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बेंगलुरु-शिवमोग्गा हवाई मार्ग को उड़ान योजना में शामिल करें: मंत्री एमबी पाटिल ने केंद्र को लिखा पत्र

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बेंगलुरु-शिवमोग्गा हवाई मार्ग को उड़ान योजना में शामिल करें: मंत्री एमबी पाटिल ने केंद्र को लिखा पत्र

सारांश

वित्तीय घाटे के कारण बंद हो चुके बेंगलुरु-शिवमोग्गा हवाई मार्ग को पुनः शुरू कराने के लिए कर्नाटक के मंत्री एमबी पाटिल ने केंद्र से VGF समर्थन के साथ उड़ान योजना में शामिल करने की माँग की है। शिवमोग्गा समेत छह ज़िलों की कनेक्टिविटी दाँव पर है।

मुख्य बातें

कर्नाटक के मंत्री एमबी पाटिल ने केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू को पत्र लिखकर बेंगलुरु-शिवमोग्गा मार्ग को उड़ान योजना में शामिल करने का आग्रह किया।
इंडिगो की बेंगलुरु-शिवमोग्गा उड़ान सेवा वित्तीय घाटे के कारण बंद हो चुकी है; शिवमोग्गा हवाई अड्डे ने फरवरी 2023 में परिचालन शुरू किया था।
मंत्री ने वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के साथ आगामी बोली प्रक्रिया में मार्ग को शामिल करने की माँग की।
शिवमोग्गा, चिक्कमगलुरु, कारवार, दावणगेरे, चित्रदुर्ग और हावेरी — छह ज़िलों की आर्थिक व पर्यटन कनेक्टिविटी प्रभावित।
हवाई अड्डे पर नाइट लैंडिंग सुविधा का विकास कार्य जारी; अन्य बुनियादी ढाँचा पहले से तैयार।

कर्नाटक के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मंत्री एमबी पाटिल ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि बेंगलुरु-शिवमोग्गा हवाई मार्ग को उड़ान योजना की आगामी बोली प्रक्रिया में शामिल किया जाए। वित्तीय घाटे के कारण बंद हो चुकी इस सेवा को पुनः शुरू करने के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के समर्थन की माँग की गई है।

मार्ग बंद होने की पृष्ठभूमि

शिवमोग्गा हवाई अड्डे ने फरवरी 2023 में परिचालन शुरू किया था। इसके बाद इंडिगो ने बेंगलुरु और शिवमोग्गा के बीच सीधी उड़ान सेवा आरंभ की थी। हालाँकि, पिछले कुछ महीनों में यह सेवा वित्तीय घाटे के चलते बंद हो गई, जिससे इस क्षेत्र के यात्री सीधी हवाई कनेक्टिविटी से वंचित हो गए हैं।

मंत्री के पत्र में उठाए गए मुद्दे

पत्र में एमबी पाटिल ने रेखांकित किया कि यह हवाई संपर्क शिवमोग्गा, चिक्कमगलुरु, कारवार, दावणगेरे, चित्रदुर्ग और हावेरी जैसे जिलों के आर्थिक, कृषि, पर्यटन और औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मार्ग पर सेवा बंद होने से स्थानीय यात्रियों के साथ-साथ देश-विदेश के अन्य शहरों तक जाने वाले यात्रियों की कनेक्टिविटी भी प्रभावित हुई है।

VGF समर्थन की माँग

मंत्री ने केंद्र से अनुरोध किया है कि बेंगलुरु-शिवमोग्गा मार्ग को वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के साथ उड़ान योजना की अगली बोली प्रक्रिया में शामिल किया जाए। VGF के ज़रिए एयरलाइंस को परिचालन में होने वाले घाटे की भरपाई की जाती है, जिससे कम किराए पर भी उड़ान सेवाएँ व्यावसायिक रूप से टिकाऊ बन सकती हैं।

हवाई अड्डे पर बुनियादी ढाँचे की स्थिति

पाटिल ने बताया कि शिवमोग्गा हवाई अड्डे पर नाइट लैंडिंग सुविधा विकसित करने का कार्य तेज़ी से जारी है। इसके अलावा हवाई अड्डे पर अन्य सभी आवश्यक बुनियादी ढाँचा और सुविधाएँ पहले से उपलब्ध हैं, जो सेवा पुनःशुरू होने की स्थिति में तत्काल परिचालन को संभव बनाती हैं।

उड़ान योजना और इसकी भूमिका

उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना है, जिसका उद्देश्य टियर-2 और टियर-3 शहरों को किफ़ायती हवाई सेवाओं से जोड़ना है। योजना के तहत एयरलाइंस को VGF के रूप में सरकारी सहायता दी जाती है। यह योजना अब तक देश के कई दूरदराज, पहाड़ी और द्वीपीय क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ चुकी है। यदि केंद्र इस आग्रह पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देता है, तो शिवमोग्गा क्षेत्र के लाखों यात्रियों को पुनः सीधी हवाई सेवा का लाभ मिल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और एयरलाइंस सेवा बंद कर देती हैं। शिवमोग्गा कोई अकेला मामला नहीं है; देशभर में कई उड़ान मार्ग प्रारंभिक उत्साह के बाद घाटे में बंद हो चुके हैं। असली सवाल यह है कि क्या केंद्र अगली बोली प्रक्रिया में इस मार्ग को प्राथमिकता देगा, या कर्नाटक सरकार को राज्य-स्तरीय सब्सिडी का विकल्प तलाशना पड़ेगा। जब तक VGF की दीर्घकालिक गारंटी नहीं मिलती, ऐसे मार्गों पर सेवा पुनःशुरू होना भी अस्थायी ही रहेगा।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु-शिवमोग्गा हवाई सेवा क्यों बंद हुई?
इंडिगो की बेंगलुरु-शिवमोग्गा उड़ान सेवा वित्तीय घाटे के कारण बंद हो गई। शिवमोग्गा हवाई अड्डे ने फरवरी 2023 में परिचालन शुरू किया था, लेकिन यात्री संख्या के अनुपात में परिचालन लागत अधिक रहने से सेवा अव्यावसायिक हो गई।
उड़ान योजना में शामिल होने से क्या फ़र्क पड़ेगा?
उड़ान योजना के तहत एयरलाइंस को वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) दी जाती है, जिससे घाटे वाले मार्गों पर भी कम किराए पर सेवा संचालित की जा सकती है। इस समर्थन से बेंगलुरु-शिवमोग्गा मार्ग पर सेवा पुनःशुरू होना व्यावसायिक रूप से संभव हो सकता है।
इस मार्ग के बंद होने से कौन-से ज़िले प्रभावित हैं?
मंत्री एमबी पाटिल के अनुसार शिवमोग्गा, चिक्कमगलुरु, कारवार, दावणगेरे, चित्रदुर्ग और हावेरी ज़िलों की आर्थिक, कृषि, पर्यटन और औद्योगिक कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है। इन ज़िलों के यात्रियों को अब बेंगलुरु पहुँचने के लिए लंबे सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
शिवमोग्गा हवाई अड्डे पर अभी क्या सुविधाएँ उपलब्ध हैं?
शिवमोग्गा हवाई अड्डे पर अधिकांश आवश्यक बुनियादी ढाँचा पहले से तैयार है। नाइट लैंडिंग सुविधा विकसित करने का कार्य तेज़ी से जारी है, जो पूरा होने के बाद उड़ानों की संख्या और समय-सारिणी में लचीलापन बढ़ाएगा।
केंद्र सरकार इस आग्रह पर कब निर्णय ले सकती है?
अभी तक केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक समयसीमा नहीं बताई गई है। निर्णय उड़ान योजना की अगली बोली प्रक्रिया के कार्यक्रम पर निर्भर करेगा, जिसकी तारीख़ अभी घोषित नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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