21 अगस्त 2026
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BJP विधायक अजय विश्नोई ने अपनी ही MP सरकार पर साधा निशाना, PWD में भ्रष्टाचार के लगाए गंभीर आरोप

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BJP विधायक अजय विश्नोई ने अपनी ही MP सरकार पर साधा निशाना, PWD में भ्रष्टाचार के लगाए गंभीर आरोप

सारांश

मध्य प्रदेश में BJP के अपने विधायक अजय विश्नोई ने PWD और PMGSY की सड़कों को 'समान रूप से खराब' बताते हुए विभागीय भ्रष्टाचार का सीधा आरोप लगाया — यह सत्तारूढ़ दल के भीतर से उठी वह आवाज़ है जो CM मोहन यादव सरकार के लिए राजनीतिक असहजता बन सकती है।

मुख्य बातें

BJP विधायक अजय विश्नोई (पाटन, मध्य प्रदेश) ने 21 अगस्त को अपनी ही BJP सरकार पर खराब सड़कों और PWD भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि PWD और PMGSY दोनों की सड़कों की स्थिति समान रूप से बदहाल है।
विश्नोई के अनुसार, ठेकेदार कम दरों पर टेंडर लेते हैं और कथित रिश्वत देने के बाद निर्माण के लिए पैसा नहीं बचता — नतीजतन घटिया सड़कें बनती हैं।
शाहपुरा-पाटन क्षेत्र में सड़क व पुल क्षतिग्रस्त होने से भारी वाहन वैकल्पिक मार्गों पर आ गए, जिससे स्थिति और बिगड़ी।
यह पहली बार नहीं; विश्नोई पहले भी NH-45 पर शाहपुरा ओवरब्रिज और जबलपुर-पाटन सड़क चौड़ीकरण में देरी पर सरकार को घेर चुके हैं।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय भी खराब सड़कों पर सरकार और PWD को फटकार लगा चुका है।

मध्य प्रदेश के पाटन विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने 21 अगस्त को अपनी ही पार्टी की राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत बनी सड़कों की बदहाल स्थिति के लिए विभागीय भ्रष्टाचार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय भी खराब सड़कों को लेकर सरकार और PWD को फटकार लगा चुका है।

एक्स पर पोस्ट से उठाई आवाज़

विश्नोई ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक समाचार रिपोर्ट साझा करते हुए लिखा कि चाहे सड़कें PWD ने बनाई हों या PMGSY विभाग ने, दोनों की स्थिति समान रूप से खराब है। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों से परेशान जनता मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार को कोसती है और जवाबदेही के लिए स्थानीय विधायक का 'कॉलर पकड़ लेती है।' यह स्वीकारोक्ति उल्लेखनीय है — एक सत्तारूढ़ दल का विधायक खुद मान रहा है कि जनाक्रोश उसके दरवाज़े तक पहुँच रहा है।

भ्रष्टाचार का आरोप: टेंडर से लेकर निर्माण तक

मीडिया से बातचीत में विश्नोई ने विभागीय भ्रष्टाचार की पूरी कड़ी उजागर की। उनके अनुसार, ठेकेदार काम हासिल करने के लिए बेहद कम दरों पर टेंडर भरते हैं। इसके बाद अपना मुनाफा निकालने और कथित तौर पर विभागीय अधिकारियों को रिश्वत देने के बाद निर्माण के लिए पर्याप्त राशि नहीं बचती — नतीजतन घटिया सड़कें बनती हैं जो कुछ ही महीनों में टूट जाती हैं। उन्होंने ठेकेदारों और विभाग के बीच होने वाले कथित लेन-देन पर भी गंभीर सवाल उठाए।

शाहपुरा-पाटन क्षेत्र की विशेष स्थिति

शाहपुरा-पाटन क्षेत्र का विशेष उल्लेख करते हुए विश्नोई ने बताया कि वहाँ सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण भारी वाहनों का दबाव वैकल्पिक मार्गों पर आ गया है। ये वैकल्पिक सड़कें भारी यातायात के लिए अनुकूल नहीं हैं, जिससे उनकी हालत और बिगड़ रही है और आम नागरिकों को रोज़ाना भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार को कई बार पत्र लिखने का दावा किया, लेकिन कहा कि स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

यह पहला मौका नहीं

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विश्नोई ने अपनी ही सरकार की सड़क परियोजनाओं पर सवाल खड़े किए हों। इससे पहले भी उन्होंने NH-45 पर क्षतिग्रस्त शाहपुरा रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत में देरी और राज्य बजट में शामिल होने के बावजूद जबलपुर-पाटन सड़क के चौड़ीकरण को प्राथमिकता न दिए जाने पर सरकार व PWD मंत्री की खुलकर आलोचना की थी। उनके अनुसार, इन लापरवाहियों के चलते लगातार दुर्घटनाएँ हो रही हैं।

आगे क्या होगा

विश्नोई ने खराब सड़कों पर सरकार को फटकार लगाने के लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का आभार जताया और माँग की कि जिम्मेदार अधिकारी तत्काल सुधारात्मक कदम उठाएँ। सत्तारूढ़ दल के भीतर से उठती यह आवाज़ राज्य सरकार के लिए राजनीतिक असहजता बढ़ा सकती है, खासकर तब जब विपक्ष इसे मुद्दा बनाने में देर नहीं करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह उस प्रणालीगत विफलता का संकेत है जिसे पार्टी अनुशासन की आड़ में दबाया जाता रहा है। विश्नोई का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे पूर्व मंत्री हैं — उनकी आलोचना को आसानी से 'विपक्षी राजनीति' कहकर नहीं टाला जा सकता। असली सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री मोहन यादव इस आंतरिक दबाव को जवाबदेही में बदलेंगे, या यह भी पहले की तरह पत्राचार तक सीमित रहेगा। उच्च न्यायालय की फटकार और अपने ही विधायक की आवाज़ — दोनों एक साथ आना सरकार के लिए अनदेखा करना मुश्किल होगा।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजय विश्नोई ने मध्य प्रदेश सरकार पर क्या आरोप लगाए?
BJP विधायक अजय विश्नोई ने 21 अगस्त को आरोप लगाया कि PWD और PMGSY के तहत बनी सड़कें समान रूप से खराब हैं और इसके लिए विभागीय भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार कम दरों पर टेंडर लेकर कथित रिश्वत देते हैं, जिससे निर्माण के लिए पर्याप्त राशि नहीं बचती और घटिया सड़कें बनती हैं।
अजय विश्नोई कौन हैं और वे किस पार्टी से हैं?
अजय विश्नोई मध्य प्रदेश के पाटन विधानसभा क्षेत्र से BJP के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री हैं। वे उसी BJP सरकार के विधायक हैं जिस पर उन्होंने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
शाहपुरा-पाटन क्षेत्र में सड़कों की क्या स्थिति है?
विश्नोई के अनुसार, शाहपुरा-पाटन क्षेत्र में सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण भारी वाहनों का दबाव वैकल्पिक मार्गों पर आ गया है। ये वैकल्पिक सड़कें भारी यातायात के लिए उपयुक्त नहीं हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी हो रही है।
क्या विश्नोई पहले भी अपनी सरकार की आलोचना कर चुके हैं?
हाँ, यह पहली बार नहीं है। विश्नोई इससे पहले NH-45 पर शाहपुरा रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत में देरी और जबलपुर-पाटन सड़क के चौड़ीकरण को बजट में शामिल होने के बावजूद प्राथमिकता न देने पर सरकार व PWD मंत्री की आलोचना कर चुके हैं।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सड़कों पर क्या कहा है?
विश्नोई ने बताया कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय खराब सड़कों को लेकर सरकार और PWD को फटकार लगा चुका है। उन्होंने इस पर न्यायालय का आभार जताया और माँग की कि जिम्मेदार अधिकारी तत्काल सुधारात्मक कदम उठाएँ।
राष्ट्र प्रेस
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