6 अक्टूबर 2026
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राहुल गांधी पर BJP का हमला: AI वीडियो से दिल्ली पुलिस को बदनाम करने का आरोप, नदीम अहमद गिरफ्तार

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राहुल गांधी पर BJP का हमला: AI वीडियो से दिल्ली पुलिस को बदनाम करने का आरोप, नदीम अहमद गिरफ्तार

सारांश

BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का दावा है कि राहुल गांधी की एक सोशल मीडिया पोस्ट एक AI-निर्मित फर्जी वीडियो पर आधारित थी, जिसमें दिल्ली पुलिस पर यौन उत्पीड़न का आरोप था। वीडियो निर्माता नदीम अहमद की गिरफ्तारी के बाद BJP ने कांग्रेस से जवाब माँगा है — और राहुल गांधी की चुप्पी को ही बड़ा सियासी मुद्दा बना दिया है।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 6 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस पर एक महिला पत्रकार के यौन उत्पीड़न के प्रयास का आरोप लगाया था।
जाँच में सामने आया कि आरोप का आधार बने वीडियो को नदीम अहमद नामक कंटेंट क्रिएटर ने AI से तैयार किया था।
नदीम अहमद को गिरफ्तार किया जा चुका है; दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वीडियो के फर्जी होने की पुष्टि की।
BJP ने कांग्रेस से चार सवाल पूछे — पोस्ट डिलीट न करना, IT सेल की भूमिका, पत्रकारों के साथ अन्याय और संवैधानिक संस्थाओं पर हमले का पैटर्न।
इस संवाददाता सम्मेलन तक कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 6 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित BJP मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को झूठे नैरेटिव से बदनाम करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि एक AI-जनरेटेड फर्जी वीडियो के ज़रिए दिल्ली पुलिस को निशाना बनाने की कोशिश की गई, और इस वीडियो का निर्माता नदीम अहमद नामक कंटेंट क्रिएटर अब गिरफ्तार हो चुका है।

क्या है पूरा मामला

भंडारी के अनुसार, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस ने एक महिला पत्रकार के साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। इस आरोप के आधार बने वीडियो की जाँच में यह सामने आया कि वह वीडियो नदीम अहमद नामक एक कंटेंट क्रिएटर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किया था। दिल्ली पुलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस तथ्य को सार्वजनिक किया।

BJP प्रवक्ता ने दावा किया कि फर्जी वीडियो के उजागर होने के बाद राहुल गांधी ने अपनी वह सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट नहीं की और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया। भंडारी के अनुसार, यह कांग्रेस के उस तंत्र का हिस्सा है जो स्वतंत्र कंटेंट क्रिएटर्स के ज़रिए फर्जी नैरेटिव तैयार कर 24 घंटे फैलाता है।

BJP के तीखे सवाल

भंडारी ने राहुल गांधी से चार सीधे सवाल पूछे। पहला — जब वीडियो AI-जनरेटेड और फर्जी साबित हुआ तो पोस्ट डिलीट क्यों नहीं की गई? दूसरा — क्या यह फर्जी वीडियो बनवाने का आदेश कांग्रेस के IT सेल ने दिया था? तीसरा — क्या यह उन पत्रकारों के साथ अन्याय नहीं है जो ज़मीन पर जाकर जिम्मेदारीपूर्वक रिपोर्टिंग करते हैं? चौथा — क्या कांग्रेस का यह तंत्र देश के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारिता को बदनाम करने का प्रयास नहीं कर रहा?

उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति इस फर्जी वीडियो के निर्माण से जुड़ा बताया गया — नदीम अहमद — दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई कर चुका है और उसे कथित तौर पर संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ अशांति फैलाने के उद्देश्य से यह काम सौंपा गया था।

BJP का व्यापक आरोप: एक पैटर्न

भंडारी ने इसे एक अलग-थलग घटना नहीं, बल्कि 'स्थापित पैटर्न' करार दिया। उनका कहना था कि कांग्रेस का मुख्य एजेंडा झूठे नैरेटिव के ज़रिए देश में अराजकता फैलाना है और संवैधानिक ढाँचे — जैसे पुलिस और न्यायपालिका — को कमज़ोर करना है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकतंत्र बचाने के लिए नहीं, बल्कि अपने परिवार को सत्ता में लाने के लिए राजनीति में हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर AI-जनरेटेड सामग्री और फर्जी खबरों को लेकर बहस पहले से तेज़ है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी राजनीतिक दल ने दूसरे पर डिजिटल दुष्प्रचार का आरोप लगाया हो — दोनों प्रमुख दलों पर इस तरह के आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया और आगे क्या

इस संवाददाता सम्मेलन तक कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी। नदीम अहमद की गिरफ्तारी के बाद मामले की आगे की जाँच दिल्ली पुलिस के हाथ में है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत में इस मामले का घटनाक्रम क्या रुख लेता है और क्या कांग्रेस का कोई सीधा संस्थागत जुड़ाव साबित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतनी ही जाँच दूसरे पक्ष की भी होनी चाहिए। नदीम अहमद की गिरफ्तारी वीडियो के फर्जी होने की पुष्टि करती है, लेकिन कांग्रेस और उसके IT सेल का सीधा संस्थागत संबंध अभी तक केवल BJP का आरोप है, न कि अदालत में साबित तथ्य। राहुल गांधी की चुप्पी राजनीतिक रूप से महँगी पड़ सकती है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि AI-जनित दुष्प्रचार रोकने के लिए संसद में अब तक कोई ठोस कानूनी ढाँचा नहीं बना — और इसकी जिम्मेदारी किसी एक दल की नहीं।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने एक AI-जनरेटेड फर्जी वीडियो के आधार पर दिल्ली पुलिस पर महिला पत्रकार के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया और वीडियो फर्जी साबित होने के बाद भी अपनी सोशल मीडिया पोस्ट नहीं हटाई। उन्होंने इसे संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने के 'स्थापित पैटर्न' का हिस्सा बताया।
नदीम अहमद कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
नदीम अहमद एक कंटेंट क्रिएटर हैं जिन पर आरोप है कि उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर एक फर्जी वीडियो बनाया, जिसमें दिल्ली पुलिस को एक महिला पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार करते दिखाया गया था। दिल्ली पुलिस की जाँच में वीडियो के AI-जनरेटेड होने की पुष्टि के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और जिसके आधार पर पुलिस पर आरोप लगाए गए, वह AI से तैयार किया गया फर्जी वीडियो था। पुलिस ने कहा कि इस मामले में नदीम अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया है।
क्या कांग्रेस ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी?
BJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस के समय तक कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। राहुल गांधी की ओर से भी इस मामले पर अभी तक सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
BJP के अनुसार कांग्रेस का 'फर्जी नैरेटिव पैटर्न' क्या है?
BJP का आरोप है कि कांग्रेस स्वतंत्र कंटेंट क्रिएटर्स के ज़रिए फर्जी सामग्री तैयार करवाती है और फिर उसे 24 घंटे अलग-अलग सोशल मीडिया हैंडल के ज़रिए फैलाया जाता है, ताकि पुलिस जैसी संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब हो। हालाँकि, यह आरोप अभी BJP का एकतरफा बयान है और अदालत में इसकी पुष्टि होना बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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