भांगड़ कॉलेज हिंसा: कोलकाता पुलिस ने 4 गिरफ्तार, SFI-ABVP झड़प में दर्ज हुए दो केस
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस ने 22 सितंबर 2026 को भांगड़ कॉलेज परिसर में हुई दो चरणों की हिंसा के सिलसिले में दो अलग-अलग मामलों में चार लोगों को गिरफ्तार किया। साउथ 24 परगना ज़िले के अल्पसंख्यक-बहुल इलाके में स्थित इस कॉलेज में एसएफआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच भड़की झड़पों के बाद यह कार्रवाई हुई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने जिन चार लोगों को हिरासत में लिया है, उनकी पहचान रबिउल जमान शेख, अख्तर अली मोल्ला, रबिउल मिस्त्री और असलम हबीब के तौर पर हुई है। इन्हें भांगड़ पुलिस स्टेशन में दर्ज दो अलग-अलग प्राथमिकियों के तहत गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रबिउल मिस्त्री और रबिउल जमान शेख को उस मामले में गिरफ्तार किया गया जो पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दर्ज किया था। उन पर गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने, कॉलेज परिसर में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने और मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष के कार्य में बाधा डालने जैसे आरोप हैं।
वहीं, एबीवीपी कार्यकर्ताओं की लिखित शिकायत पर दर्ज दूसरे मामले में अख्तर अली मोल्ला और असलम हबीब को गिरफ्तार किया गया। चारों को साउथ 24 परगना ज़िला अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ सरकारी वकील पुलिस कस्टडी की माँग करेंगे।
मुख्य घटनाक्रम
तनाव तब भड़का जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता और भांगड़ कॉलेज मैनेजिंग कमेटी के अध्यक्ष सायंतन बसु प्रशासनिक कामकाज के सिलसिले में कॉलेज परिसर पहुँचे। उनके आगमन का भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) के छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया।
इसी दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुँच गए। दोनों छात्र गुटों के बीच तीखी बहस हुई, जो दो अलग-अलग चरणों में शारीरिक झड़प में बदल गई। पुलिस की बड़ी टीम ने मौके पर पहुँचकर किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में किया।
पुलिस की कार्रवाई और निगरानी
सोमवार को हुई हिंसा के बाद मंगलवार सुबह से ही भांगड़ कॉलेज परिसर के बाहर पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर निरंतर नज़र रख रहा है कि किसी नई अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो।
गौरतलब है कि भांगड़ पहले भी राजनीतिक संघर्षों के लिए चर्चा में रहा है। यह इलाका साउथ 24 परगना ज़िले में पड़ता है और यहाँ विभिन्न राजनीतिक दलों के छात्र संगठनों के बीच तनाव की पृष्ठभूमि पहले से मौजूद रही है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कॉलेज परिसरों में इस तरह की झड़पें उस वक्त और संवेदनशील हो जाती हैं जब मैनेजमेंट कमेटी पर किसी विशेष राजनीतिक दल की पकड़ होती है। भांगड़ जैसे अल्पसंख्यक-बहुल क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएँ सांप्रदायिक सौहार्द पर भी असर डाल सकती हैं, जिससे प्रशासन का सतर्क रहना ज़रूरी हो जाता है।
आगे क्या होगा
चारों गिरफ्तार आरोपियों को जल्द ही साउथ 24 परगना ज़िला अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ पुलिस कस्टडी के लिए आवेदन दिया जाएगा। दोनों पक्षों की शिकायतों की जाँच जारी है और आगे और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थिति पर पुलिस की निगरानी बनी हुई है।