2 अगस्त 2026
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जैश-ए-मोहम्मद सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद दुर्गापुर में भाजपा विधायक की अपील — किरायेदार की जाँच करें

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जैश-ए-मोहम्मद सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद दुर्गापुर में भाजपा विधायक की अपील — किरायेदार की जाँच करें

सारांश

पूर्वी बर्धमान में जैश-ए-मोहम्मद के कथित सहयोगी हमीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद दुर्गापुर में सतर्कता बढ़ी। BJP विधायक चंद्र शेखर बनर्जी ने तपाबन सिटी समेत कई परिसरों में जाकर निवासियों से किरायेदारों के दस्तावेज़ पुलिस में जमा कराने की अपील की — यह घटना पश्चिम बंगाल में बढ़ती आतंकी सक्रियता की चिंताओं के बीच आई है।

मुख्य बातें

31 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल STF ने पूर्वी बर्धमान के रेनेसाँ हाउसिंग से जैश-ए-मोहम्मद के कथित सहयोगी हमीम मंडल और अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया।
STF के अनुसार, जैश ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विरोध रैली में गड़बड़ी की साजिश बनाई थी।
दुर्गापुर पूर्व के BJP विधायक चंद्र शेखर बनर्जी ने 2 अगस्त को तपाबन सिटी समेत कई आवासीय परिसरों का दौरा किया।
विधायक ने निवासियों से किरायेदारों के आधार कार्ड और वोटर आईडी की प्रति स्थानीय पुलिस थाने में जमा कराने को कहा।
2024 में भी कांकसा से STF ने बांग्लादेशी चरमपंथी संगठन से कथित संबंध के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया था।

पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले में जैश-ए-मोहम्मद के कथित सहयोगी हमीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद दुर्गापुर पूर्व निर्वाचन क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक चंद्र शेखर बनर्जी ने रविवार, 2 अगस्त को क्षेत्र के निवासियों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने लोगों से कहा कि वे अपनी संपत्ति किराए पर देने से पहले किरायेदार की पृष्ठभूमि की अनिवार्य रूप से जाँच करें और ज़रूरी दस्तावेज स्थानीय पुलिस थाने में जमा कराएँ।

विधायक का दौरा और चेतावनी

विधायक चंद्र शेखर बनर्जी ने दुर्गापुर के कई आवासीय परिसरों और सोसायटियों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से कांकसा इलाके में स्थित 'तपाबन सिटी' — दुर्गापुर के सबसे बड़े रिहायशी कॉम्प्लेक्स — के निवासियों से मुलाकात की। इस बहुमंजिला परिसर में कई टावर हैं और यहाँ हज़ारों परिवार रहते हैं, जिनमें देश के विभिन्न हिस्सों से काम के सिलसिले में आए लोग शामिल हैं।

बनर्जी ने निवासियों को संबोधित करते हुए कहा, 'अगर आप अपना फ्लैट किराए पर देते हैं, तो किरायेदार के आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड की प्रति स्थानीय पुलिस थाने में जमा करें। साथ ही, यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नज़र आए, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।'

हमीम मंडल की गिरफ्तारी — पृष्ठभूमि

31 जुलाई को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पूर्वी बर्धमान जिले के रेनेसाँ हाउसिंग में किराए के मकान से हमीम मंडल को गिरफ्तार किया। जाँच एजेंसियों के अनुसार, मंडल जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा कथित सहयोगी है। उसके साथ उसकी सहयोगी अर्पिता सरकार को भी हिरासत में लिया गया।

STF ने शनिवार को खुलासा किया कि पूछताछ में सामने आया है कि जैश-ए-मोहम्मद ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा आयोजित एक विरोध रैली में गड़बड़ी फैलाने की योजना बनाई थी। यह जानकारी मंडल और सरकार की गिरफ्तारी एवं पूछताछ के बाद सामने आई।

तपाबन सिटी की पृष्ठभूमि और पुराने मामले

गौरतलब है कि तपाबन सिटी परिसर पहले भी सुर्खियों में रह चुका है। कुछ वर्ष पूर्व कोयला व्यापारी राजू झा से जुड़े एक मामले में एक आरोपी को इसी परिसर से गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, 2024 में पश्चिम बंगाल पुलिस की STF ने कांकसा से एक छात्र समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन पर बांग्लादेश के एक चरमपंथी संगठन से संबंध होने का कथित तौर पर संदेह था।

यह ऐसे समय में आया है जब पड़ोसी जिले में आतंकी सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने दुर्गापुर के आवासीय परिसरों को लेकर अपनी सतर्कता पहले से बढ़ा दी है।

प्रशासन और नागरिकों पर असर

हमीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद से स्थानीय प्रशासन ने बड़े आवासीय परिसरों की निगरानी कड़ी कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, किरायेदारों के दस्तावेज़ीकरण को लेकर पुलिस थानों को भी सक्रिय किया गया है। विधायक बनर्जी की इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को प्रशासनिक प्रयासों में भागीदार बनाना है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते नज़र रखी जा सके।

आने वाले दिनों में STF की जाँच के और निष्कर्ष सामने आने की उम्मीद है, जो इस मामले की व्यापकता को और स्पष्ट कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि किरायेदार सत्यापन की यह ज़िम्मेदारी केवल नागरिकों पर क्यों छोड़ी जा रही है, जबकि पुलिस प्रशासन के पास पहले से यह तंत्र मौजूद होना चाहिए। 2024 की कांकसा गिरफ्तारियों के बाद भी यही चेतावनियाँ दी गई थीं — तब से प्रणालीगत बदलाव कितना हुआ, यह स्पष्ट नहीं है। बिना संस्थागत किरायेदार-सत्यापन ढाँचे के, ये अपीलें महज़ प्रतीकात्मक बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हमीम मंडल कौन है और उसे कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
हमीम मंडल जैश-ए-मोहम्मद का कथित सहयोगी है, जिसे पश्चिम बंगाल STF ने 31 जुलाई 2026 को पूर्वी बर्धमान जिले के रेनेसाँ हाउसिंग में किराए के मकान से गिरफ्तार किया। उसके साथ सहयोगी अर्पिता सरकार को भी हिरासत में लिया गया।
BJP विधायक चंद्र शेखर बनर्जी ने दुर्गापुर निवासियों से क्या अपील की?
विधायक चंद्र शेखर बनर्जी ने 2 अगस्त को दुर्गापुर के आवासीय परिसरों का दौरा कर निवासियों से कहा कि वे किरायेदारों के आधार कार्ड और वोटर आईडी की प्रति स्थानीय पुलिस थाने में जमा कराएँ। साथ ही किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
STF ने जंतर-मंतर रैली से जुड़ी क्या जानकारी दी?
पश्चिम बंगाल STF ने शनिवार को खुलासा किया कि पूछताछ में सामने आया है कि जैश-ए-मोहम्मद ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा आयोजित एक विरोध रैली में गड़बड़ी फैलाने की साजिश बनाई थी। यह जानकारी हमीम मंडल और अर्पिता सरकार की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सामने आई।
तपाबन सिटी परिसर पहले भी विवादों में क्यों रहा है?
कांकसा स्थित तपाबन सिटी परिसर से कुछ वर्ष पूर्व कोयला व्यापारी राजू झा से जुड़े एक मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। 2024 में भी STF ने इसी इलाके से बांग्लादेशी चरमपंथी संगठन से कथित संबंध के आरोप में एक छात्र समेत छह लोगों को हिरासत में लिया था।
इस गिरफ्तारी के बाद दुर्गापुर में प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
हमीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय प्रशासन ने दुर्गापुर के बड़े आवासीय परिसरों की निगरानी बढ़ा दी है और पुलिस थानों को किरायेदार दस्तावेज़ीकरण के लिए सक्रिय किया गया है। STF की जाँच जारी है और आने वाले दिनों में और निष्कर्ष सामने आने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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