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बेगुसराय आश्रय गृह से 5 नाबालिग लड़कियाँ लापता, SP ने किया दौरा; तलाशी अभियान जारी

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बेगुसराय आश्रय गृह से 5 नाबालिग लड़कियाँ लापता, SP ने किया दौरा; तलाशी अभियान जारी

सारांश

बिहार के बेगुसराय में सरकारी बालिका आश्रय गृह से 5 नाबालिग लड़कियाँ रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गईं। SP मनीष ने खुद मौके का जायजा लिया, विशेष जाँच दल गठित हुए और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। यह घटना राज्य के आश्रय गृहों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

बेगुसराय के रतनपुर थाना क्षेत्र स्थित सरकारी बालिका आश्रय गृह से 5 नाबालिग लड़कियाँ 27 जुलाई, रविवार को लापता पाई गईं।
पुलिस अधीक्षक मनीष ने स्वयं आश्रय गृह का दौरा कर वार्डन व कर्मचारियों से पूछताछ की।
लापता लड़कियों की तलाश के लिए विशेष जाँच दल गठित; सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों की जाँच जारी।
रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों समेत जिले भर में तलाशी अभियान तेज; जिला बाल संरक्षण इकाई और बाल कल्याण समिति से समन्वय।
लापरवाही, अपहरण और सुनियोजित पलायन — तीनों पहलुओं की जाँच; अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं।

बिहार के बेगुसराय जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र में स्थित एक सरकारी बालिका आश्रय गृह से पाँच नाबालिग लड़कियाँ संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना का पता रविवार, 27 जुलाई की सुबह चला, जिसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया। यह मामला राज्य में सरकारी बाल संरक्षण संस्थाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

घटनाक्रम: कैसे सामने आई खबर

आश्रय गृह के अधिकारियों को रविवार सुबह पाँचों लड़कियों के गायब होने का पता चला। सूचना मिलते ही उन्होंने तुरंत रतनपुर थाना पुलिस को इत्तला दी। जिला प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बेगुसराय जिले भर में अलर्ट जारी किया। पुलिस अधीक्षक (SP) मनीष ने स्वयं आश्रय गृह का दौरा कर वार्डन और कर्मचारियों से पूछताछ की, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लड़कियाँ परिसर से बाहर कैसे निकलीं।

तलाशी अभियान और जाँच की दिशा

पुलिस ने लापता नाबालिगों की बरामदगी के लिए विशेष जाँच दल गठित किए हैं। जिले और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तलाशी जारी है। जाँचकर्ता सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और डिजिटल साक्ष्यों का सहारा ले रहे हैं। रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य संभावित स्थानों पर भी छानबीन तेज कर दी गई है।

जिला पुलिस जिला बाल संरक्षण इकाई और बाल कल्याण समिति के साथ समन्वय में काम कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लापरवाही, अपहरण और सुनियोजित पलायन — तीनों पहलुओं की जाँच की जा रही है।

आश्रय गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस घटना ने सरकारी बालिका आश्रय गृह की निगरानी प्रणाली और सुरक्षा तंत्र की खामियों को उजागर किया है। गौरतलब है कि बिहार में इससे पहले भी आश्रय गृहों से जुड़ी संवेदनशील घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, जिनके बाद सुधार के वादे किए गए थे। आलोचकों का कहना है कि इन संस्थाओं में पर्याप्त निगरानी और जवाबदेही का अभाव एक पुरानी समस्या है।

प्रशासन का रुख और आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि लापता लड़कियों का जल्द पता लगा लिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जाँच के निष्कर्षों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी। अभी तक पाँचों नाबालिगों के बारे में कोई ठोस सुराग नहीं मिला है और जाँच जारी है। यह मामला राज्य सरकार के बाल संरक्षण तंत्र की वास्तविक परीक्षा बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार जाँच के आश्वासन दिए जाते हैं। असली सवाल यह है कि इन संस्थाओं में रात्रिकालीन निगरानी, कर्मचारी जवाबदेही और सीसीटीवी कवरेज जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्थाएँ क्यों चरमराती रहती हैं। जब तक आश्रय गृहों के लिए अनिवार्य तृतीय-पक्ष ऑडिट और वास्तविक समय निगरानी लागू नहीं होती, ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी और बच्चियाँ जोखिम में पड़ती रहेंगी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेगुसराय आश्रय गृह से कितनी लड़कियाँ लापता हुई हैं और कब?
बेगुसराय के रतनपुर थाना क्षेत्र स्थित सरकारी बालिका आश्रय गृह से 5 नाबालिग लड़कियाँ 27 जुलाई, रविवार की सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता पाई गईं। आश्रय गृह अधिकारियों ने सुबह इसका पता चलते ही पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने लापता लड़कियों की तलाश के लिए क्या कदम उठाए हैं?
पुलिस अधीक्षक मनीष ने खुद आश्रय गृह का दौरा कर वार्डन और कर्मचारियों से पूछताछ की। विशेष जाँच दल गठित किए गए हैं, सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और रेलवे स्टेशनों व बस टर्मिनलों पर तलाशी अभियान तेज किया गया है।
क्या लापता लड़कियों के बारे में कोई सुराग मिला है?
अधिकारियों के अनुसार, अभी तक पाँचों नाबालिगों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। जाँच जारी है और लापरवाही, अपहरण तथा सुनियोजित पलायन — तीनों संभावनाओं की जाँच की जा रही है।
इस घटना से आश्रय गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर क्या सवाल उठे हैं?
पाँच नाबालिगों का बिना किसी रोकटोक के परिसर छोड़ना आश्रय गृह की निगरानी प्रणाली और सुरक्षा तंत्र की गंभीर खामियाँ उजागर करता है। जाँच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या किसी कर्मचारी की लापरवाही या संलिप्तता थी।
जिला बाल संरक्षण इकाई की इस मामले में क्या भूमिका है?
जिला पुलिस, जिला बाल संरक्षण इकाई और बाल कल्याण समिति के साथ समन्वय में काम कर रही है। ये संस्थाएँ लापता नाबालिगों की सुरक्षित बरामदगी और पुनर्वास सुनिश्चित करने में सहयोग कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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