भारत-अमेरिका युद्धाभ्यास: राजस्थान में एम777 हॉवित्जर ने सभी लक्ष्य किए ध्वस्त
सारांश
मुख्य बातें
भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच जारी संयुक्त युद्धाभ्यास के 22वें संस्करण में राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एम777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोपों ने डायरेक्ट फायरिंग पद्धति से सभी निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट किया। 16 सितंबर 2026 को संपन्न हुई इस फायरिंग में भारतीय तोप टुकड़ियों ने असाधारण सटीकता का प्रदर्शन किया और दोनों देशों के करीब 600-600 सैन्यकर्मी इस अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं।
फायरिंग का प्रदर्शन और सटीकता
भारतीय सेना के अनुसार, महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में तैनात एम777 तोप टुकड़ियों ने सीधे नज़र आने वाले लक्ष्यों को डायरेक्ट फायरिंग पद्धति से निशाना बनाया। सभी निर्धारित लक्ष्य सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिए गए। इस दौरान जवानों ने अपनी पेशेवर दक्षता, सटीकता और युद्ध के लिए सदैव तत्पर रहने की क्षमता का व्यापक प्रदर्शन किया।
फायरिंग समाप्त होने के बाद अमेरिकी सैन्य दल ने एम777 की तैनाती वाले स्थानों का भ्रमण किया। दोनों सेनाओं के बीच सैन्य अनुभव और बेहतर युद्धक प्रक्रियाओं को लेकर विस्तृत जानकारी का आदान-प्रदान हुआ।
प्रशिक्षण और तकनीकी समन्वय
फायरिंग से कुछ दिन पूर्व एम777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर की तैनाती, संचालन और सैन्य कर्मियों की जिम्मेदारियों पर व्याख्यान एवं व्यावहारिक प्रदर्शन आयोजित किए गए। इसमें स्थानीय रक्षा समन्वय और जवाबी गोलाबारी की स्थिति में वैकल्पिक स्थानों पर त्वरित स्थानांतरण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया।
इसके अतिरिक्त 'शूट एंड स्कूट' अभ्यास भी किया गया, जिसमें निर्धारित कार्रवाई के तत्काल बाद तोप को उसकी स्थिति से तेज़ी से हटाने की युद्धक क्षमता पर विशेष बल दिया गया। यह रणनीतिक कौशल आधुनिक युद्ध परिदृश्यों में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
अभ्यास का विस्तार और आधुनिक तकनीक
यह संयुक्त अभ्यास उत्तराखंड के बर्फीले पहाड़ी क्षेत्र औली से लेकर राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज तक एक साथ संचालित हो रहा है। गौरतलब है कि यह इस श्रृंखला का 22वाँ संस्करण है, जो दोनों देशों के मध्य गहराते रक्षा सहयोग का प्रमाण है।
अभ्यास में आधुनिक तकनीक भी केंद्र में है — सैनिक निगरानी और टोह लेने के लिए ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन इस अभ्यास की विशेषता रही है।
दोनों सेनाओं का संदेश
भारतीय सेना ने इस अभ्यास के दौरान अपना संदेश 'हर पल सतर्क। हर समय तैयार।' दोहराया है और 'जय से विजय मिशन' की दिशा में अग्रसर है। यह अभ्यास दोनों देशों के सैनिकों को बिल्कुल युद्ध जैसी परिस्थितियों में प्रशिक्षण का अवसर देता है और आपसी अनुभव साझाकरण की भावना को मजबूत करता है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी लगातार गहरी हो रही है और दोनों देश इंडो-पैसिफिक सुरक्षा ढाँचे में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आने वाले चरणों में अभ्यास के और भी पहलू सामने आने की संभावना है।