बीजापुर में महिला एवं बाल विकास योजनाओं की समीक्षा: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने 27 जून 2026 को बीजापुर प्रवास के दौरान विभागीय योजनाओं की व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र हितग्राही तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचाना विभाग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि बीजापुर जैसे पूर्व नक्सल प्रभावित जिले में, जो अब विकास की नई दिशा में अग्रसर है, योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कुपोषण मुक्त अभियान: मुनगा और केला वितरण पर जोर
बैठक में कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित करते हुए मंत्री राजवाड़े ने निर्देश दिए कि प्रत्येक घर और प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में मुनगा (सहजन) का पौधा अनिवार्य रूप से लगाया जाए। उन्होंने कहा कि मुनगा पोषक तत्वों से भरपूर होता है और इसके नियमित सेवन से बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा किशोरियों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार संभव है। इसके साथ ही, सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को प्रतिदिन एक केला वितरित करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों के पोषण स्तर और वजन में सुधार सुनिश्चित किया जा सके। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई में केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं — जनभागीदारी उतनी ही अनिवार्य है।
बाल विवाह उन्मूलन और जन-जागरूकता
मंत्री राजवाड़े ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीजापुर को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सुपरवाइजरों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। सुपरवाइजरों को निर्देश दिए गए कि वे नियमित रूप से अधिक से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करें, व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करें और कमियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करें।
महतारी वंदन योजना और अन्य प्रमुख योजनाओं की समीक्षा
बैठक में महतारी वंदन योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने जानकारी दी कि योजना का पोर्टल शीघ्र ही पुनः प्रारंभ होने वाला है और अधिकारियों को समय रहते सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी करने तथा पात्र महिलाओं का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित नहीं रहनी चाहिए और पंजीयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता एवं सरलता के साथ संपन्न हो। इसके अतिरिक्त, नोनी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना और सक्षम योजना की भी समीक्षा की गई। सक्षम योजना के तहत पात्र महिलाओं को स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।
चाइल्ड हेल्पलाइन, रिक्त पद और बाल कल्याण समिति
मंत्री राजवाड़े ने चाइल्ड हेल्पलाइन के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ग्राम स्तर तक जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि संकट की स्थिति में बच्चे और उनके परिजन तत्काल सहायता प्राप्त कर सकें। बैठक में विभाग में रिक्त पदों की भी समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बाल कल्याण समिति के लंबित प्रकरणों पर मंत्री ने कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और प्रत्येक प्रकरण का संवेदनशीलता एवं त्वरित गति से समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री का संदेश: जवाबदेही और जनसेवा
बैठक के समापन पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग का उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के जीवन स्तर में वास्तविक और मापनीय सुधार लाना है। उन्होंने सभी अधिकारियों और मैदानी अमले से समर्पण, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। यह बैठक ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब बीजापुर जिला नक्सल प्रभाव से उबरकर मुख्यधारा के विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है — और सरकारी योजनाओं की जमीनी पहुँच इस बदलाव की असली कसौटी होगी।