26 अक्टूबर 2026
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बिहार मतगणना: पारदर्शिता की मांग लेकर राजद प्रतिनिधिमंडल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिला, सौंपा 10 सूत्री मांगपत्र

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बिहार मतगणना: पारदर्शिता की मांग लेकर राजद प्रतिनिधिमंडल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिला, सौंपा 10 सूत्री मांगपत्र

सारांश

बिहार चुनाव की मतगणना से पहले राजद ने आक्रामक रुख अपनाया — विधायक भाई वीरेंद्र के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिला और 10 सूत्री मांगपत्र सौंपा। लंबित मतों की पारदर्शिता पर जोर, आयोग ने सर्कुलर का हवाला देकर आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

राजद के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक भाई वीरेंद्र के नेतृत्व में 26 अक्टूबर 2026 को बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात की।
पार्टी ने 10 सूत्री मांगपत्र सौंपकर मतगणना प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने की माँग की।
राजद विधायक रणविजय साहू ने कहा कि लंबित मतों की स्थिति पहले राउंड में ही स्पष्ट की जानी चाहिए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पारदर्शी मतगणना का आश्वासन दिया और संबंधित सर्कुलर जारी होने की जानकारी दी।
राजद ने लोकतंत्र एवं संविधान की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया बताया।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक प्रतिनिधिमंडल ने 26 अक्टूबर 2026 को पटना में बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से भेंट की और आगामी मतगणना प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने की माँग रखी। विधायक भाई वीरेंद्र के नेतृत्व में पहुँचे इस प्रतिनिधिमंडल ने 10 सूत्री मांगपत्र भी सौंपा, जिसमें विशेष रूप से लंबित मतों की स्थिति को पहले राउंड में ही स्पष्ट करने की माँग शामिल है।

मुलाकात का उद्देश्य और माँगें

राजद विधायक रणविजय साहू ने मुलाकात के बाद जानकारी दी कि प्रतिनिधिमंडल अपनी चुनावी चिंताओं और शंकाओं से निर्वाचन पदाधिकारी को अवगत कराने गया था। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि मतगणना पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न हो, ताकि किसी भी तरह के संदेह की गुंजाइश न रहे।

साहू ने स्पष्ट किया कि राजद को आशंका है कि यदि लंबित मतों को लंबे समय तक स्पष्ट नहीं किया गया, तो मतगणना की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठ सकते हैं। पार्टी की माँग है कि पहले राउंड में ही लंबित मतों की स्थिति स्पष्ट कर दी जाए और उसके बाद ही अगले राउंड की गिनती शुरू हो।

निर्वाचन पदाधिकारी का आश्वासन

बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मतगणना पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में पहले ही एक सर्कुलर जारी किया जा चुका है और मतगणना निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगी।

10 सूत्री मांगपत्र की मुख्य बातें

राजद की ओर से सौंपे गए 10 सूत्री मांगपत्र में मतगणना प्रक्रिया को स्पष्ट, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने से संबंधित विस्तृत माँगें शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन पदाधिकारी से अनुरोध किया कि मतगणना के दौरान सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो और लंबित मतों को लेकर किसी भी प्रकार की अस्पष्टता न बचे।

लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का तर्क

विधायक साहू ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने लोकतंत्र की रक्षा और संविधान की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से निर्वाचन पदाधिकारी का ध्यान इन मुद्दों की ओर आकर्षित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि दिए गए आश्वासन के अनुसार मतगणना निष्पक्ष रूप से संपन्न होगी।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की नजरें तंत्र की विश्वसनीयता पर टिकी हुई हैं। गौरतलब है कि विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग से मिलकर मतगणना प्रक्रिया पर माँगें रखना एक स्थापित लोकतांत्रिक परंपरा रही है। आने वाले दिनों में निर्वाचन आयोग की पारदर्शिता और उसके द्वारा जारी सर्कुलर का क्रियान्वयन सबसे अहम परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मतगणना से पहले दबाव की राजनीति का हिस्सा है — ऐसी रणनीति जो विपक्षी दल प्रायः तब अपनाते हैं जब नतीजों को लेकर अनिश्चितता हो। असली सवाल यह है कि निर्वाचन आयोग ने जो सर्कुलर जारी करने का हवाला दिया, उसमें लंबित मतों की स्थिति को लेकर स्पष्ट तंत्र है या नहीं। आश्वासन और क्रियान्वयन के बीच की खाई ही इस माँग को वास्तविक वजन देती है। मुख्यधारा की कवरेज जो प्रायः छूट जाती है, वह यह है कि लंबित मतों की अपारदर्शिता एक तकनीकी मुद्दा भी है, न केवल राजनीतिक — इसे संस्थागत सुधार की नजर से भी देखा जाना चाहिए।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजद ने बिहार निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात क्यों की?
राजद ने बिहार में आगामी मतगणना प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की माँग को लेकर 26 अक्टूबर 2026 को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से भेंट की। पार्टी ने विशेष रूप से लंबित मतों की स्थिति को पहले राउंड में स्पष्ट करने की माँग रखी।
राजद के 10 सूत्री मांगपत्र में क्या है?
राजद के 10 सूत्री मांगपत्र में मतगणना को स्पष्ट, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने से जुड़ी माँगें हैं। इसमें प्रमुख माँग यह है कि लंबित मतों की स्थिति पहले राउंड में ही स्पष्ट कर दी जाए और उसके बाद ही दूसरे राउंड की मतगणना शुरू हो।
बिहार मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राजद को क्या आश्वासन दिया?
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राजद प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मतगणना पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में एक सर्कुलर पहले ही जारी किया जा चुका है और निर्धारित प्रक्रिया का पालन होगा।
लंबित मत (pending votes) मतगणना में समस्या क्यों बनते हैं?
राजद का कहना है कि यदि लंबित मतों की स्थिति को लंबे समय तक स्पष्ट नहीं किया जाता, तो इससे मतगणना की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं। पारदर्शी प्रक्रिया के लिए जरूरी है कि प्रत्येक राउंड में लंबित मतों का हिसाब पहले दिया जाए।
राजद प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया?
राजद प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विधायक भाई वीरेंद्र ने किया। मुलाकात के बाद विधायक रणविजय साहू ने मीडिया को जानकारी देते हुए पार्टी की माँगें और निर्वाचन पदाधिकारी के आश्वासन की जानकारी साझा की।
राष्ट्र प्रेस
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