राष्ट्रीय खेल दिवस पर बिहार CM सम्राट चौधरी ने पैरा एथलीट सोमन राणा को ₹30 लाख, झंडू कुमार को ₹15 लाख से नवाज़ा
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय खेल दिवस पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 29 अगस्त 2026 को पटना स्थित लोक सेवक आवास के 'संकल्प' सभागार में राष्ट्रमंडल खेल 2026 में पदक जीतने वाले दो पैरा एथलीटों को सम्मानित किया। पुरुष F-57 शॉट पुट में स्वर्ण पदक विजेता सोमन राणा को ₹30 लाख और पुरुष पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक विजेता झंडू कुमार को ₹15 लाख की सम्मान राशि का चेक प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह का विवरण
मुख्यमंत्री ने दोनों खिलाड़ियों को सम्मान राशि के चेक के साथ-साथ अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भी भेंट किए। इस अवसर पर उन्होंने दोनों एथलीटों से राष्ट्रमंडल खेलों के अनुभव जाने और उनकी उपलब्धियों पर बधाई व शुभकामनाएँ दीं। यह आयोजन राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में किया गया, जो हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर प्रतिवर्ष मनाया जाता है।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सोमन राणा और झंडू कुमार ने अपने शानदार प्रदर्शन से न केवल देश का गौरव बढ़ाया है, बल्कि बिहार को भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर प्रतिष्ठित किया है। उन्होंने कहा, 'दोनों खिलाड़ियों को सम्मानित करना पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है।'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएँ और आवश्यक सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य के प्रतिभाशाली एथलीटों की क्षमता निखारने के लिए हरसंभव प्रयास जारी हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के खिलाड़ियों की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियाँ राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे भी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग और सम्मान दिया जाएगा, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
समारोह में उपस्थित अधिकारी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव लोकेश कुमार सिंह, सचिव संजय कुमार सिंह, खेल विभाग के सचिव दीपक आनंद, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविन्द्रण शंकरण और कोच गौतम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह सम्मान समारोह बिहार में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है।