11 जुलाई 2026
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बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं पर सरकार सख्त: CM सम्राट चौधरी के निर्देश पर आयोगों को पारदर्शिता के कड़े आदेश

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बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं पर सरकार सख्त: CM सम्राट चौधरी के निर्देश पर आयोगों को पारदर्शिता के कड़े आदेश

सारांश

पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ियों की आलोचनाओं के बीच बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। CM सम्राट चौधरी के निर्देश पर BPSC समेत सभी आयोगों को पारदर्शिता और तकनीक-सक्षम संचालन के कड़े आदेश दिए गए हैं — यह सुधार प्रयास अभ्यर्थियों का खोया भरोसा वापस दिलाने की कोशिश है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर 26 मई को सभी प्रमुख परीक्षा आयोगों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) , बिहार तकनीकी सेवा आयोग और बिहार कर्मचारी चयन आयोग के प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए।
आयोगों को पारदर्शिता, समयबद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए।
परीक्षा प्रक्रिया को तकनीक-सक्षम बनाने और संस्थागत सुधार लागू करने पर सहमति बनी।
बिहार में प्रश्नपत्र लीक की पुरानी खामियों के चलते विपक्ष सरकार को लगातार घेरता रहा है।

बिहार सरकार ने राज्य में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, डॉ. बी. राजेंद्र ने 26 मई को राज्य के विभिन्न नियुक्ति एवं चयन आयोगों के अध्यक्षों, सचिवों और सदस्य सचिवों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में परीक्षा प्रणाली को और अधिक तकनीक-सक्षम, विश्वसनीय एवं अभ्यर्थी-हितैषी बनाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में कौन-कौन शामिल हुए

समीक्षा बैठक में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), बिहार तकनीकी सेवा आयोग तथा बिहार कर्मचारी चयन आयोग सहित अन्य नियुक्ति आयोगों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य आगामी परीक्षाओं की तैयारियों का जायज़ा लेना और संस्थागत कमज़ोरियों को दूर करने के लिए ठोस सुझाव जुटाना था।

आयोगों को क्या निर्देश दिए गए

डॉ. बी. राजेंद्र ने सभी आयोगों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षाओं के संचालन में उच्चतम स्तर की पारदर्शिता, समयबद्धता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक एवं तकनीकी तंत्र को और मज़बूत किया जाए ताकि अभ्यर्थियों को निष्पक्ष एवं सुचारु परीक्षा व्यवस्था मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।

तकनीक और सुधार पर ज़ोर

बैठक में आयोगों से महत्वपूर्ण सुझाव भी प्राप्त किए गए, जिन्हें आगामी परीक्षाओं में लागू करने की कोशिश की जाएगी। परीक्षा प्रक्रिया को तकनीक-सक्षम बनाने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक एवं संस्थागत कदम उठाए जाने पर सहमति बनी।

पृष्ठभूमि: पेपर लीक और विपक्ष का दबाव

गौरतलब है कि बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक सहित कई खामियाँ सामने आती रही हैं, जिन्हें लेकर विपक्ष सरकार को लगातार कटघरे में खड़ा करता रहा है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर अभ्यर्थियों में भी असंतोष देखा गया है। सरकार का यह कदम उन्हीं आलोचनाओं के जवाब में उठाया गया प्रशासनिक प्रयास माना जा रहा है।

आगे क्या होगा

बैठक में तय हुए सुधारों को आगामी परीक्षाओं में लागू किया जाएगा। सरकार की मंशा है कि परीक्षा तंत्र को इस हद तक मज़बूत किया जाए कि अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल हो और भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह बैठक भी पिछली ऐसी बैठकों की तरह फाइलों में दफ़न हो जाएगी।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार सरकार ने परीक्षा आयोगों को क्या निर्देश दिए हैं?
बिहार सरकार ने सभी प्रमुख परीक्षा आयोगों को परीक्षाओं में उच्चतम स्तर की पारदर्शिता, समयबद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रशासनिक एवं तकनीकी तंत्र को मज़बूत बनाने और अभ्यर्थियों को निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था देने पर ज़ोर दिया गया है।
यह समीक्षा बैठक क्यों बुलाई गई?
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक सहित कई खामियाँ सामने आती रही हैं, जिन्हें लेकर विपक्ष सरकार की आलोचना करता रहा है। इन्हीं चिंताओं के मद्देनज़र मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर यह समीक्षा बैठक बुलाई गई।
इस बैठक में कौन-से आयोग शामिल हुए?
बैठक में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), बिहार तकनीकी सेवा आयोग और बिहार कर्मचारी चयन आयोग सहित अन्य नियुक्ति एवं चयन आयोगों के अध्यक्ष, सचिव और सदस्य सचिव उपस्थित रहे।
परीक्षाओं को तकनीक-सक्षम बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाएँगे?
बैठक में आयोगों से प्राप्त सुझावों के आधार पर परीक्षा प्रक्रिया को तकनीक-सक्षम बनाने और आवश्यक सुधारात्मक एवं संस्थागत कदम उठाने पर सहमति बनी है। इन सुझावों को आगामी परीक्षाओं में लागू करने की कोशिश की जाएगी।
बिहार में पेपर लीक की समस्या कितनी पुरानी है?
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताएँ कथित तौर पर लंबे समय से चली आ रही हैं। इन घटनाओं ने अभ्यर्थियों का परीक्षा तंत्र से भरोसा कमज़ोर किया है और विपक्ष को सरकार को घेरने का मौका दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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