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भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप चोरी: 15 गिरफ्तार, सांसद विजय बघेल बोले — 'संगठित अपराध, सख्त कार्रवाई ज़रूरी'

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भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप चोरी: 15 गिरफ्तार, सांसद विजय बघेल बोले — 'संगठित अपराध, सख्त कार्रवाई ज़रूरी'

सारांश

भिलाई स्टील प्लांट में करोड़ों के स्क्रैप चोरी मामले में 15 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं — जिनमें प्लांट के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। दुर्ग सांसद विजय बघेल ने इसे संगठित अपराध करार दिया है और पारदर्शी जांच के साथ निगरानी तंत्र मज़बूत करने की मांग उठाई है।

मुख्य बातें

भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में करोड़ों रुपये के स्क्रैप चोरी मामले में अब तक 15 आरोपी गिरफ्तार , जिनमें प्लांट के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल।
दुर्ग सांसद विजय बघेल ने इसे 'संगठित और सामूहिक अपराध' बताया; दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
बघेल ने दुर्ग पुलिस अधीक्षक की जांच को संतोषजनक बताया और पुलिस की कार्यशैली की सराहना की।
सांसद ने पहले लोकसभा में भी बीएसपी में जमा स्क्रैप की समयबद्ध नीलामी का मुद्दा उठाया था।
प्लांट में सीसीटीवी कैमरों और निगरानी तंत्र की नियमित जांच सुनिश्चित करने की मांग; बघेल स्वयं पूर्व बीएसपी कर्मचारी रहे हैं।

भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी), छत्तीसगढ़ में करोड़ों रुपये के स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस की जांच 19 जुलाई 2026 तक भी पूरी गति से जारी है। अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें बीएसपी के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। दुर्ग के सांसद विजय बघेल ने इसे 'सामान्य चोरी नहीं, बल्कि एक संगठित और सामूहिक अपराध' करार देते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मामले का घटनाक्रम

यह मामला तब सुर्खियों में आया जब बीएसपी परिसर से बड़े पैमाने पर स्क्रैप सामग्री की हेराफेरी की बात सामने आई। जांच में यह भी उजागर हुआ कि इस कथित नेटवर्क में बाहरी गिरोह के साथ-साथ प्लांट की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका भी हो सकती है। दुर्ग पुलिस ने अब तक 15 व्यक्तियों को हिरासत में लिया है और जांच आगे बढ़ रही है।

गौरतलब है कि सांसद बघेल ने मामला सामने आने के तुरंत बाद ही सार्वजनिक रूप से कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई थी। उन्होंने मीडिया के माध्यम से यह मुद्दा उठाया और संबंधित अधिकारियों से टेलीफोन पर बात कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील भी की थी।

सांसद की प्रतिक्रिया

विजय बघेल ने कहा, 'इतने बड़े स्तर पर स्क्रैप की चोरी किसी एक व्यक्ति का काम नहीं हो सकती — यह एक संगठित नेटवर्क है।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दुर्ग पुलिस अधीक्षक की अगुआई में हुई जांच 'शुरुआत से अब तक संतोषजनक' रही है और पुलिस ने अपनी ज़िम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाई है।

सांसद ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट देश की महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयों में से एक है और वहां इस तरह की घटनाएं पूरे क्षेत्र की छवि को प्रभावित करती हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पूरे मामले का पारदर्शी तरीके से खुलासा होना चाहिए और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

लोकसभा में पहले उठाया था मुद्दा

उल्लेखनीय है कि बघेल ने इससे पहले लोकसभा में भी बीएसपी में लंबे समय से जमा स्क्रैप के निस्तारण का मुद्दा उठाया था। उनका कहना था कि स्क्रैप की समय पर नीलामी न होने से बड़ी मात्रा में सामग्री प्लांट परिसर में पड़ी रही, जिसने इस तरह की हेराफेरी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना दीं। उन्होंने संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों को पत्र लिखकर समयबद्ध नीलामी और उस स्थान का उपयोग नए प्रोजेक्टों के लिए करने की मांग भी की थी।

निगरानी तंत्र मज़बूत करने की मांग

सांसद बघेल ने प्लांट में लगे सीसीटीवी कैमरों और निगरानी तंत्र की नियमित जांच की ज़रूरत पर बल दिया। उनका कहना है कि तकनीकी निगरानी को मज़बूत करने से इस तरह के अपराधों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। बघेल ने यह भी बताया कि बीएसपी से उनका व्यक्तिगत जुड़ाव है — वे स्वयं पहले प्लांट में कर्मचारी रह चुके हैं और वहां की आंतरिक कार्यप्रणाली से भलीभांति परिचित हैं।

जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, यह देखना अहम होगा कि क्या नेटवर्क की जड़ें और गहरी निकलती हैं और प्रशासन इस मामले में कितनी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित कर पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो प्रशासन ने समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए? 15 गिरफ्तारियां जांच की सक्रियता दर्शाती हैं, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या जांच नेटवर्क की ऊपरी कड़ियों तक पहुंचती है या केवल निचले स्तर के आरोपियों पर रुक जाती है। बिना संस्थागत जवाबदेही तय किए, ऐसी घटनाएं भविष्य में भी दोहराई जाती रहेंगी।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप चोरी मामला क्या है?
यह छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से करोड़ों रुपये के स्क्रैप की कथित संगठित चोरी का मामला है। जांच में प्लांट के अधिकारियों और कर्मचारियों सहित अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं और कौन-कौन शामिल हैं?
19 जुलाई 2026 तक इस मामले में 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें बीएसपी के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं, जो यह संकेत देते हैं कि यह एक आंतरिक-बाह्य संगठित नेटवर्क हो सकता है।
सांसद विजय बघेल ने इस मामले में क्या कहा?
दुर्ग सांसद विजय बघेल ने इसे 'संगठित और सामूहिक अपराध' बताया और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने दुर्ग पुलिस की जांच को संतोषजनक बताया, लेकिन साथ ही पारदर्शिता और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने पर ज़ोर दिया।
क्या यह मुद्दा पहले भी संसद में उठाया गया था?
हां, सांसद बघेल ने पहले लोकसभा में बीएसपी में लंबे समय से जमा स्क्रैप की समयबद्ध नीलामी का मुद्दा उठाया था। उनका कहना था कि नीलामी में देरी से बड़ी मात्रा में सामग्री परिसर में पड़ी रही, जिसने हेराफेरी की आशंका को बढ़ाया।
भविष्य में ऐसी चोरी रोकने के लिए क्या सुझाव दिए गए हैं?
सांसद बघेल ने प्लांट में सीसीटीवी कैमरों और निगरानी तंत्र की नियमित जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि तकनीकी निगरानी मज़बूत होने और स्क्रैप की समयबद्ध नीलामी होने से इस तरह के अपराधों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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