राहुल गांधी पर BJP का हमला: AI वीडियो से दिल्ली पुलिस को बदनाम करने का आरोप, नदीम अहमद गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 6 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित BJP मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को झूठे नैरेटिव से बदनाम करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि एक AI-जनरेटेड फर्जी वीडियो के ज़रिए दिल्ली पुलिस को निशाना बनाने की कोशिश की गई, और इस वीडियो का निर्माता नदीम अहमद नामक कंटेंट क्रिएटर अब गिरफ्तार हो चुका है।
क्या है पूरा मामला
भंडारी के अनुसार, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस ने एक महिला पत्रकार के साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। इस आरोप के आधार बने वीडियो की जाँच में यह सामने आया कि वह वीडियो नदीम अहमद नामक एक कंटेंट क्रिएटर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किया था। दिल्ली पुलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस तथ्य को सार्वजनिक किया।
BJP प्रवक्ता ने दावा किया कि फर्जी वीडियो के उजागर होने के बाद राहुल गांधी ने अपनी वह सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट नहीं की और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया। भंडारी के अनुसार, यह कांग्रेस के उस तंत्र का हिस्सा है जो स्वतंत्र कंटेंट क्रिएटर्स के ज़रिए फर्जी नैरेटिव तैयार कर 24 घंटे फैलाता है।
BJP के तीखे सवाल
भंडारी ने राहुल गांधी से चार सीधे सवाल पूछे। पहला — जब वीडियो AI-जनरेटेड और फर्जी साबित हुआ तो पोस्ट डिलीट क्यों नहीं की गई? दूसरा — क्या यह फर्जी वीडियो बनवाने का आदेश कांग्रेस के IT सेल ने दिया था? तीसरा — क्या यह उन पत्रकारों के साथ अन्याय नहीं है जो ज़मीन पर जाकर जिम्मेदारीपूर्वक रिपोर्टिंग करते हैं? चौथा — क्या कांग्रेस का यह तंत्र देश के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारिता को बदनाम करने का प्रयास नहीं कर रहा?
उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति इस फर्जी वीडियो के निर्माण से जुड़ा बताया गया — नदीम अहमद — दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई कर चुका है और उसे कथित तौर पर संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ अशांति फैलाने के उद्देश्य से यह काम सौंपा गया था।
BJP का व्यापक आरोप: एक पैटर्न
भंडारी ने इसे एक अलग-थलग घटना नहीं, बल्कि 'स्थापित पैटर्न' करार दिया। उनका कहना था कि कांग्रेस का मुख्य एजेंडा झूठे नैरेटिव के ज़रिए देश में अराजकता फैलाना है और संवैधानिक ढाँचे — जैसे पुलिस और न्यायपालिका — को कमज़ोर करना है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकतंत्र बचाने के लिए नहीं, बल्कि अपने परिवार को सत्ता में लाने के लिए राजनीति में हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर AI-जनरेटेड सामग्री और फर्जी खबरों को लेकर बहस पहले से तेज़ है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी राजनीतिक दल ने दूसरे पर डिजिटल दुष्प्रचार का आरोप लगाया हो — दोनों प्रमुख दलों पर इस तरह के आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया और आगे क्या
इस संवाददाता सम्मेलन तक कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी। नदीम अहमद की गिरफ्तारी के बाद मामले की आगे की जाँच दिल्ली पुलिस के हाथ में है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत में इस मामले का घटनाक्रम क्या रुख लेता है और क्या कांग्रेस का कोई सीधा संस्थागत जुड़ाव साबित होता है।