भोपाल में 26 जुलाई से इलेक्ट्रिक बसों का मुफ्त यात्री ट्रायल, 15 अगस्त तक निशुल्क सफर
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन के इतिहास में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत सोमवार, 28 जुलाई 2025 से इलेक्ट्रिक बसों का यात्री ट्रायल आरंभ होगा, जिसमें 15 अगस्त 2025 तक किसी भी यात्री से किराया नहीं वसूला जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, औपचारिक शुभारंभ स्वतंत्रता दिवस पर किए जाने की तैयारी है।
पाँच दिन का बिना यात्री परीक्षण, अब यात्रियों की बारी
यात्री ट्रायल से पहले इलेक्ट्रिक बसों को पाँच दिनों तक बिना सवारियों के शहर के विभिन्न मार्गों पर दौड़ाया गया। इस दौरान बसों की समयबद्धता, ट्रैफिक में संचालन क्षमता और विभिन्न रूटों पर प्रदर्शन की जाँच की गई। सफल परीक्षण के बाद अब यात्रियों के साथ सेवा शुरू करने की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।
मुख्य मार्ग और संचालन व्यवस्था
पहले चरण में शहर के दो प्रमुख मार्गों पर 10 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। बोर्ड ऑफिस चौराहा इस पूरी सेवा का केंद्रीय हब होगा।
पहला रूट — बैरागढ़ डिपो से कोलार तक — लालघाटी, पीरगेट, मोती मस्जिद, कमला पार्क और न्यू मार्केट होते हुए संचालित होगा।
दूसरा रूट — डिपो चौराहा से कोच फैक्ट्री तक — बोर्ड ऑफिस, चेतक ब्रिज, सुभाष नगर, प्रभात चौराहा और अशोका गार्डन से होकर गुजरेगा।
100 बसों का बड़ा लक्ष्य, 21 पहुँच चुकी हैं
अधिकारियों के अनुसार, पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत वर्ष 2026 के अंत तक भोपाल के 10 रूटों पर कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य है। अब तक 21 ई-बसें भोपाल पहुँच चुकी हैं। इनकी पार्किंग और चार्जिंग के लिए संत हिरदाराम नगर में एक आधुनिक डिपो तैयार किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के कई बड़े शहर सार्वजनिक परिवहन में हरित ऊर्जा को अपनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएँ
नई इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। इनमें डिजिटल टिकटिंग, मोबाइल ऐप के ज़रिए पास बनाने की सुविधा, पाँच सीसीटीवी कैमरे और दोनों दरवाज़ों पर एआई आधारित यात्री गणना प्रणाली लगाई गई है।
इसके अतिरिक्त, बसों में इमरजेंसी, पैनिक और स्टॉप बटन, प्रत्येक खिड़की पर इमरजेंसी हैमर, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और एलईडी पैसेंजर इंफॉर्मेशन डिस्प्ले भी उपलब्ध हैं। दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए ऑटोमैटिक हाइड्रोलिक व्हीलचेयर लिफ्ट भी लगाई गई है।
आगे क्या
15 अगस्त 2025 को सेवा के औपचारिक शुभारंभ की तैयारी जोरों पर है। सभी 100 इलेक्ट्रिक बसें संचालित होने के बाद भोपाल की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक सुविधाजनक, विश्वसनीय और पर्यावरण अनुकूल बनने की उम्मीद है — और यह शहर देश के उन चुनिंदा महानगरों में शामिल हो जाएगा जहाँ पूर्ण इलेक्ट्रिक सिटी बस नेटवर्क कार्यरत है।