क्या पेंशन राशि में वृद्धि विपक्ष की जीत है? नीतीश सरकार हमारा विजन चुरा रही है: तेजस्वी यादव
सारांश
मुख्य बातें
पटना, 21 जून (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत वृद्धा पेंशन और दिव्यांग पेंशन की राशि को 400 रुपए से बढ़ाकर 1,100 रुपए करने का ऐलान किया है। इस निर्णय के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जहां सरकार इसे जनहित में एक बड़ा कदम मानती है, वहीं विपक्ष इसे अपनी जीत के रूप में पेश कर रहा है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय हमारी नीति, हमारे दबाव और हमारे विजन का परिणाम है। जब हम सत्ता में थे, तब हमने ही पेंशन बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की थी। अब यह सरकार हमारे विचारों की नकल कर रही है और इसका श्रेय लेना चाहती है।
तेजस्वी ने कहा कि हमने 16 दिसंबर 2024 को सार्वजनिक मंच पर यह घोषणा की थी कि यदि उनकी सरकार आती है, तो वृद्धजनों को 1,500 रुपए प्रति माह पेंशन दी जाएगी। अब सरकार 1,100 रुपए की बात कर रही है, लेकिन बजट सत्र के दौरान इस दिशा में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने केवल घोषणा की है, लेकिन इसके लिए बजटीय प्रावधान नहीं किया गया है। मार्च 2025 में बजट सत्र के दौरान, विपक्ष ने वृद्धा पेंशन बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं को भी सामाजिक सुरक्षा देने की मांग उठाई थी, लेकिन सरकार ने उस पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई।
तेजस्वी ने आगे कहा कि सरकार जल्द ही 'मां-बहन मान योजना' जैसी किसी योजना की घोषणा कर सकती है, जो पूरी तरह से उनके गठबंधन की सोच और प्राथमिकता का हिस्सा है। तेजस्वी ने तंज करते हुए कहा कि सरकार को खुद कोई नीति नहीं सूझ रही, इसलिए वह हमारी योजनाओं की नकल कर रही है। जब हम सत्ता में थे, हमने लाखों युवाओं को नौकरी और नियुक्ति पत्र दिए थे। अब यही बात मौजूदा सरकार दोहरा रही है, लेकिन उनके पास कोई नया विजन नहीं है।
तेजस्वी ने कहा कि बिहार के विकास को लेकर मौजूदा सरकार दिशाहीन है और जनता अब सब समझ चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2025 के विधानसभा चुनाव में बिहार की जनता इस दोहराव और दिखावे की राजनीति का जवाब देगी।