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कारगिल योद्धा से बॉलीवुड अभिनेता: बिक्रमजीत कंवरपाल की अनकही दास्तान

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कारगिल योद्धा से बॉलीवुड अभिनेता: बिक्रमजीत कंवरपाल की अनकही दास्तान

सारांश

मौत को कारगिल में करीब से देखने के बाद बिक्रमजीत कंवरपाल ने तय किया कि सपनों को टालना नहीं। मेजर की वर्दी उतारकर उन्होंने बॉलीवुड का रुख किया और 'डॉन' से 'स्पेशल ऑप्स' तक एक अलग पहचान बनाई — एक ऐसी जिंदगी जो खुद एक फिल्म थी।

मुख्य बातें

बिक्रमजीत कंवरपाल का जन्म 29 अगस्त 1968 को हिमाचल प्रदेश के सोलन में हुआ था।
उन्होंने 1989 से 13 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा की और मेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए; कारगिल युद्ध में भी भाग लिया।
उनके पिता द्वारका नाथ कंवरपाल को 1963 में कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया था।
2003 में फिल्म 'पाप' से बॉलीवुड में पदार्पण; 'डॉन' , 'मर्डर 2' , 'स्पेशल ऑप्स' सहित दर्जनों फिल्म-टीवी प्रोजेक्ट्स में काम किया।
1 मई 2021 को 52 वर्ष की आयु में कोरोना संक्रमण की जटिलताओं के कारण निधन।

बिक्रमजीत कंवरपाल उन विरले कलाकारों में से थे जिनकी असल जिंदगी किसी पटकथा से कहीं अधिक नाटकीय थी। हिमाचल प्रदेश के सोलन में 29 अगस्त 1968 को जन्मे बिक्रमजीत ने 13 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा की, कारगिल युद्ध में भाग लिया और मेजर के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई।

फौजी परिवार से बॉलीवुड तक की नींव

बिक्रमजीत का पारिवारिक संबंध सेना से गहरा था। उनके पिता द्वारका नाथ कंवरपाल स्वयं भारतीय सेना में अधिकारी थे और 1963 में उन्हें उनकी असाधारण वीरता के लिए प्रतिष्ठित कीर्ति चक्र से नवाजा गया था। बचपन से ही बिक्रमजीत स्कूल के नाटकों में सक्रिय रहते थे और अभिनय के प्रति उनका जुनून उस समय से ही स्पष्ट था। उनके करीबी मित्र उन्हें स्नेह से 'बिज' या 'बिजू' कहकर पुकारते थे।

सेना में 13 साल और कारगिल का निर्णायक मोड़

1989 में बिक्रमजीत ने भारतीय सेना में प्रवेश किया। अगले 13 वर्षों में उनकी तैनाती देश के अनेक क्षेत्रों में रही और वे कारगिल युद्ध में भी शामिल रहे। उनकी बचपन की मित्र वंदना शाह ने एक साक्षात्कार में बताया था कि कारगिल के बाद बिक्रमजीत ने उनसे कहा था कि ड्यूटी के दौरान उन्होंने मौत को बेहद करीब से देखा है और जिंदगी बहुत छोटी है, इसलिए इंसान को अपने सपने जरूर पूरे करने चाहिए। यही सोच उनके बॉलीवुड की ओर रुख करने की सबसे बड़ी प्रेरणा बनी।

बॉलीवुड में पदार्पण और पहचान

सेना से सेवानिवृत्ति के बाद 34 वर्ष की आयु में बिक्रमजीत ने अपने पुराने सपने की ओर कदम बढ़ाए। 2002 में मुंबई के खार इलाके में उनकी मुलाकात पूजा भट्ट से हुई, जिसके बाद उन्हें फिल्म 'पाप' में भूमिका मिली। 2003 में रिलीज इस फिल्म से उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा। उनकी ऊँची कद-काठी, गहरी आवाज और गंभीर अभिव्यक्ति के कारण निर्देशक उन्हें पुलिस, सेना और अधिकारी जैसे सशक्त किरदारों के लिए प्राथमिकता देते थे।

फिल्मोग्राफी: पर्दे पर बहुआयामी छाप

बिक्रमजीत ने 'पेज 3', 'कॉरपोरेट', 'डॉन' (जिसमें उन्होंने डॉ. अशोक खिलवानी का किरदार निभाया), 'रॉकेट सिंह: सेल्समैन ऑफ द ईयर', 'मर्डर 2' (कमिश्नर अहमद खान की भूमिका), 'जब तक है जान', 'शौर्य', '1971', 'द गाजी अटैक' और 'क्रिएचर 3डी' जैसी उल्लेखनीय फिल्मों में काम किया। सिनेमा के अलावा टेलीविजन और ओटीटी पर भी उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई — '24', 'स्पेशल ऑप्स', 'अदालत', 'रिपोर्टर्स', 'भौकाल' और 'योर ऑनर' जैसे प्रोजेक्ट्स में उनका अभिनय दर्शकों को याद रहा।

असमय विदाई और विरासत

1 मई 2021 को 52 वर्ष की आयु में बिक्रमजीत कंवरपाल का निधन कोरोना संक्रमण से जुड़ी जटिलताओं के कारण हो गया। उनके जाने की खबर से फिल्म और टेलीविजन उद्योग में गहरे शोक की लहर दौड़ गई। एक पूर्व सैनिक से लेकर एक सम्मानित अभिनेता तक का उनका सफर इस बात का प्रमाण है कि साहस और जुनून मिलकर किसी भी सपने को हकीकत में बदल सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ते हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर उनके अभिनय तक सिमट जाती है, लेकिन असली कहानी यह है कि कारगिल की खाइयों में मौत को देखने के बाद उन्होंने जो साहस दिखाया, वह मैदान-ए-जंग जितना ही बड़ा था। ऐसे कलाकारों की विरासत को केवल फिल्मोग्राफी से नहीं, उनके जीवन-दर्शन से मापा जाना चाहिए।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिक्रमजीत कंवरपाल कौन थे?
बिक्रमजीत कंवरपाल एक भारतीय अभिनेता थे जिन्होंने भारतीय सेना में मेजर के पद तक सेवा की और बाद में बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई। उनका जन्म 29 अगस्त 1968 को हिमाचल प्रदेश के सोलन में हुआ था।
बिक्रमजीत कंवरपाल ने बॉलीवुड में कब कदम रखा?
सेना से सेवानिवृत्ति के बाद 2003 में फिल्म 'पाप' से उन्होंने बॉलीवुड में पदार्पण किया। उस समय उनकी आयु लगभग 34 वर्ष थी।
क्या बिक्रमजीत कंवरपाल ने कारगिल युद्ध में भाग लिया था?
हाँ, बिक्रमजीत कंवरपाल कारगिल युद्ध में शामिल रहे। उनकी बचपन की मित्र वंदना शाह के अनुसार, युद्ध के बाद बिक्रमजीत ने कहा था कि मौत को करीब से देखने के बाद उन्होंने अपने सपने पूरे करने का फैसला किया।
बिक्रमजीत कंवरपाल की मृत्यु कैसे हुई?
1 मई 2021 को 52 वर्ष की आयु में कोरोना संक्रमण से जुड़ी जटिलताओं के कारण उनका निधन हो गया। उनके जाने की खबर से पूरी फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री में शोक छा गया।
बिक्रमजीत कंवरपाल की प्रमुख फिल्में और टीवी शो कौन से थे?
उन्होंने 'डॉन', 'मर्डर 2', 'पेज 3', 'रॉकेट सिंह', 'जब तक है जान', 'द गाजी अटैक' जैसी फिल्मों में काम किया। टीवी और ओटीटी पर 'स्पेशल ऑप्स', '24', 'भौकाल' और 'योर ऑनर' में उनकी भूमिकाएँ खासी चर्चित रहीं।
राष्ट्र प्रेस
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