूचक विश्लेषण (Predictive Analytics), अपशिष्ट जल पुनः उपयोग और टिकाऊ वित्तपोषण मॉडल जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श होगा। डॉ. मनोहर ने कहा, "कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल प्रौद्योगिकियाँ वैश्विक जल प्रबंधन के भविष्य को नया आकार दे रही हैं।"

सम्मेलन में BWSSB की चल रही डिजिटल परिवर्तन पहलों की प्रस्तुति भी होगी — इनमें SCADA सिस्टम, GIS मैपिंग, IoT-सक्षम टैंकर ट्रैकिंग और स्मार्ट मीटरिंग प्लेटफॉर्म शामिल हैं, जिन्हें बेंगलुरु भर में लागू किया जा रहा है।

BWSSB का 'पंचसूत्र' ढाँचा

शिखर सम्मेलन में BWSSB के महत्वाकांक्षी 'पाँच पंचसूत्र' ढाँचे को भी प्रदर्शित किया जाएगा। यह ढाँचा भविष्य के शहरी जल प्रबंधन के लिए पाँच स्तंभों पर टिका है — कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा-संचालित शासन, स्मार्ट अवसंरचना, टिकाऊ निवेश और जलवायु-लचीली जल सुरक्षा प्रणालियाँ। यह ढाँचा बेंगलुरु को भारत के सबसे उन्नत डिजिटल जल पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक बनाने की दिशा में एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत करता है।

BWSSB का दीर्घकालिक लक्ष्य

डॉ. राम प्रसाद मनोहर ने कहा कि BWSSB का दीर्घकालिक उद्देश्य एक अधिक पारदर्शी, कुशल और लचीला सार्वजनिक उपयोगिता मॉडल तैयार करना है जो दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते महानगरों की माँगों को पूरा करने में सक्षम हो। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी स्मार्ट सिटी और अमृत 2.0 जैसी योजनाओं के ज़रिये शहरी जल प्रबंधन को प्राथमिकता दे रही है।

यह शिखर सम्मेलन न केवल बेंगलुरु, बल्कि भारत के अन्य महानगरों के लिए भी जल प्रबंधन में डिजिटल परिवर्तन की राह दिखाने वाला मंच बन सकता है — यह देखना होगा कि इसमें उभरने वाले समाधान ज़मीनी स्तर पर कितनी तेज़ी से लागू होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए यह शिखर सम्मेलन महज़ एक प्रदर्शनी नहीं — यह एक ज़रूरी जवाबदेही का मंच है। BWSSB की SCADA, IoT और स्मार्ट मीटरिंग जैसी पहलें आशाजनक हैं, लेकिन असली कसौटी यह है कि ये तकनीकें शहर के उन इलाकों तक पहुँचती हैं या नहीं जहाँ पानी की किल्लत सबसे ज़्यादा है। 'पंचसूत्र' जैसे ढाँचे तब तक नीतिगत शोभा-वृद्धि ही रहते हैं जब तक उनके क्रियान्वयन के लिए समयबद्ध, सत्यापन-योग्य लक्ष्य सार्वजनिक न किए जाएँ।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय एआई और डिजिटल जल शिखर सम्मेलन 2026 क्या है?
यह भारत का पहला राष्ट्रीय स्तर का शिखर सम्मेलन है जो शहरी जल प्रबंधन में एआई और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर केंद्रित है। इसे BWSSB और ईलेट्स टेक्नोमीडिया द्वारा 27 मई 2026 को बेंगलुरु में संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है।
इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन कौन करेगा?
BWSSB अध्यक्ष डॉ. राम प्रसाद मनोहर के अनुसार, शिखर सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार करेंगे।
इस सम्मेलन में किन विषयों पर चर्चा होगी?
सम्मेलन में AI-संचालित जल प्रबंधन, स्मार्ट यूटिलिटी सिस्टम, डिजिटल ट्विन, IoT-सक्षम निगरानी, भविष्यसूचक विश्लेषण, अपशिष्ट जल पुनः उपयोग और टिकाऊ वित्तपोषण मॉडल पर चर्चा होगी। BWSSB की SCADA, GIS मैपिंग और स्मार्ट मीटरिंग पहलें भी प्रदर्शित की जाएंगी।
BWSSB का 'पंचसूत्र' ढाँचा क्या है?
यह BWSSB का पाँच-स्तंभीय रणनीतिक ढाँचा है जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा-संचालित शासन, स्मार्ट अवसंरचना, टिकाऊ निवेश और जलवायु-लचीली जल सुरक्षा प्रणालियाँ शामिल हैं। इसका लक्ष्य बेंगलुरु को भारत के सबसे उन्नत डिजिटल जल पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक बनाना है।
यह शिखर सम्मेलन भारत के अन्य शहरों के लिए क्यों प्रासंगिक है?
जलवायु परिवर्तन और तीव्र शहरीकरण के कारण भारत के अधिकांश बड़े शहर जल संकट का सामना कर रहे हैं। यह सम्मेलन एक राष्ट्रीय मॉडल प्रस्तुत करने का प्रयास है जिसे अन्य शहर भी अपना सकते हैं — विशेष रूप से स्मार्ट मीटरिंग, IoT निगरानी और AI-आधारित पूर्वानुमान के क्षेत्र में।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले