BJP नेता विजय गोयल का दिल्ली सरकार पर निशाना — 'अफसर काम नहीं करते, जनप्रतिनिधि गलियों में धक्के खाते हैं'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व राज्यसभा सांसद विजय गोयल ने नई दिल्ली में अपनी ही पार्टी की सरकार और नौकरशाही की कार्यशैली पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि MCD और सरकारी अधिकारी अपनी ज़िम्मेदारियाँ नहीं निभा रहे, जबकि निर्वाचित जनप्रतिनिधि — सांसद, विधायक और पार्षद — बुनियादी कामों के लिए उनके दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। यह बयान 25 अगस्त 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के ज़रिए सामने आया।
गोयल ने क्या कहा
विजय गोयल ने मंगलवार को एक्स पर लिखा, 'क्या विडंबना है कि MCD और सरकार के अफसर काम नहीं कर रहे और सांसद, MLA और कॉरपोरेटर उनसे काम करने के लिए गलियों-सड़कों के धक्के खा रहे हैं। कहीं से कूड़ा उठवा देते हैं तो लगता है बहुत बड़ा काम करवा लिया। ये नहीं देखते कि इन अफसरों के होते हुए कूड़ा होना ही क्यों था।' उन्होंने यह भी कहा कि नाली, खड़ंजा, सड़क, सीवर, बिजली और पानी जैसी बुनियादी समस्याओं के लिए चुने हुए जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों से गुहार लगानी पड़ रही है, फिर भी काम नहीं होते।
जनप्रतिनिधियों की स्थिति पर सवाल
गोयल ने तर्क दिया कि जब निर्वाचित प्रतिनिधियों की यह दशा है, तो आम नागरिकों की शिकायतें कौन सुन रहा है। उन्होंने सरकारी तंत्र की जवाबदेही पर सीधे सवाल खड़े किए — यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में BJP सरकार को सत्ता में आए अभी कुछ ही महीने हुए हैं और प्रशासनिक सुधार उसके प्रमुख चुनावी वादों में शामिल था।
BJP प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात
इसी दिन गोयल ने BJP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा से मुलाकात की जानकारी भी एक्स पर साझा की। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2026 को दिल्ली विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष और उनके पिता स्वर्गीय चरती लाल गोयल की जयंती के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। यह समारोह चरती लाल गोयल हेरिटेज पार्क में सुबह 10 बजे आयोजित होगा, जिसमें दिल्ली के कई गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।
पार्टी संगठन पर उनका रुख
गौरतलब है कि हाल ही में गोयल ने BJP की नई संगठनात्मक टीम की सराहना भी की थी और कहा था कि पार्टी में विभिन्न दायित्व निभाने का अवसर उन्हें हमेशा प्रेरित करता रहा है। इस पृष्ठभूमि में उनकी यह सार्वजनिक आलोचना संकेत देती है कि सत्ता में आने के बाद भी दिल्ली में प्रशासनिक जड़ता एक अनसुलझी चुनौती बनी हुई है।
आगे क्या
गोयल की यह टिप्पणी दिल्ली BJP के भीतर प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर आंतरिक दबाव को उजागर करती है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व और दिल्ली सरकार इस सार्वजनिक आलोचना पर कोई ठोस प्रतिक्रिया देती है या नहीं।