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क्या वैश्विक अस्थिरता के कारण सेंसेक्स ने लाल निशान में बंद किया?

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क्या वैश्विक अस्थिरता के कारण सेंसेक्स ने लाल निशान में बंद किया?

सारांश

भारतीय शेयर बाजार ने वैश्विक अस्थिरता के चलते लाल निशान में समापन किया। जानिए इस गिरावट के पीछे की वजहें और कौनसे सेक्टर प्रभावित हुए।

मुख्य बातें

भारतीय शेयर बाजार ने लाल निशान में समापन किया।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली हुई।
सेक्टोरल आधार पर आईटी और फाइनेंशियल सर्विस में गिरावट आई।
अमेरिका के मध्य पूर्व में शामिल होने की चिंताओं का असर पड़ा।
निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।

मुंबई, 19 जून (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में समापन किया। इस दौरान, बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत तक, सेंसेक्स 82.79 अंक या 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,361.87 और निफ्टी 18.80 अंक या 0.08 प्रतिशत नीचे 24,793.25 पर बंद हुआ।

बाजार में यह गिरावट मुख्यतः मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के कारण हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 949.25 अंक या 1.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,159.95 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 365.35 अंक या 1.99 प्रतिशत नीचे 18,013.10 पर था।

सेक्टोरल आधार पर, आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विस, फार्मा, एफएमसीजी, रियल्टी और एनर्जी ने सबसे अधिक गिरावट दर्ज की। वहीं, ऑटो और कंजप्शन इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।

सेंसेक्स में एमएंडएम, टाइटन, एलएंडटी, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी, इटरनल (जोमैटो), कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा मोटर्स और एचडीएफसी बैंक शीर्ष लाभार्थी रहे। जबकि बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, इंडसइंड बैंक, नेस्ले, टाटा स्टील, एसबीआई, इन्फोसिस, एनटीपीसी, टीसीएस, बजाज फिनसर्व और एशियन पेंट्स शीर्ष हानिकारक रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने बताया कि मध्य पूर्व के संघर्ष में अमेरिका के शामिल होने की चिंताओं ने वैश्विक स्तर पर सतर्कता बढ़ाई है, जिसके कारण भारतीय शेयर बाजार में सीमित दायरे में कारोबार हुआ। निवेशकों की धारणा पर फेड द्वारा ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले का भी प्रभाव पड़ा, जबकि लगातार धीमी आर्थिक वृद्धि के संकेतों का असर सॉफ्टवेयर निर्यात शेयरों पर पड़ा।

उन्होंने आगे कहा कि कारोबारी सत्र के दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप में बिकवाली देखी गई, जबकि लार्जकैप शेयरों का प्रदर्शन स्थिर रहा।

शेयर बाजार की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ हुई। सुबह करीब 9.34 बजे, सेंसेक्स 1.66 अंक की मामूली बढ़त के साथ 81,446.32 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 9.90 अंक या 0.04 प्रतिशत बढ़कर 24,821.95 पर था।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि वैश्विक घटनाओं का भारतीय शेयर बाजार पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। निवेशकों को इस अस्थिरता के बीच सतर्क रहना चाहिए और अपने निवेश निर्णयों में सावधानी बरतनी चाहिए।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक अस्थिरता और मध्य पूर्व के संघर्ष में अमेरिका के शामिल होने की चिंताओं हैं।
कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए?
आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विस, फार्मा, एफएमसीजी, रियल्टी और एनर्जी सेक्टर प्रभावित हुए।
क्या मिडकैप और स्मॉलकैप में बिकवाली हुई?
जी हां, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई।
कौन से शेयर लाभ में रहे?
सेंसेक्स में एमएंडएम, टाइटन, एलएंडटी, भारती एयरटेल, और मारुति सुजुकी जैसी कंपनियाँ लाभ में रहीं।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
निवेशकों को इस अस्थिरता के बीच सतर्क रहना चाहिए और अपने निवेश निर्णयों में सावधानी बरतनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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