BJP विधायक अजय विश्नोई ने अपनी ही MP सरकार पर साधा निशाना, PWD में भ्रष्टाचार के लगाए गंभीर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के पाटन विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने 21 अगस्त को अपनी ही पार्टी की राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत बनी सड़कों की बदहाल स्थिति के लिए विभागीय भ्रष्टाचार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय भी खराब सड़कों को लेकर सरकार और PWD को फटकार लगा चुका है।
एक्स पर पोस्ट से उठाई आवाज़
विश्नोई ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक समाचार रिपोर्ट साझा करते हुए लिखा कि चाहे सड़कें PWD ने बनाई हों या PMGSY विभाग ने, दोनों की स्थिति समान रूप से खराब है। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों से परेशान जनता मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार को कोसती है और जवाबदेही के लिए स्थानीय विधायक का 'कॉलर पकड़ लेती है।' यह स्वीकारोक्ति उल्लेखनीय है — एक सत्तारूढ़ दल का विधायक खुद मान रहा है कि जनाक्रोश उसके दरवाज़े तक पहुँच रहा है।
भ्रष्टाचार का आरोप: टेंडर से लेकर निर्माण तक
मीडिया से बातचीत में विश्नोई ने विभागीय भ्रष्टाचार की पूरी कड़ी उजागर की। उनके अनुसार, ठेकेदार काम हासिल करने के लिए बेहद कम दरों पर टेंडर भरते हैं। इसके बाद अपना मुनाफा निकालने और कथित तौर पर विभागीय अधिकारियों को रिश्वत देने के बाद निर्माण के लिए पर्याप्त राशि नहीं बचती — नतीजतन घटिया सड़कें बनती हैं जो कुछ ही महीनों में टूट जाती हैं। उन्होंने ठेकेदारों और विभाग के बीच होने वाले कथित लेन-देन पर भी गंभीर सवाल उठाए।
शाहपुरा-पाटन क्षेत्र की विशेष स्थिति
शाहपुरा-पाटन क्षेत्र का विशेष उल्लेख करते हुए विश्नोई ने बताया कि वहाँ सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण भारी वाहनों का दबाव वैकल्पिक मार्गों पर आ गया है। ये वैकल्पिक सड़कें भारी यातायात के लिए अनुकूल नहीं हैं, जिससे उनकी हालत और बिगड़ रही है और आम नागरिकों को रोज़ाना भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार को कई बार पत्र लिखने का दावा किया, लेकिन कहा कि स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
यह पहला मौका नहीं
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विश्नोई ने अपनी ही सरकार की सड़क परियोजनाओं पर सवाल खड़े किए हों। इससे पहले भी उन्होंने NH-45 पर क्षतिग्रस्त शाहपुरा रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत में देरी और राज्य बजट में शामिल होने के बावजूद जबलपुर-पाटन सड़क के चौड़ीकरण को प्राथमिकता न दिए जाने पर सरकार व PWD मंत्री की खुलकर आलोचना की थी। उनके अनुसार, इन लापरवाहियों के चलते लगातार दुर्घटनाएँ हो रही हैं।
आगे क्या होगा
विश्नोई ने खराब सड़कों पर सरकार को फटकार लगाने के लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का आभार जताया और माँग की कि जिम्मेदार अधिकारी तत्काल सुधारात्मक कदम उठाएँ। सत्तारूढ़ दल के भीतर से उठती यह आवाज़ राज्य सरकार के लिए राजनीतिक असहजता बढ़ा सकती है, खासकर तब जब विपक्ष इसे मुद्दा बनाने में देर नहीं करेगा।