पटना जंक्शन से 36 घंटे में बरामद हुई नाबालिग छात्रा, संदिग्ध विशाल कुमार की तलाश में छापेमारी
सारांश
मुख्य बातें
पटना पुलिस ने 12 अगस्त 2026 को खगौल थाना क्षेत्र से लापता दसवीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा को महज 36 घंटे के भीतर पटना जंक्शन के समीप से सकुशल बरामद कर लिया। छात्रा के स्कूल से न लौटने की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल एसआईटी गठित कर तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र के ज़रिए अभियान शुरू किया था।
मामले का घटनाक्रम
10 अगस्त को खगौल थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचित किया कि उनकी नाबालिग भतीजी सुबह स्कूल गई थी, परंतु छुट्टी के बाद घर नहीं लौटी। परिजनों द्वारा खोजबीन के दौरान दानापुर स्टेशन के समीप रेलवे ट्रैक के किनारे छात्रा की स्कूल ड्रेस और बैग बरामद हुए, जिन्हें पुलिस ने विधिवत जब्त किया।
इस मामले में खगौल थाना में कांड संख्या 408/26 दर्ज किया गया। वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना के निर्देश पर तत्काल एसआईटी का गठन किया गया, जिसकी अध्यक्षता एएसपी दानापुर वन कर रहे हैं।
कैसे हुई बरामदगी
नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) पटना संकेत कुमार ने बुधवार को बताया कि जांच के दौरान पुलिस को छात्रा की संभावित लोकेशन पश्चिम बंगाल क्षेत्र में होने की जानकारी मिली। इसके बाद एक टीम तत्काल बंगाल के लिए रवाना की गई। छात्रा की लोकेशन लगातार बदल रही थी, फिर भी पुलिस ने संभावित ठिकानों को ट्रैक करते हुए अभियान जारी रखा।
अंततः लगातार प्रयास के बाद पुलिस ने छात्रा को पटना जंक्शन के पास से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार, छात्रा की स्थिति ठीक है।
संदिग्ध की पहचान, छापेमारी जारी
पूछताछ के दौरान उस संदिग्ध युवक की पहचान विशाल कुमार के रूप में हुई है, जो आसनसोल का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस अब विशाल कुमार की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।
आगे क्या होगा
एसआईटी द्वारा जांच के सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं। पुलिस के त्वरित कदम और 36 घंटे के भीतर सफल बरामदगी को प्रशासन ने तकनीकी सूचना तंत्र के प्रभावी उपयोग का उदाहरण बताया है। संदिग्ध विशाल कुमार की गिरफ्तारी के बाद मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।