जैश-ए-मोहम्मद सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद दुर्गापुर में भाजपा विधायक की अपील — किरायेदार की जाँच करें
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले में जैश-ए-मोहम्मद के कथित सहयोगी हमीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद दुर्गापुर पूर्व निर्वाचन क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक चंद्र शेखर बनर्जी ने रविवार, 2 अगस्त को क्षेत्र के निवासियों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने लोगों से कहा कि वे अपनी संपत्ति किराए पर देने से पहले किरायेदार की पृष्ठभूमि की अनिवार्य रूप से जाँच करें और ज़रूरी दस्तावेज स्थानीय पुलिस थाने में जमा कराएँ।
विधायक का दौरा और चेतावनी
विधायक चंद्र शेखर बनर्जी ने दुर्गापुर के कई आवासीय परिसरों और सोसायटियों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से कांकसा इलाके में स्थित 'तपाबन सिटी' — दुर्गापुर के सबसे बड़े रिहायशी कॉम्प्लेक्स — के निवासियों से मुलाकात की। इस बहुमंजिला परिसर में कई टावर हैं और यहाँ हज़ारों परिवार रहते हैं, जिनमें देश के विभिन्न हिस्सों से काम के सिलसिले में आए लोग शामिल हैं।
बनर्जी ने निवासियों को संबोधित करते हुए कहा, 'अगर आप अपना फ्लैट किराए पर देते हैं, तो किरायेदार के आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड की प्रति स्थानीय पुलिस थाने में जमा करें। साथ ही, यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नज़र आए, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।'
हमीम मंडल की गिरफ्तारी — पृष्ठभूमि
31 जुलाई को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पूर्वी बर्धमान जिले के रेनेसाँ हाउसिंग में किराए के मकान से हमीम मंडल को गिरफ्तार किया। जाँच एजेंसियों के अनुसार, मंडल जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा कथित सहयोगी है। उसके साथ उसकी सहयोगी अर्पिता सरकार को भी हिरासत में लिया गया।
STF ने शनिवार को खुलासा किया कि पूछताछ में सामने आया है कि जैश-ए-मोहम्मद ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा आयोजित एक विरोध रैली में गड़बड़ी फैलाने की योजना बनाई थी। यह जानकारी मंडल और सरकार की गिरफ्तारी एवं पूछताछ के बाद सामने आई।
तपाबन सिटी की पृष्ठभूमि और पुराने मामले
गौरतलब है कि तपाबन सिटी परिसर पहले भी सुर्खियों में रह चुका है। कुछ वर्ष पूर्व कोयला व्यापारी राजू झा से जुड़े एक मामले में एक आरोपी को इसी परिसर से गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, 2024 में पश्चिम बंगाल पुलिस की STF ने कांकसा से एक छात्र समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन पर बांग्लादेश के एक चरमपंथी संगठन से संबंध होने का कथित तौर पर संदेह था।
यह ऐसे समय में आया है जब पड़ोसी जिले में आतंकी सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने दुर्गापुर के आवासीय परिसरों को लेकर अपनी सतर्कता पहले से बढ़ा दी है।
प्रशासन और नागरिकों पर असर
हमीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद से स्थानीय प्रशासन ने बड़े आवासीय परिसरों की निगरानी कड़ी कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, किरायेदारों के दस्तावेज़ीकरण को लेकर पुलिस थानों को भी सक्रिय किया गया है। विधायक बनर्जी की इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को प्रशासनिक प्रयासों में भागीदार बनाना है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते नज़र रखी जा सके।
आने वाले दिनों में STF की जाँच के और निष्कर्ष सामने आने की उम्मीद है, जो इस मामले की व्यापकता को और स्पष्ट कर सकते हैं।