27 अक्टूबर 2026
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बिहार एमएलसी मतगणना: पटना में सीसीटीवी विवाद, राजद और जन सुराज के उम्मीदवारों ने उठाए सवाल

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बिहार एमएलसी मतगणना: पटना में सीसीटीवी विवाद, राजद और जन सुराज के उम्मीदवारों ने उठाए सवाल

सारांश

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों की मतगणना के दिन पटना में सीसीटीवी विवाद ने तूल पकड़ लिया। राजद और जन सुराज के उम्मीदवारों ने मतगणना हॉल में कैमरे न होने पर सवाल उठाए, जबकि प्रशासन ने चुनाव आयोग के एसओपी का हवाला देकर व्यवस्थाओं का बचाव किया।

मुख्य बातें

27 अक्टूबर 2026 को बिहार विधान परिषद की आठ सीटों की मतगणना के दौरान पटना के दो केंद्रों पर सीसीटीवी न होने का विवाद उठा।
राजद प्रत्याशी संजीव कुमार ने बांकीपुर गर्ल्स हाई स्कूल मतगणना केंद्र पर कैमरे न होने को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और निर्वाचन आयोग से तत्काल कार्रवाई की माँग की।
जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के केंद्र पर सीसीटीवी और स्वच्छता व्यवस्था पर आपत्ति जताई।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी कुंदन कुमार ने कहा कि मतगणना भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और एसओपी के अनुरूप है।
अधिकारियों के अनुसार, मतगणना हॉल में सीसीटीवी लगाने का कोई प्रावधान नहीं है; परिसर के बाहर और कॉरिडोर में रिकॉर्डिंग व्यवस्था है।

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए हुई मतगणना के दौरान 27 अक्टूबर 2026 को पटना में विवाद खड़ा हो गया, जब पटना स्नातक और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतगणना केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने का मुद्दा सामने आया। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जन सुराज के प्रत्याशियों ने मतगणना व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए तत्काल सुधार की मांग की। वहीं, पटना के जिला निर्वाचन पदाधिकारी कुंदन कुमार ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित हो रही है।

मुख्य घटनाक्रम

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राजद प्रत्याशी संजीव कुमार ने बांकीपुर गर्ल्स हाई स्कूल स्थित मतगणना केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि मतगणना हॉल में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। संजीव कुमार ने सवाल उठाया कि जब सांसद और विधायकों के चुनाव में सीसीटीवी एवं वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था रहती है, तो विधान परिषद की मतगणना में यह व्यवस्था क्यों नहीं की गई।

संजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने इस मामले में कमिश्नर और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से भी बात की। उनके अनुसार, अधिकारियों ने यह कहा कि मतगणना हॉल में सीसीटीवी लगाने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि परिसर के बाहर, कॉरिडोर और अन्य स्थानों पर रिकॉर्डिंग की व्यवस्था है, लेकिन मतगणना हॉल में कैमरे नहीं होना समझ से परे है।

जन सुराज की आपत्ति

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह ने भी मतगणना केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने को लेकर सवाल उठाए। इसके अलावा उन्होंने केंद्र की स्वच्छता व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर पहले से ही मुखर हैं।

प्रशासन का पक्ष

पटना के जिला निर्वाचन पदाधिकारी कुंदन कुमार ने व्यवस्थाओं का बचाव करते हुए कहा कि मतगणना की पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के अनुसार संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि सभी प्रत्याशियों को आवश्यक जानकारी और आयोग के दिशा-निर्देशों से अवगत करा दिया गया है। कुंदन कुमार ने यह भी कहा कि स्वच्छता व्यवस्था बेहतर है और किसी विशेष शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक आरोप और दावे

राजद प्रत्याशी संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि संबंधित पदाधिकारी 'द्वेषपूर्ण भावना' से काम कर रहे हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग और मीडिया से तत्काल इस मामले पर ध्यान देने की अपील की। साथ ही उन्होंने मतगणना हॉल में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग करते हुए अपनी जीत सुनिश्चित होने का दावा भी किया।

आगे क्या होगा

बिहार विधान परिषद की इन सीटों के परिणाम आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि मतगणना प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल राजनीतिक परिदृश्य को किस दिशा में ले जाते हैं। यह विवाद भविष्य में विधान परिषद चुनावों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नए दिशा-निर्देशों की माँग को बल दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो विधान परिषद की मतगणना में यह प्रावधान क्यों नहीं है — यह सवाल निर्वाचन आयोग को जवाब देना होगा। प्रशासन का एसओपी का हवाला देना पर्याप्त नहीं है; अगर एसओपी में ही यह खामी है, तो उसे दुरुस्त करने की ज़िम्मेदारी आयोग की है। विपक्षी दलों के आरोप राजनीतिक हो सकते हैं, लेकिन पारदर्शिता सुनिश्चित करना लोकतंत्र की बुनियादी ज़रूरत है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार एमएलसी मतगणना में सीसीटीवी विवाद क्या है?
27 अक्टूबर 2026 को बिहार विधान परिषद की आठ सीटों की मतगणना के दौरान पटना स्नातक और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतगणना केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने का मुद्दा उठा। राजद और जन सुराज के प्रत्याशियों ने इसे पारदर्शिता की कमी बताते हुए तत्काल सुधार की माँग की।
राजद प्रत्याशी संजीव कुमार ने क्या आरोप लगाए?
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राजद प्रत्याशी संजीव कुमार ने बांकीपुर गर्ल्स हाई स्कूल मतगणना केंद्र पर सीसीटीवी न होने को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और संबंधित पदाधिकारियों पर 'द्वेषपूर्ण भावना' से काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कमिश्नर और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से बात कर मतगणना हॉल में कैमरे लगाने की माँग की।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने विवाद पर क्या कहा?
पटना के जिला निर्वाचन पदाधिकारी कुंदन कुमार ने कहा कि मतगणना पूरी तरह भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के अनुसार हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मतगणना हॉल में सीसीटीवी लगाने का प्रावधान नहीं है, लेकिन परिसर के बाहर और कॉरिडोर में रिकॉर्डिंग व्यवस्था है।
जन सुराज के अनुज सिंह ने क्या आपत्ति जताई?
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह ने मतगणना केंद्र पर सीसीटीवी न होने के साथ-साथ केंद्र की स्वच्छता व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता के मामले में विशेष शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी।
बिहार विधान परिषद के इस चुनाव में कितनी सीटें थीं?
इस चुनाव में बिहार विधान परिषद की कुल आठ सीटों के लिए मतदान हुआ था, जिसकी मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को आयोजित की गई। पटना स्नातक और पटना शिक्षक सहित विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना केंद्र स्थापित किए गए थे।
राष्ट्र प्रेस
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