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दिल्ली पुलिस ने बिहार से बरामद कीं दो लापता नाबालिग लड़कियाँ, इस साल 46 लोग मिले

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दिल्ली पुलिस ने बिहार से बरामद कीं दो लापता नाबालिग लड़कियाँ, इस साल 46 लोग मिले

सारांश

दिल्ली पुलिस की AHTU टीम ने तकनीकी निगरानी और अंतर-राज्यीय समन्वय के बल पर बिहार के सहरसा, सुपौल और मधुबनी से दो नाबालिग लड़कियाँ बरामद कीं। जाँच में सामने आया कि पीड़िताओं ने खुद लोकेशन और सिम बदले — जो इस मामले को और पेचीदा बनाता है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने बिहार से दो नाबालिग लड़कियाँ सफलतापूर्वक बरामद कीं।
पहली लड़की सहरसा-सुपौल से, दूसरी मधुबनी के साहरघाट से बरामद हुई।
दूसरी पीड़िता ( 15 वर्ष, आनंद पर्वत ) के लापता होने का मामला 12 दिसंबर 2025 को दर्ज हुआ था।
AHTU सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ने इस वर्ष अब तक 46 लापता व्यक्तियों को बरामद किया।
जाँच में खुलासा: पीड़िताओं ने पुलिस से बचने के लिए जानबूझकर लोकेशन और सिम कार्ड बदले ।
लगभग 140 अनाथालयों, शेल्टर होम और धार्मिक स्थलों की जाँच के बाद तकनीकी निगरानी से सफलता मिली।

दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली से लापता हुईं दो नाबालिग लड़कियों को बिहार से सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है। 26 जुलाई 2026 को सामने आई इस कार्रवाई के साथ, एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ने इस वर्ष कुल 46 लापता व्यक्तियों को बरामद करने का आँकड़ा पार कर लिया। दोनों पीड़िताओं को दिल्ली वापस लाकर उनके संबंधित जाँच अधिकारियों को सौंप दिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस ने नाबालिगों की तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया, जिसमें सीसीटीवी फुटेज की जाँच के साथ-साथ लगभग 140 अनाथालयों, शेल्टर होम, धार्मिक स्थलों और रेड-लाइट क्षेत्रों की छानबीन की गई। स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर पंजाब और बिहार में भी सर्च ऑपरेशन चलाए गए। जाँच के दौरान पुलिस को एक पीड़िता से जुड़े मोबाइल नंबर की अहम जानकारी हाथ लगी।

तकनीकी निगरानी से मिली सफलता

पुलिस के अनुसार, उस मोबाइल नंबर को तत्काल तकनीकी निगरानी पर रखा गया। शुरुआती ट्रैकिंग में पीड़िता बिहार के सहरसा जिले में चिह्नित हुई। 22 जुलाई को पुलिस टीम सहरसा पहुँची, लेकिन तब तक हैंडसेट सुपौल में स्थानांतरित हो चुका था। सुपौल पुलिस के सहयोग से टीम ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए पहली नाबालिग लड़की को सफलतापूर्वक बरामद किया।

दूसरी पीड़िता की बरामदगी

आनंद पर्वत की रहने वाली 15 वर्षीया दूसरी पीड़िता के लापता होने का मामला 12 दिसंबर 2025 को दर्ज हुआ था। जाँच में पता चला कि वह बिहार के मधुबनी में देखी गई थी। पुलिस टीम तत्काल मधुबनी के बेनीपट्टी पहुँची, परंतु तब तक पीड़िता साहरघाट जा चुकी थी। स्थानीय पुलिस की मदद से टीम ने वहाँ पहुँचकर उसे बरामद किया।

जाँच में चौंकाने वाला खुलासा

जाँच से यह भी सामने आया कि पीड़िताओं ने पुलिस से बचने के लिए जानबूझकर अपनी लोकेशन और सिम कार्ड बदले। यह तथ्य मामले की जटिलता को उजागर करता है और यह सवाल खड़ा करता है कि नाबालिगों तक किसका प्रभाव था। दोनों बरामद लड़कियों की सही पहचान कर उन्हें आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया।

आगे क्या होगा

दोनों मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। AHTU सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की इस साल की बरामदगी का आँकड़ा अब 46 पर पहुँच गया है, जो लापता नाबालिगों की तलाश में पुलिस की बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी निगरानी और अंतर-राज्यीय समन्वय इस सफलता की कुंजी रही।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि नाबालिगों ने खुद लोकेशन और सिम कार्ड बदले। यह सवाल उठाता है कि क्या ये लड़कियाँ किसी दबाव में थीं, या उनके पीछे कोई और नेटवर्क काम कर रहा था — जिसकी जाँच की दिशा अभी स्पष्ट नहीं है। AHTU की 46 बरामदगियाँ प्रभावशाली हैं, लेकिन दिल्ली में लापता नाबालिगों की कुल संख्या के सापेक्ष यह आँकड़ा कितना पर्याप्त है, यह सार्वजनिक नहीं किया गया। अंतर-राज्यीय समन्वय की सफलता के साथ-साथ यह भी ज़रूरी है कि बरामद नाबालिगों के पुनर्वास और मनोवैज्ञानिक सहायता की व्यवस्था पर भी उतनी ही पारदर्शिता बरती जाए।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने बिहार से किन नाबालिग लड़कियों को बरामद किया?
दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली से लापता हुईं दो नाबालिग लड़कियों को बिहार से बरामद किया — एक को सहरसा-सुपौल क्षेत्र से और दूसरी को मधुबनी के साहरघाट से। दूसरी पीड़िता आनंद पर्वत की रहने वाली 15 वर्षीया लड़की थी, जिसके लापता होने की रिपोर्ट 12 दिसंबर 2025 को दर्ज हुई थी।
दिल्ली पुलिस ने लापता नाबालिगों को कैसे ढूँढा?
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, लगभग 140 शेल्टर होम व धार्मिक स्थलों की जाँच और स्थानीय खुफिया जानकारी का सहारा लिया। पीड़िता से जुड़े मोबाइल नंबर को तकनीकी निगरानी पर रखकर उसकी लोकेशन ट्रैक की गई और सुपौल व मधुबनी पुलिस के सहयोग से बरामदगी संभव हुई।
AHTU सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ने 2026 में कितने लापता लोगों को बरामद किया है?
इन दोनों बरामदगियों के साथ AHTU सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ने वर्ष 2026 में अब तक कुल 46 लापता व्यक्तियों को बरामद किया है। यह आँकड़ा पुलिस के चल रहे अभियान की सफलता को दर्शाता है।
क्या पीड़िताओं ने खुद अपनी लोकेशन छुपाई?
जाँच में सामने आया कि पीड़िताओं ने पुलिस से बचने के लिए जानबूझकर अपनी लोकेशन और सिम कार्ड बदले। यह तथ्य मामले को और जटिल बनाता है, हालाँकि इसके पीछे की परिस्थितियों की जाँच जारी है।
बरामदगी के बाद नाबालिग लड़कियों के साथ क्या हुआ?
दोनों नाबालिग लड़कियों को दिल्ली वापस लाया गया, उनकी सही पहचान की गई और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें उनके संबंधित जाँच अधिकारियों को सौंप दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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