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क्या भूपेश बघेल ने आरएसएस पर निशाना साधा और संघ की विचारधारा को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया?

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क्या भूपेश बघेल ने आरएसएस पर निशाना साधा और संघ की विचारधारा को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया?

सारांश

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरएसएस की विचारधारा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका मानना है कि यह विचारधारा लोकतंत्र के लिए खतरा है। जानिए उनके बयान का पूरा मर्म और इसके पीछे की राजनीति।

मुख्य बातें

भूपेश बघेल ने आरएसएस की विचारधारा को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।
आरएसएस ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग नहीं लिया, ऐसा आरोप है।
कांग्रेस का हस्ताक्षर अभियान लोकतंत्र की रक्षा के लिए है।
भाजपा द्वारा राहुल गांधी को धमकी की गई, जिसे बघेल ने निंदा की।
पंजाब में जल्द ही कांग्रेस के हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत होगी।

चंडीगढ़, 1 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरएसएस की विचारधारा को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कड़े शब्दों में अपनी बात रखी।

प्रधानमंत्री मोदी के आरएसएस के बारे में दिए गए बयान पर बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 1925 में स्थापित आरएसएस ने कभी भी आज़ादी की लड़ाई में भाग नहीं लिया। इसके नेता अंग्रेजों के मुखबिर के रूप में कार्य करते रहे हैं। उनका आरोप था, "आरएसएस के लोग कभी नहीं चाहते थे कि अंग्रेज़ देश छोड़ें। वे स्वतंत्रता संग्राम के खिलाफ थे। कांग्रेस पार्टी ने सभी राज्यों को आज़ाद कराया, जबकि ये लोग विरोध में खड़े रहे।"

बघेल ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा, "राम मंदिर निर्माण को 'सच्ची आज़ादी' बताना स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है। यह बयान संविधान और शहीदों की कुर्बानी को ठेस पहुंचाता है। भाजपा-आरएसएस की विचारधारा लोकतंत्र के लिए खतरा है।"

उन्होंने कांग्रेस के हस्ताक्षर अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी देशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय ले चुकी है, जो लोकतंत्र की रक्षा और जनता के मुद्दों को उजागर करने के लिए होगा। उन्होंने बताया कि पंजाब में भी जल्द इस अभियान की शुरुआत की जाएगी।

भूपेश बघेल ने भाजपा प्रवक्ता द्वारा राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह धमकी न केवल लोकतंत्र के लिए खतरा है, बल्कि भाजपा की हिंसक मानसिकता को भी उजागर करती है। "राहुल गांधी जैसे नेता को चुप कराने के लिए साजिश रची जा रही है, लेकिन कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा ने अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की, जो उनकी संलिप्तता को दर्शाता है। राहुल की सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए।"

वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा के विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की तबीयत खराब होने के सवाल पर बघेल ने जानकारी न होने की बात कही।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भूपेश बघेल के बयान ने न केवल आरएसएस की विचारधारा को चुनौती दी है, बल्कि भारतीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दिया है। लोकतंत्र की रक्षा के लिए ऐसे मुद्दों पर चर्चा होना आवश्यक है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भूपेश बघेल ने आरएसएस पर क्यों निशाना साधा?
भूपेश बघेल ने आरएसएस की विचारधारा को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए उनके इतिहास पर सवाल उठाए।
क्या आरएसएस ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया?
भूपेश बघेल के अनुसार, आरएसएस ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग नहीं लिया और इसके नेता अंग्रेजों के मुखबिर थे।
कांग्रेस का हस्ताक्षर अभियान क्या है?
यह अभियान लोकतंत्र की रक्षा और जनता के मुद्दों को उजागर करने के लिए चलाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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