मानसून सत्र में भाजपा सांसदों का विपक्ष पर हमला: 'संसद की गरिमा से खिलवाड़ बंद करो'
सारांश
मुख्य बातें
संसद के मानसून सत्र के दौरान 3 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई सांसदों ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि विपक्षी दल जानबूझकर संसद की कार्यवाही बाधित कर लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुँचा रहे हैं। भाजपा सांसदों ने यह भी कहा कि इस व्यवधान के बावजूद सरकार कुछ आवश्यक विधेयक पारित कराने में सफल रही।
मुख्य घटनाक्रम
भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने विपक्ष पर संसद का 'मजाक उड़ाने' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले 10-15 दिनों से विपक्ष ने सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चलने दी। उनके अनुसार सरकार केवल कुछ अनिवार्य विधेयक — जिनमें नीट पेपर लीक से संबंधित विधेयक भी शामिल है — किसी तरह पारित करा सकी।
मिश्रा ने जनता से सवाल करते हुए कहा कि यदि विपक्ष संसद में काम ही नहीं करना चाहता, तो जनता को यह सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा कि उसने उन्हें वोट क्यों दिया।
राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया
राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बरी किए जाने के फैसले पर मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि न्यायालय के निर्णय का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी पक्ष को फैसले पर आपत्ति है, तो वह उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में अपील कर सकता है, क्योंकि न्यायिक प्रक्रिया अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने भी इस फैसले का स्वागत किया और न्यायपालिका को निष्पक्ष बताया। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार बृजभूषण महिलाओं का सम्मान करते हैं।
समान नागरिक संहिता पर भाजपा का रुख
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर कहा कि एक देश में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए समान व्यवहार और समान आचरण आवश्यक है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू किया जा चुका है और असम भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। शर्मा के अनुसार इस व्यवस्था से सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलेंगे।
विपक्ष के रवैये पर कटाक्ष
दिनेश शर्मा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी नेता सदन में केवल कुछ समय के लिए आते हैं, नारेबाजी करते हैं और फिर बाहर जाकर प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि विपक्षी नेताओं को राजनीति छोड़कर किसी थिएटर ग्रुप में शामिल हो जाना चाहिए।
इसी क्रम में भाजपा नेता एस.पी. सिंह बघेल ने निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद किसी प्रकार का नाटक करने की जगह नहीं है और भगवा वस्त्र पहनकर संतों की नकल उतारना संसदीय गरिमा के अनुरूप नहीं है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र में बार-बार हो रहे व्यवधान को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि संसदीय कार्यवाही में बाधा का यह सिलसिला नया नहीं है, लेकिन इस बार भाजपा सांसदों की प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत तीखी रही। आगामी दिनों में सत्र की उत्पादकता और विपक्ष की रणनीति पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।