भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप चोरी: 15 गिरफ्तार, सांसद विजय बघेल बोले — संगठित अपराध की हो पारदर्शी जांच
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में करोड़ों रुपये के स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस की जांच 19 जुलाई 2026 तक तेज़ गति से आगे बढ़ रही है। अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें बीएसपी के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। दुर्ग के सांसद विजय बघेल ने इसे 'संगठित और सामूहिक अपराध' करार देते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की माँग की है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस ने अब तक जो गिरफ्तारियाँ की हैं, उनसे संकेत मिलता है कि इस चोरी में बाहरी गिरोह के साथ-साथ प्लांट की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों की भी कथित तौर पर भूमिका रही है। सांसद बघेल के अनुसार, जब यह मामला पहली बार सामने आया था, तभी उन्होंने मीडिया और संबंधित अधिकारियों से टेलीफोन पर संपर्क कर निष्पक्ष जांच की अपील की थी।
गौरतलब है कि भिलाई स्टील प्लांट देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में से एक है। इतने बड़े पैमाने पर सरकारी संपत्ति की हेराफेरी न केवल आर्थिक नुकसान का विषय है, बल्कि पूरे क्षेत्र की औद्योगिक छवि पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।
सांसद की प्रतिक्रिया
विजय बघेल ने कहा, 'सरकारी संपत्ति की इस तरह हेराफेरी होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है।' उन्होंने दुर्ग के पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि शुरुआत से अब तक की जांच संतोषजनक रही है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए और दोषियों तक पहुँचने का प्रयास बिना रुके जारी रहना चाहिए।
बघेल ने यह भी बताया कि उन्होंने इससे पहले लोकसभा में बीएसपी में लंबे समय से जमा स्क्रैप के निस्तारण का मुद्दा उठाया था। उनका तर्क था कि स्क्रैप की समयबद्ध नीलामी न होने से बड़ी मात्रा में सामग्री प्लांट परिसर में पड़ी रही, जिसने चोरी की आशंका को बढ़ावा दिया। उन्होंने संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों को पत्र लिखकर समयबद्ध नीलामी और उस स्थान का उपयोग नए प्रोजेक्टों के लिए करने की माँग भी की थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
सांसद बघेल ने प्लांट में लगे सीसीटीवी कैमरों और निगरानी तंत्र की नियमित जांच की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उनका कहना है कि तकनीकी निगरानी को मज़बूत करने से इस तरह के संगठित अपराधों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब सार्वजनिक उपक्रमों में आंतरिक सुरक्षा खामियों को लेकर देशभर में चिंता बढ़ रही है।
बघेल ने यह भी उल्लेख किया कि वह स्वयं पहले बीएसपी में कर्मचारी रह चुके हैं, इसलिए उन्हें प्लांट की आंतरिक कार्यप्रणाली की गहरी समझ है। वह समय-समय पर प्लांट का दौरा करते हैं और विभिन्न विभागों का निरीक्षण भी करते हैं।
आगे क्या
जांच अभी जारी है और आरोपियों की संख्या में और वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सांसद बघेल ने माँग की है कि पूरे मामले का पारदर्शिता के साथ खुलासा हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस तंत्र विकसित किया जाए।